Corporate America is finally divorcing Trump | डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिका के बिजनेस लीडर्स के संबंध टूटे, टैक्स कटौती का लालच देकर सत्ता में आए थे

Published by Razak Mohammad on

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नई दिल्ली9 घंटे पहले

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हाल ही में अमेरिकी संसद परिसर पर ट्रम्प समर्थकों के हमलों ने बिजनेस लीडर्स को काफी निराश किया है।

  • पेरिस क्लाइमेट समझौते से हटने के फैसले से शुरू हुई दूरी
  • संसद परिसर पर हमले से मुखर हुए विरोध के सुर
  • बिजनेस राउंडटेबल ने ट्रम्प को सत्ता से हटाने की मांग की

अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका के बिजनेस लीडर्स को टैक्स में कटौती और नियमों में ढील का लालच दिया था। इसी के दम पर ट्रम्प ने 2016 में राष्ट्रपति चुनावों में बड़ी जीत दर्ज की थी। लेकिन अब ट्रम्प और बिजनेस लीडर्स के बीच संबंध टूट चुके हैं। इसमें जातिवाद, अमेरिकी कंपनियों पर हमले, क्लाइमेट संकट और टैरिफ ने अहम भूमिका निभाई है। हाल ही में अमेरिकी संसद परिसर पर ट्रम्प समर्थकों के हमलों ने बिजनेस लीडर्स से संबंध तोड़ने की रस्म पूरी कर दी है।

बिजनेस कम्युनिटी ने की थी ट्रम्प के एजेंडे की सराहना

जब डोनाल्ड ट्रम्प ने अपना पदभार संभाला था, तब बिजनेस कम्युनिटी ने सेल्फ-स्टाइल्ड CEO प्रेसीडेंट प्रो-बिजनेस एजेंडा की सराहना की थी। 2016 में प्रभावशाली लॉबिंग ग्रुप बिजनेस राउंडटेबल ने ट्रम्प की इकोनॉमिक टीम और टैक्स कटौती के वादों की प्रशंसा की थी। इसी साल नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स के CEO जे टिमॉन्स ने सभी सांसदों से ट्रम्प के इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान की मदद करने का आग्रह किया था। साथ ही कांग्रेस के सभी सदस्यों से ट्रम्प के साथ मिलकर काम करने को कहा था।

इस सप्ताह दोनों पार्टियों के सुर बदले

अमेरिकी डेमोक्रेसी के प्रतीक चिह्न संसद परिसर पर हमले के बाद इस सप्ताह दोनों पार्टियों के सुर बदल गए हैं। बिजनेस राउंडटेबल ने चुनावों के बारे में झूठा प्रचार करने की निंदा की है। बिजनेस राउंडटेबल ने चेतावनी दी है कि यह डेमोक्रेसी और अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है। अमेरिका के प्रमुख COEs ने इस हिंसा की निंदा की है। शायद आधुनिक इतिहास में इसे एक प्रमुख बिजनेस ग्रुप की ओर से सबसे मजबूत राजनीतिक बयान माना जा रहा है।

ट्रम्प को सत्ता से हटाने की मांग

पूर्व GOP ऑपरेटिव टिमॉन्स ने वाइस प्रेसीडेंट माइक पेंस और कैबिनेट से ट्रम्प को सत्ता से हटाने पर विचार करने को कहा है। टिमॉन्स का कहना है कि यह अराजकता और भीड़ का शासन है। यह काफी खतरनाक है। यह देशद्रोह है और इससे इसी तरह निपटना चाहिए। लेकिन आलोचकों का कहना है कि बिजनेस लीडर्स को ट्रम्पवाद की काफी पहले से आलोचना करनी चाहिए थी।

यह बुलिश के साथ न खड़े होने के लिए एक सबक

वैल्यू अलायंस के CEO Eleanor Bloxham का कहना है कि यह बुलिश के साथ खड़ा न होने के लिए एक सबक है। Bloxham का कहना है कि बिजनेस लीडर्स ने ट्रम्प को गले लगाकर लंबी अवधि के बजाए संकीर्ण दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया है। वैल्यू अलायंस कॉरपोरेट गवर्नेंस प्रैक्टिस को लेकर कंपनी बोर्ड को सलाह देने का काम करती है। सीनेट बैंकिंग कमेटी के डेमोक्रेट सदस्य सीनेटर शेरोर्ड ब्राउन ने भी सुझाव दिया था कि यह अलग होने का सुविधाजनक समय है।

