FMCG firms may hike prices to offset inflationary pressure on raw material | घर चलाने के लिए खर्च करने होंगे ज्यादा पैसे, 4-5% तक महंगे हो सकते हैं घरेलू उत्पाद

Published by Razak Mohammad on

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नई दिल्ली11 मिनट पहले

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बीते तीन-चार महीनों में नारियल तेल, पाम तेल समेत सभी प्रकार के खाद्य तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

  • महंगे कच्चे माल के कारण कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही हैं FMCG कंपनियां
  • कीमतों में बढ़ोतरी ना की तो कंपनियों को ग्रॉस मार्जिन प्रभावित होने का डर

आने वाले दिनों में आपको घर चलाने के लिए ज्यादा रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं। इसका कारण यह है कि FMCG कंपनियां महंगे कच्चे माल को देखते अपने उत्पादों की कीमत बढ़ा सकती हैं। मैरिको समेत कई अन्य कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। वहीं डाबर, पारले और पतंजलि जैसी कंपनियां स्थिति पर नजदीक से नजरें बनाए हुए हैं।

कीमतों में बदलाव ना करने से ग्रॉस मार्जिन प्रभावित होगा

कई FMCG कंपनियां नारियल तेल, खाद्य तेल और पाम तेल जैसे कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी को वहन करने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन कीमतों में ज्यादा दिनों तक बदलाव नहीं करने से कंपनियों का ग्रॉस मार्जिन प्रभावित होगा। पारले प्रोडक्ट्स के सीनियर कैटेगरी हेड मयंक शाह का कहना है कि इनपुट कॉस्ट में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है। खासतौर पर बीते तीन-चार महीनों में खाद्य तेलों की कीमत तेजी से बढ़ी है। इससे हमारे मार्जिन और लागत पर दबाव बढ़ा है।

कच्चे माल की लागत बढ़ी तो कीमतों में बढ़ोतरी करेंगे: शाह

मयंक शाह का कहना है कि हमने अभी तक कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है। लेकिन हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यदि कच्चे माल की लागत और बढ़ती है तो हम अपने उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी करेंगे। शाह ने कहा कि खाद्य तेल सभी उत्पादों में इस्तेमाल होता है। इसलिए सभी उत्पादों की कीमत में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि कीमत में 4 से 5% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

चुनिंदा उत्पादों की कीमत में बढ़ोतरी संभव

डाबर इंडिया के CFO ललित मलिक का कहना है कि हाल के महीनों में आंवला और सोना जैसे कच्चे माल की कीमतों में थोड़ा उछाल आया है। मलिक का कहना है कि हम कुछ कमोडिटीज में महंगाई का दबाव झेल रहे हैं। कच्चे माल की कीमतों में तेजी को खुद वहन करने की कोशिश कर रहे हैं। मलिक ने कहा कि हम कुछ चुनिंदा उत्पादों की कीमतों में वृद्धि का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, यह बाजार के प्रतिस्पर्धी हालातों पर निर्भर करेगा।

पतंजलि आयुर्वेद भी बढ़ा सकती है कीमत

योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद “इंतजार करो और देखो (wait and watch)” की रणनीति अपना रही है। कंपनी ने अभी तक कीमत बढ़ाने पर अंतिम फैसला नहीं लिया है। हालांकि, कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी करने का संकेत दिया है। पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला का कहना है कि हम बाजार के उतार-चढ़ाव को खुद वहन करने का प्रयास करते हैं। लेकिन बाजार के कारक मजबूर करते हैं तो हम कीमतें बढ़ाने पर अंतिम फैसला लेंगे।

मैरिको ने बढ़ाई कीमत

सफोला और पैराशूट जैसे ब्रांड बेचने वाली कंपनी मैरिको महंगाई का दबाव झेल रही थी। इस कारण कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। पिछले सप्ताह तीसरी तिमाही के अपडेट में मैरिको ने कहा था कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कुछ कच्चे माल की कीमतों पर भारी दबाव था। इस कारण कंपनी को पैराशूट और सफोला खाद्य तेल पोर्टफोलियो की कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ी।

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