Covid-19 Bulletin: टीकाकरण की तैयारियां जोरों पर, भारत में वैक्सीन सबसे किफायती

Published by Razak Mohammad on


स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण
– फोटो : एएनआई (फाइल)

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देश में कोविड-19 वैश्विक महामारी की स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। यहां स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। उन्होंने बताया कि देश में अब कोरोना के 2.2 लाख से भी कम सक्रिय मरीज रह गए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल दो राज्य ऐसे हैं जहां सक्रिय मामले 50 हजार से ज्यादा हैं। ये दो राज्य महाराष्ट्र और केरल हैं। केरल में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 63,547 और महाराष्ट्र में 53,463 है। मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना के कुल 1.04 करोड़ मामले सामने आए हैं। इनमें से 2.16 लाख सक्रिय मामले हैं। वहीं, देश में कोरोना के चलते 1.51 लाख लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही अब तक 18.2 करोड़ जांच की गई हैं।

देश में कोरोना वायरस वैक्सीनों को उपयोग की अनुमति को लेकर भूषण ने कहा कि दो कोविड-19 वैक्सीनों- कोविशील्ड और कोवाक्सिन- को आपात उपयोग की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा दोनों वैक्सीनों की सुरक्षा और प्रतिरक्षाजनकता सिद्ध हुई है। देश में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान की शुरुआत 16 जनवरी से होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बताया है।

जायडस कैडिला के दूसरे चरण का ट्रायल दिसंबर में पूरा हो गया था। इसके तीसरे चरण के ट्रायल चल रहे हैं। रूस की वैक्सीन स्पुतनिक वी के तीसरे चरण के ट्रायल चल रहे हैं। तीसरी संभावित वैक्सीन बायोलॉजिकल ई की है जिसके पहले चरण के ट्रायल दिसंबर में शुरू हुए थे जो अभी जारी हैं। इसके दूसरे चरण के ट्रायल मार्च में शुरू हो सकते हैं। चौथी वैक्सीन पुणे की कंपनी जेनोवा की है, इसके पहले चरण के ट्रायल की शुरुआत हो गई है।

भूषण ने भारत और दुनिया की अन्य वैक्सीनों की कीमतों में अंतर की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन की एक खुराक की कीमत 1431 रुपये है। मॉडर्ना की वैक्सीन की एक खुराक की संभावित कीमत 2348 से 2715 रुपये तक रहेगी। सिनोफार्म की वैक्सीन की एक खुराक के लिए 5650 रुपये से भी अधिक दाम चुकाने होंगे। सिनवैक बायोटेक की वैक्सीन की एक खुराक की कीमत 1027 रुपये है। जबकि भारत में कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत 200 रुपये प्रति खुराक रखी गई है।

सचिव ने बताया कि भारत सरकार ने सीरम संस्थान से 200 रुपये प्रति खुराक (जीएसटी अतिरिक्त) की दर से कोविशील्ड वैक्सीन की 110 लाख खुराकों की खरीद का ऑर्डर दिया है। इसके अलावा कोवैक्सीन की 55 लाख खुराकों की खरीद बीबीआईएल से की जा रही है। बीबीआईएल 16.5 लाख खुराकें केंद्र सरकार को मुफ्त में उपलब्ध करा रही है। कोवैक्सीन की एक खुराक की कीमत 206 रुपये पड़ रही है।

टीकाकरण की तैयारियों के संदर्भ में राजेश भूषण ने बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तैयारियों को लेकर नजदीकी संपर्क बना हुआ है। 16 जनवरी को शुरू होने वाले अभियान के लिए सभी तैयारियां सही रास्ते पर हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्यों के साथ 26 वर्चुअल बैठकें/प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। अब तक 2360 मास्टर ट्रेनर, 61 हजार प्रोग्राम मैनेजर, दो लाख वैक्सीनेटर और 3.7 लाख अन्य वैक्सीनेशन दल सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है।

