Govt extends deadline for merchant bankers to bid for IRCTC till Sep 14 | आईआरसीटीसी में हिस्सेदारी खरीदने के लिए 14 तक निविदा जमा कर सकते हैं मर्चेंट बैंकर, सरकार ने तारीख बढ़ाई

Published by Razak Mohammad on

नई दिल्ली15 घंटे पहले

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डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (दीपम) ने आईआरसीटीसी की 15 से 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए पिछले महीने निविदा मंगाई थी।

  • आईआरसीटीसी में सरकार की 87.40% हिस्सेदारी
  • 15 से 20 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकती है सरकार

केंद्र सरकार ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) की हिस्सेदारी बिक्री के लिए निविदा जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। अब मर्चेंट बैंक आईआरसीटीसी की हिस्सेदारी खरीदने के लिए 14 सितंबर तक निविदा जमा कर सकते हैं।

पिछले महीने मंगाई थी निविदा

डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (दीपम) ने आईआरसीटीसी की 15 से 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए पिछले महीने निविदा मंगाई थी। इसके तहत मर्चेंट बैंकर 10 सितंबर तक निविदा जमा कर सकते थे। सरकार की योजना ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए आईआरसीटीसी की हिस्सेदारी बेचने की है। दीपम की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अब निविदा जमा करने की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 14 सितंबर कर दिया गया है। दीपम केंद्र सरकार की ओर से हिस्सेदारी बिक्री का प्रबंधन करता है।

आईआरसीटीसी में सरकार की 87.40% हिस्सेदारी

मौजूदा समय में सरकार की आईआरसीटीसी में 87.40 फीसदी हिस्सेदारी है। सेबी के पब्लिक होल्डिंग नियमों के तहत सरकार को कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को घटाकर 75 फीसदी पर लाना है। इसके तहत ही सरकार हिस्सेदारी की बिक्री कर रही है। अक्टूबर 2019 में आईआरसीटीसी शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। कंपनी ने आईपीओ के जरिए 645 करोड़ रुपए जुटाए थे। शुक्रवार को आईआरसीटीसी के शेयर बीएसई में 1374.35 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुए थे।

रेलवे की एकमात्र आधिकारिक एंटिटी है आईआरसीटीसी

ट्रेनों में कैटरिंग सेवाएं देने, ट्रेन टिकटों की ऑनलाइन बिक्री, ट्रेनों और रेलवे स्टेशन पर पैकेज्ड ड्रिंक वाटर की आपूर्ति के लिए आईआरसीटीसी रेलवे की एकमात्र आधिकारिक एंटिटी है। आईआरसीटीसी की हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को चालू वित्त वर्ष में 2.10 लाख करोड़ रुपए के विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिल सकती है। विनिवेश के कुल लक्ष्य में से 1.20 लाख करोड़ पब्लिक सेक्टर कंपनियों की हिस्सेदारी बिक्री, अन्य 90 हजार करोड़ रुपए वित्तीय संस्थानों की हिस्सेदारी बिक्री से जुटाए जाने हैं।

एचएएल और बीडीएल की बिक्री से 5000 करोड़ रुपए जुटाए

ओएफएस के जरिए सरकार हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) की हिस्सेदारी बेच चुकी है। इससे सरकार को 5000 करोड़ रुपए मिले हैं। इसके अलावा सरकार इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्प लिमिटेड (आईआरएफसी) का आईपीओ लाने की योजना भी बना रही है। इसके लिए सरकार ने जनवरी में ड्राफ्ट रेड हियरिंग प्रॉस्पैक्टस सेबी के पास जमा किया था। इस आईपीओ के जरिए सरकार 140 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है।

पांच रेल कंपनियों की होनी है लिस्टिंग

केंद्रीय कैबिनेट ने अप्रैल 2017 में रेलवे की पांच कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट करने की मंजूरी दी थी। इसमें से चार कंपनियां- इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड, राइट्स लिमिटेड, रेल विकास निगम लिमिटेड और आईआरसीटीसी की लिस्टिंग हो चुकी है। अब सरकार आईआरएफसी की चालू वित्त वर्ष में लिस्टिंग कराना चाहती है।

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