WhatsApp को पछाड़ भारत का टॉप फ्री एप बना Signal, जानिए इसकी खासियत

Published by Razak Mohammad on

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 10 Jan 2021 11:25 AM IST

प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

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भारत में मैसेजिंग एप सिग्नल के यूजर्स व्हाट्सएप, फेसबुक की तुलना में कम थे। लेकिन हाल ही व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी आने के बाद से Signal Messaging App को धड़ल्ले से डाउनलोड किया जा रहा है। यही वजह है कि देखते ही देखते सिग्नल एप्पल एप पस्टोर पर व्हाट्सएप को पछाड़ कर भारत में शीर्ष फ्री एप बन गया। भारत के अलावा यह जर्मनी, फ्रांस, आस्ट्रिया, फिनलैंड, हांगकांग और स्विट्जरलैंड में WhatsApp को पछाड़ कर टॉप पर आ गया है। वहीं जर्मनी और हंगरी में Signal गूगल प्ले स्टोर में भी टॉप फ्री एप में अपनी जगह बनाने में कामयाब हो गया है। आइए बताते हैं कि Signal एप क्यों बन रहा है लोगों की पसंद…

रॉयटर्स की रिपोर्ट में सेंसर टॉवर के डेटा के हवाले से बताया गया कि सिग्नल एप को पिछले दो दिन में एंड्राइड और iOS डिवाइसेज में 100,000 से भी ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है। साथ ही 2021 के पहले हफ्ते में व्हाट्सएप के नए इंस्टॉलेशन में 11 प्रतिशत की गिरावट आई है। 

एलन मस्क के ट्वीट से बढ़ी सिग्नल की लोकप्रियता 
इंस्टैंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप नई प्राइवेसी पाॅलिसी में किए गए बदलाव को लेकर कुछ समय से चर्चा में है। नई पॉलिसी में कहा गया है कि यूजर्स को अपने व्हाट्सएप अकाउंट का निजी डाटा फेसबुक के साथ शेयर करना होगा, अगर उपयोगकर्ता व्हाट्स की इस प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकार नहीं करेंगे, उनका अकाउंट अपने आप बंद हो जाएगा। इसके बाद, टेस्ला के सीईओ और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने ट्वीट कर बताया कि वह व्हाट्सएप का नहीं बल्कि सिग्नल एप का उपयोग करते हैं। इसके बाद से लोग लगातार सिग्नल एप को डाउनलोड कर रहे हैं। यही वजह है कि देखते ही देखते सिग्नल एप ने व्हाट्सएप को पीछे छोड़ दिया है।

सिगनल एप यूजर्स को मैसेज भेजने, ऑडियो और वीडियो कॉल्स करने, फोटोज, वीडियो और लिंक शेयर करने की सहूलियत देता है। एप का दावा है कि उसकी तरफ से यूजर के डेटा का ना के बराबर इस्तेमाल किया जाता है। यह यूजर्स के असुरक्षित बैकअप को क्लाउड पर भी नहीं भेजता और यह एनक्रिप्टेड डाटाबेस को आपके फोन में ही सिक्योर रखता है। साथ ही एप की सिक्योरिटी को अपने हिसाब से तय करने का विकल्प दिया गया है। Signal दिसंबर 2020 में ग्रुप वीडियो कॉलिंग का ऑप्शन भी लेकर आया है।

यह फीचर है सबसे खास 
सिग्नल एप में मुख्य खासियत है कि इसमें ‘डेटा लिंक्ड टू यू’ (Data Linked to You) फीचर दिया गया है। इस फीचर को इनेबल करने के बाद कोई भी चैटिंग के दौरान उस चैट का स्क्रीनशाॅट नहीं ले सकता। इससे स्पष्ट होता है कि यहां आपकी चैट को पूरी तरह से सिक्योर रखता है। 

गायब करता है पुराने मैसेज
सिग्नल एप की एक और खासियत पर नजर डालें, तो यह आपके पुराने मैसेज को ऑटोमेटिकली गायब करता है। इसके लिए यूजर्स 10 सेकेंड से लेकर एक हफ्ते तक का टाइम सेट कर सकते हैं। सेट किए गए टाइम के दौरान आपके मैसेज अपने आप गायब हो जाएंगे। बता दें कि व्हाट्सएप ने भी हाल ही में एक फीचर डिसअपिरिंग नाम से पेश किया था। 

भारत में मैसेजिंग एप सिग्नल के यूजर्स व्हाट्सएप, फेसबुक की तुलना में कम थे। लेकिन हाल ही व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी आने के बाद से Signal Messaging App को धड़ल्ले से डाउनलोड किया जा रहा है। यही वजह है कि देखते ही देखते सिग्नल एप्पल एप पस्टोर पर व्हाट्सएप को पछाड़ कर भारत में शीर्ष फ्री एप बन गया। भारत के अलावा यह जर्मनी, फ्रांस, आस्ट्रिया, फिनलैंड, हांगकांग और स्विट्जरलैंड में WhatsApp को पछाड़ कर टॉप पर आ गया है। वहीं जर्मनी और हंगरी में Signal गूगल प्ले स्टोर में भी टॉप फ्री एप में अपनी जगह बनाने में कामयाब हो गया है। आइए बताते हैं कि Signal एप क्यों बन रहा है लोगों की पसंद…

रॉयटर्स की रिपोर्ट में सेंसर टॉवर के डेटा के हवाले से बताया गया कि सिग्नल एप को पिछले दो दिन में एंड्राइड और iOS डिवाइसेज में 100,000 से भी ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है। साथ ही 2021 के पहले हफ्ते में व्हाट्सएप के नए इंस्टॉलेशन में 11 प्रतिशत की गिरावट आई है। 

एलन मस्क के ट्वीट से बढ़ी सिग्नल की लोकप्रियता 

इंस्टैंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप नई प्राइवेसी पाॅलिसी में किए गए बदलाव को लेकर कुछ समय से चर्चा में है। नई पॉलिसी में कहा गया है कि यूजर्स को अपने व्हाट्सएप अकाउंट का निजी डाटा फेसबुक के साथ शेयर करना होगा, अगर उपयोगकर्ता व्हाट्स की इस प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकार नहीं करेंगे, उनका अकाउंट अपने आप बंद हो जाएगा। इसके बाद, टेस्ला के सीईओ और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने ट्वीट कर बताया कि वह व्हाट्सएप का नहीं बल्कि सिग्नल एप का उपयोग करते हैं। इसके बाद से लोग लगातार सिग्नल एप को डाउनलोड कर रहे हैं। यही वजह है कि देखते ही देखते सिग्नल एप ने व्हाट्सएप को पीछे छोड़ दिया है।


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व्हाट्सएप से इसलिए अलग है सिग्नल एप 

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Categories: Himachal Pradesh

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