भूषण ने बताया कि भारत सरकार ने वैक्सीनों के भंडारण के लिए चार बड़े स्टोर (जीएनएमएसडी) बनाए हैं। ये करनाल, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई स्थित हैं। सभी राज्यों में कम से कम एक क्षेत्रीय वैक्सीन स्टोर तैयार किया गया है। इसके अलावा जो बड़े राज्य हैं वहां स्टोर की संख्या बढ़ाई गई है। इसके अनुसार उत्तर प्रदेश में नौ, मध्यप्रदेश और गुजरात में चार, केरल में तीन, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक और राजस्थान में दो स्टोर हैं। 14 जनवरी तक सभी खुराकों की खरीद पूरी हो जाएगी।

राजेश भूषण ने कहा कि राज्यों से अपील है कि 16 जनवरी से कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत के लिए सभी लॉजिस्टिक्स पूरी तरह से तैयार रहें। लोगों को इसके प्रति प्रोत्साहित करें और बताएं कि वैक्सीन सुरक्षित हैं। अफवाहों को फैलने न दें। वैक्सीन की दो खुराकों के बीच 28 दिन का अंतर रहेगा। दूसरी खुराक लेने के 14 दिन के बाद असर दिखना शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही लोगों को कोविड-19 महामारी के अनुसार व्यवहार करने के लिए प्रेरित करें।

स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दो खुराकों के बीच 28 दिन का अंतर रहना है। दूसरी खुराक लेने के 14 दिन बाद ही वैक्सीन का असर दिखेगा। इसलिए कोविड के अनुरूप व्यवहार अनिवार्य हैं। ऐसी बातें दिमाग से निकाल दें कि मुझे वैक्सीन लग गई है और अब मुझे मास्क पहनने या शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करने की जरूरत नहीं है। वैक्सीन की दोनों खुराकें लेने के बाद भी कोविड के अनुरूप व्यवहार किया जाना बहुत जरूरी है।

प्रेस वार्ता में मौजूद नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने दोनों वैक्सीनों (कोवैक्सीन और कोविशील्ड) को स्वीकृति और समर्थन दिया है। मैं इसके लिए उनका आभार जताता हूं। डॉ. पॉल ने कहा कि दोनों वैक्सीनों को आपात उपयोग की अनुमति दी गई है और इनकी सुरक्षा पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए। इन वैक्सीनों की सुरक्षा की जांच हजारों लोगों पर की गई है और दुष्प्रभाव नगण्य हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन से किसी भी तरह के गंभीर दुष्प्रभाव का कोई खतरा नहीं है।

डॉ. पॉल ने बताया कि एक टीकाकरण टीम में पांच सदस्य होंगे। इनमें से एक वैक्सीन देने वाला और चार अन्य मदद के लिए होंगे। उन्होंने कहा की टीकाकरण के लिए जनभागीदारी की आवश्यकता है। इस सवाल पर कि किया वैक्सीन लगवाने वाले को कोवैक्सीन या कोविशील्ड में कौन सी वैक्सीन लगवाएं इसका चुनाव करने अधिकार होगा, राजेश भूषण ने कहा कि कई देशों में एक से अधिक वैक्सीनों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन देशों में ऐसा हो रहा है वहां वैक्सीन लगवाने वाले को ऐसा कोई विकल्प नहीं दिया गया है।

सार

  • देश में कोरोना की स्थिति और टीकाकरण पर स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेसवार्ता
  • भारत में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 2.2 लाख से भी कम रह गई
  • दुनिया की अन्य वैक्सीनों की तुलना में भारत की वैक्सीन अधिक किफायती
  • स्वास्थ्य और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों के टीकाकरण का खर्च केंद्र उठाएगा
  • टीका लगने के बाद भी कोविड के अनुरूप व्यवहार करना है बहुत जरूरी
  • वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क लगाएं और शारीरिक दूरी का पालन करें

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देश में कोविड-19 वैश्विक महामारी की स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। यहां स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। उन्होंने बताया कि देश में अब कोरोना के 2.2 लाख से भी कम सक्रिय मरीज रह गए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल दो राज्य ऐसे हैं जहां सक्रिय मामले 50 हजार से ज्यादा हैं। ये दो राज्य महाराष्ट्र और केरल हैं। केरल में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 63,547 और महाराष्ट्र में 53,463 है। मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना के कुल 1.04 करोड़ मामले सामने आए हैं। इनमें से 2.16 लाख सक्रिय मामले हैं। वहीं, देश में कोरोना के चलते 1.51 लाख लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही अब तक 18.2 करोड़ जांच की गई हैं।


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