Nearly 1.75 crore small businesses on verge of closure: CAIT | कोविड-19 महामारी के कारण 1.75 करोड़ छोटे कारोबार बंदी की कगार पर, पीएम मोदी से मांगी मदद

Published by Razak Mohammad on

नई दिल्ली14 घंटे पहले

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कोरोना का कारण ग्राहक गायब है। इस कारण बाजार सूने पड़े हैं। दुकानदार दिनभर ग्राहकों का इंतजार करते रहते हैं। (सांकेतिक तस्वीर)

  • केवल 7 फीसदी कारोबारियों को बैंकों से फंड उपलब्ध हुआ
  • राहत के लिए पैकेज पीएम मोदी से पैकेज देने का अनुरोध

व्यापारिक संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) का कहना है कि कोविड-19 महामारी के चलते छोटी दुकानों और कारोबार सबसे खराब हालातों से गुजर रहे हैं। इसमें से करीब 25 फीसदी या 1.75 करोड़ छोटे कारोबार बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं।

यह दशक के सबसे खराब दिन

कैट की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कोविड-19 के कारण देश का घरेलू कारोबार इस दशक के सबसे खराब दिनों का सामना कर रहा है। इस कारण कारोबारी घुटने पर आ गए हैं। निकट भविष्य में इस संकट से राहत मिलने के भी संकेत नहीं दिख रहे हैं। कैट ने कहा कि देश के 7 करोड़ से ज्यादा छोटे कारोबारी 40 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार देते हैं।

बैंकिंग सेक्टर छोटे कारोबारियों को फंड उपलब्ध कराने में विफल

कैट ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर छोटे कारोबारियों को फंड उपलब्ध कराने में विफल रहा है। अभी तक केवल 7 फीसदी छोटे कारोबारी ही बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से फंड जुटाने में कामयाब रहे हैं। शेष 93 फीसदी कारोबारी अपनी वित्तीय जरूरतें पूरी करने के लिए अनौपचारिक क्षेत्र पर निर्भर हैं।

कारोबारियों पर कई प्रकार के भुगतान की जिम्मेदारी

कैट के मुताबिक, छोटे कारोबारियों पर कई प्रकार के भुगतान की जिम्मेदारी है। इसमें केंद्र और राज्यों के टैक्स, औपचारिक और अनौhचारिक क्षेत्र से लिए गए लोन का मासिक भुगतान, ईएमआई, पानी और बिजली बिल, प्रॉपर्टी टैक्स, ब्याज का भुगतान, कर्मचारियों के वेतन का भुगतान और अन्य प्रकार के भुगतान शामिल हैं।

पीएम से तुरंत हस्तक्षेप का अनुरोध

कैट ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुरंत हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। साथ ही कारोबार को रिवाइव करने में मदद करने के लिए तुरंत पैकेज की घोषणा करने की मांग की है। आपको बता दें कि कैट इससे पहले भी छोटे कारोबारियों की समस्याएं उठाता रहा है।

बाजार से गायब हैं ग्राहक

पहले लॉकडाउन और अब कोरोना संक्रमण के कारण ग्राहकों ने बाजार से दूर बना रखी है। इस कारण सामान की बिक्री नहीं हो पा रही है। बिक्री ना होने के कारण दुकानों का खर्च भी नहीं निकल पा रहा है। ग्रामीण के मुकाबले शहरी क्षेत्र के बाजार सूने पड़े हैं। वहीं, बहुत सारे दुकानदार कोरोना के डर से दुकान ही नहीं खोल रहे हैं।

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