WhatsApp: व्हाट्सएप के यूजर नीति में बदलाव की समीक्षा कर रही केंद्र सरकार

Published by Razak Mohammad on

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केंद्र सरकार व्हाट्सएप द्वारा हाल ही में किए गए उपभोक्ताओं की निजता नीति में बदलाव की समीक्षा कर रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने बदलाव का आकलन करने का फैसला उपभोक्ताओं की चिंताओं को देखते हुए लिया है। व्हाट्सएप द्वारा अपने उपभोक्ताओं का डाटा फेसबुक के अन्य उत्पादों और सेवाओं से जोड़ने के विवादास्पद एलान को लेकर दुनियाभर में निजता भंग होने पर बहस छिड़ी हुई है।

सूत्रों का कहना है कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में फेसबुक के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के हालिया कदम के असर पर विचार-विमर्श चल रहा है। सूत्रों ने कहा कि इस मुद्दे पर विस्तार से समीक्षा किए जाने की जरूरत है। कारोबार जगत के कई दिग्गजों समेत बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने व्हाट्एस के हालिया कदम को लेकर चिंता जताई है। देश में व्हाट्सएप के उपभोक्ताओं की संख्या 40 करोड़ से अधिक है। भारत वैश्विक स्तर पर व्हाट्सएप के सबसे बड़े बाजारों में से एक है।

सूत्रों के मुताबिक, व्हाट्सएप की नीति में बदलाव का मौजूदा कानूनी रूपरेखा के परिप्रेक्ष्य में आकलन किया जाएगा। हालांकि आईटी मंत्रालय ने अभी तक व्हाट्सएप से किसी तरह का स्पष्टीकरण नहीं मांगा है लेकिन इस बारे में जल्द फैसला लिया जा सकता है। देश में डाटा सुरक्षा को लेकर फिलहाल कोई कानून नहीं है। इसके चलते भी सरकार को ज्यादा चिंता है। फेसबुक पर कैंब्रिज एनालिटिका डाटा चोरी का मामला पहले से ही चल रहा है और इसकी जांच की जा रही है।

व्हाट्सएप ने पिछले हफ्ते उपभोक्ताओं को ‘इन-एप’ अधिसूचना के जरिए इन बदलावों की सूचना दी थी। कंपनी ने कहा है कि उसके प्लेटफार्म का इस्तेमाल जारी रखने के लिए उपभोक्ताओं को नई शर्तों और नीति पर आठ फरवरी तक सहमति देनी होगी। इसके बाद व्हाट्सएप द्वारा फेसबुक के साथ प्रयोगकर्ताओं की सूचना को साझा करने को लेकर इंटरनेट पर बड़ी संख्या में ‘मीम्स’ चल रहे हैं। एलन मश्क, आनंद महिंद्रा, विजय शेखर शर्मा, समीर निगम जैसी बड़ी हस्तियों के साथ ही बड़ी संख्या में लोग व्हाट्सएप डिलीट कर टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफार्म पर जा रहे हैं।

हम सरकार के किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार : व्हाट्सएप
इस बीच निजता नीति में बदलाव को लेकर लोगों के निशाने पर आए व्हाट्सएप ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह इस मुद्दे पर सरकार के किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। साथ ही कहा कि वह इस बात से भी अवगत है कि उसे उपभोक्ताओं के विश्वास के साथ ही सिग्नल जैसे प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से भी मुकाबला करना है।

व्हाट्सएप प्रमुख विल कैथर्ट ने कहा कि फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी भारत के सभी उपभोक्ताओं की निजता और सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है और उन्हें यह बताना चाहती है कि उनके संदेश पहले की तरह ही एंड-टू-एंड इनक्रिप्टेड हैं। साथ ही नीति बदलाव के बाद व्हाट्सएप छोड़कर टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफार्म पर बड़ी संख्या में लोगों के जाने पर उन्होंने कहा कि हमें पता है कि हमें उपभोक्ताओं के विश्वास को बनाए रखना है।

प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से चुनौती मिलने पर उन्होंने नकारात्मकता में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। व्हाट्सएप पर विश्वास जताने और उपयोग करने के लिए हम लोगों के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि निजता के मुद्दे पर प्रतिस्पर्धा होना अच्छा है क्योंकि यह विभिन्न एप को और अधिक सुरक्षित और गोपनीय बनाने में मदद करेगा।

