FPIs are selling equity and buying bonds in september 2020 so far | भारत में इस महीने शेयर बेचकर बांड खरीदने में जुटे विदेशी निवेशक, 4 महीने बाद इक्विटी से मुंह मोड़ा, 6 महीने बाद डेट से नाता जोड़ा

Published by Razak Mohammad on

नई दिल्ली (संजय कुमार साह)4 घंटे पहले

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सरकार अपने वित्तीय घाटे को पूरा करने के लिए बांड बेच रही है, जिस पर निश्चित रिटर्न मिलने की गारंटी होती है, इसलिए विदेशी निवेशक डेट पर कर रहे हैं फोकस

  • विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने सितंबर में अब तक 3,510 करोड़ रुपए के शेयर बेचे
  • 1 से 11 सितंबर तक डेट बाजार में हुआ शुद्ध 1,422 करोड़ रुपए का एफपीआई निवेश

भारत में विदेशी निवेशक इन दिनों शेयर बेचकर डेट खरीदने में जुट गए हैं। पूरे चार महीने तक शेयरों में शुद्ध निवेश करने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने सितंबर के पहले 9 ट्रेडिंग सेशन में शेयरों में शुद्ध बिक्री की है। वहीं पूरे छह महीने तक लगातार डेट बाजार से पैसे निकालने के बाद एफपीआई ने 1 से 11 सितंबर तक डेट बाजार में शुद्ध निवेश किया है।

एंजल ब्रोकिंग में कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि देश की जीडीपी में बड़ी गिरावट के बाद सरकार अपने घाटे को पूरा करने के लिए बांड जारी कर बाजार से पैसे जुटा रही है। इन बांड्स में रिटर्न की पूरी गारंटी होती है। इसलिए विदेशी निवेशक इन दिनों बांड खरीद रहे हैं।

भारत में बांड पर आकर्षक रिटर्न विदेशी निवेशकों को डेट बाजार में कर रहा है आकर्षित

एक उदाहरण के साथ समझाते हुए गुप्ता ने बताया कि अमेरिकी बाजार में ब्याज दर लगभग शून्य चल रहा है। इधर भारत में सरकार या सरकारी कंपनियां करीब 8 फीसदी रिटर्न वाले बांड जारी कर रही हैं। ऐसे में विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिका में बेहद कम ब्याज पर पैसे उठाकर उसे भारत में करीब 8 फीसदी रिटर्न देने वाले बांड में लगाना काफी आकर्षक हो जाता है।

सितंबर में अब तक 349 करोड़ रुपए का शुद्ध एफपीआई निवेश

नेशनल सिक्युरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के आंकड़ों के मुताबिक एफपीआई ने भारतीय पूंजी बाजार (शेयर और डेट बाजार) में सितंबर के पहले 9 कारोबारी सत्रों में 349 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया। इस दौरान उन्होंने शेयर बाजार में 3,510 करोड़ रुपए की शुद्ध बिक्री की और डेट बाजार में 1,422 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। इसके अलावा डेट-वीआरआर में उन्होंने 50 करोड़ रुपए और हाइब्रिड सेगमेंट में 2,387 करोड़ रुपए लगाए।

शेयरों में चार महीने से हो रहे निवेश का सिलसिला टूटा

विदेशी निवेशक इस साल मई से लेकर अगस्त तक हर महीने भारत के शेयर बाजार में शुद्ध निवेशक बने हुए थे। मई में उन्होंने 14,569 करोड़ रुपए, जून में 21,832 करोड़ रुपए, जुलाई में 7,563 और अगस्त में 47,080 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की थी। इससे पहले मार्च और अप्रैल में उन्होंने क्रमश: 61,973 करोड़ रुपए और 6,884 करोड़ रुपए की बिक्री की थी। जनवरी और फरवरी में एफपीआई ने शेयरों की खरीदारी की थी।

डेट बाजार में 6 महीने से हो रही थी बिकवाली

डेट बाजार में इस साल मार्च से विदेशी निवेशकों ने किनारा किया हुआ था। मार्च में उन्होंने डेट बाजार से 60,376 करोड़ रुपए निकाले थे। इसी तरह अप्रैल में 12,552 करोड़ रुपए, मई में 22,935 करोड़ रुपए, जून में 1,545 करोड़ रुपए, जुलाई में 2,476 करोड़ रुपए और अगस्त में 3,310 करोड़ रुपए की विदेशी पूंजी डेट बाजार से निकली थी।

निवेशकों को इन 5 घटनाओं पर रखनी चाहिए नजर

गुप्ता के मुताबिक ये पांच घटनाएं आने वाले समय में बाजार की दिशा को तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। इसलिए निवेशकों को इन पर लगातार नजर बनाए रखनी चाहिए। ये हैं :

  • अमेरिका-चीन ट्रेड वार
  • अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव
  • दुनियाभर में कोरोनावायरस संक्रमण की स्थिति
  • मंदी से निपटने के लिए केंद्रीय बैंकों द्वारा अपनाई जाने वाली नीति
  • कोरोनावायरस संक्रमण को खत्म करने वाली दवाई या वैक्सीन से संबंधित घटनाक्रम

शेयर बाजार में इस महीने दिख सकता है उतार-चढ़ाव, क्योंकि अमेरिका में होने वाले चुनाव से पहले भारत में विदेशी निवेश की घट सकती है रफ्तार

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