ट्रम्प और कॉरपोरेट अमेरिका के संबंधों में कई बार उतार-चढ़ाव आया

वास्तव में कहा जाए तो ट्रम्प और कॉरपोरेट अमेरिका के संबंधों में कई बार उतार-चढ़ाव आया है। ट्रम्प के अशांत कार्यकाल के दौरान कंपनियों के CEO ने नैतिक नेतृत्व के कई महत्वपूर्ण क्षण प्रदान किए हैं। 2015-2016 के अपने भाषणों को याद करते हुए Bloxham कहते हैं कि शुरुआत में बड़े कारोबारी ट्रम्प की उम्मीदवारी का समर्थन नहीं कर रहे थे। चुनाव की प्राइमरी प्रक्रिया के दौरान लगा रहा था, “अरे नहीं, ट्रम्प।”

कई बड़े बिजनेस लीडर हिलेरी क्लिंटन से जुड़ गए थे

ट्रम्प के नॉमिनेशन जीतने के बाद अमेरिका के कई बड़े बिजनेस लीडर हिलेरी क्लिंटन से जुड़ गए थे। येल यूनिवर्सिटी के लीडरशिप इंस्टीट्यूट के चीफ एक्जीक्यूटिव जेफ्री शेननफेल्ड याद करते हुए कहते हैं कि 2006 में बिजनेस समिट में डोनाल्ड ट्रम्प को बुलाने पर कुछ बिजनेस एक्जीक्यूटिव्स ने वॉकआउट की धमकी दी थी। इनमें से कुछ एक्जीक्यूटिव आज एक्टिव CEO हैं। लेकिन चुनाव जीतने के बाद इंडस्ट्री ट्रम्प को प्रो-बिजनेस एजेंडा के एक व्हीकल के रूप में देखने लगी।

बिजनेस राउंडटेबल ने डेविल के साथ समझौता किया

शेननफेल्ड कहते हैं कि जनवरी 2017 में काफी उत्साह था। ट्रम्प अपनी भाषा में बोल रहे थे। इसको लेकर बिजनेस कम्युनिटी में काफी उत्साह था। 2017 के अंत में ट्रम्प ने कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का ऐलान किया। साथ ही व्हाइट हाउस ने एक मजबूत अर्थव्यवस्था के निर्माण का वादा किया था। शेननफील्ड के मुताबिक, इस दौरान बिजनेस राउंडटेबल ने डेविल के साथ एक सौदा किया था।

टैक्स कटौती का वॉल स्ट्रीट पर ज्यादा प्रभाव पड़ा

ट्रम्प की टैक्स कटौती का मेन स्ट्रीट के मुकाबले वॉल स्ट्रीट पर ज्यादा प्रभाव पड़ा। लेकिन इससे नौकरी पैदा करने वाला निवेश स्थायी नहीं हो सका। यह स्टॉक बायबैक, डिविडेंड और विलय में बदल गया। 2019 की शुरुआत में बैंक ऑफ अमेरिका के इकोनॉमिस्ट ने इसे “निवेश में उछाल नहीं” करार दिया। टैक्स में कटौती के अलावा ट्रम्प ने नियमों में ढील का एक सेट तैयार किया। इसके तहत ट्रम्प ने प्रो-बिजनेस जजों की नियुक्ति की। इसमें सुप्रीम कोर्ट में तीन कंजर्वेटिव जजों की नियुक्ति भी शामिल है।

2017 से हुई रिश्तों के बिगड़ने की शुरुआत

लेकिन 2017 की गर्मियों से डोनाल्ड ट्रम्प और बिजनेस लीडर्स के रिश्ते बिगड़ने की शुरुआत हुई। सबसे पहले बिजनेस लीडर्स ने अमेरिका के पेरिस क्लाइमेट समझौते से अलग हटने के ट्रम्प के फैसले की आलोचना की। इनमें डिज्नी के पूर्व CEO बॉब ईगर और टेस्ला के CEO ऐलन मस्क जैसे बिजनेस लीडर भी शामिल थे। वर्जीनिया की एक रैली में श्वेतों के वर्चस्व की निंदा नहीं करने के बाद अगस्त 2017 में मर्क के तत्कालीन CEO केन फ्रेजर ने ट्रम्प की बिजनेस काउंसिल से इस्तीफा दे दिया था। शेननफेल्ड कहते हैं कि फ्रेजर इतिहास की गलत साइड में नहीं रहना चाहते थे।

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