केंद्र सरकार व्हाट्सएप द्वारा हाल ही में किए गए उपभोक्ताओं की निजता नीति में बदलाव की समीक्षा कर रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने बदलाव का आकलन करने का फैसला उपभोक्ताओं की चिंताओं को देखते हुए लिया है। व्हाट्सएप द्वारा अपने उपभोक्ताओं का डाटा फेसबुक के अन्य उत्पादों और सेवाओं से जोड़ने के विवादास्पद एलान को लेकर दुनियाभर में निजता भंग होने पर बहस छिड़ी हुई है।

सूत्रों का कहना है कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में फेसबुक के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के हालिया कदम के असर पर विचार-विमर्श चल रहा है। सूत्रों ने कहा कि इस मुद्दे पर विस्तार से समीक्षा किए जाने की जरूरत है। कारोबार जगत के कई दिग्गजों समेत बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने व्हाट्एस के हालिया कदम को लेकर चिंता जताई है। देश में व्हाट्सएप के उपभोक्ताओं की संख्या 40 करोड़ से अधिक है। भारत वैश्विक स्तर पर व्हाट्सएप के सबसे बड़े बाजारों में से एक है।

सूत्रों के मुताबिक, व्हाट्सएप की नीति में बदलाव का मौजूदा कानूनी रूपरेखा के परिप्रेक्ष्य में आकलन किया जाएगा। हालांकि आईटी मंत्रालय ने अभी तक व्हाट्सएप से किसी तरह का स्पष्टीकरण नहीं मांगा है लेकिन इस बारे में जल्द फैसला लिया जा सकता है। देश में डाटा सुरक्षा को लेकर फिलहाल कोई कानून नहीं है। इसके चलते भी सरकार को ज्यादा चिंता है। फेसबुक पर कैंब्रिज एनालिटिका डाटा चोरी का मामला पहले से ही चल रहा है और इसकी जांच की जा रही है।

व्हाट्सएप ने पिछले हफ्ते उपभोक्ताओं को ‘इन-एप’ अधिसूचना के जरिए इन बदलावों की सूचना दी थी। कंपनी ने कहा है कि उसके प्लेटफार्म का इस्तेमाल जारी रखने के लिए उपभोक्ताओं को नई शर्तों और नीति पर आठ फरवरी तक सहमति देनी होगी। इसके बाद व्हाट्सएप द्वारा फेसबुक के साथ प्रयोगकर्ताओं की सूचना को साझा करने को लेकर इंटरनेट पर बड़ी संख्या में ‘मीम्स’ चल रहे हैं। एलन मश्क, आनंद महिंद्रा, विजय शेखर शर्मा, समीर निगम जैसी बड़ी हस्तियों के साथ ही बड़ी संख्या में लोग व्हाट्सएप डिलीट कर टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफार्म पर जा रहे हैं।

हम सरकार के किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार : व्हाट्सएप

इस बीच निजता नीति में बदलाव को लेकर लोगों के निशाने पर आए व्हाट्सएप ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह इस मुद्दे पर सरकार के किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। साथ ही कहा कि वह इस बात से भी अवगत है कि उसे उपभोक्ताओं के विश्वास के साथ ही सिग्नल जैसे प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से भी मुकाबला करना है।

व्हाट्सएप प्रमुख विल कैथर्ट ने कहा कि फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी भारत के सभी उपभोक्ताओं की निजता और सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है और उन्हें यह बताना चाहती है कि उनके संदेश पहले की तरह ही एंड-टू-एंड इनक्रिप्टेड हैं। साथ ही नीति बदलाव के बाद व्हाट्सएप छोड़कर टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफार्म पर बड़ी संख्या में लोगों के जाने पर उन्होंने कहा कि हमें पता है कि हमें उपभोक्ताओं के विश्वास को बनाए रखना है।

प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से चुनौती मिलने पर उन्होंने नकारात्मकता में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। व्हाट्सएप पर विश्वास जताने और उपयोग करने के लिए हम लोगों के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि निजता के मुद्दे पर प्रतिस्पर्धा होना अच्छा है क्योंकि यह विभिन्न एप को और अधिक सुरक्षित और गोपनीय बनाने में मदद करेगा।

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