Corona vaccine: ऑक्सफोर्ड वैक्सीन का ट्रायल फिर होगा शुरू, कंपनी ने कहा- मिली हरी झंडी

Published by Razak Mohammad on


वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

Updated Sat, 12 Sep 2020 10:37 PM IST

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ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका की ओर से विकसित की जा रही कोरोना वैक्सीन के अंतिम चरण के ट्रायल को ब्रिटेन में रोक दिया गया था। मगर इसे फिर से शुरू कर दिया गया है। इस मामले में एस्ट्राजेनेका ने कहा, ब्रिटेन की मेडिसिंस हेल्थ रेगुलेटरी अथॉरिटी ने पूरे मामले की जांच के बाद इसे सुरक्षित पाया है।

इस वजह से ट्रायल पर लगी थी रोक

इसके बाद इसके क्लिनिकल ट्रायल को हरी झंडी दे दी गई है। बता दें कि ब्रिटेन में एक मरीज में टीका का दुष्प्रभाव सामने आने के बाद परीक्षण को रोक दिया गया था। वहीं, विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा है, ‘इस तरह के बड़े परीक्षण में आशंका रहती है कि कुछ भागीदार अस्वस्थ होंगे और हर मामले का सावधानी पूर्वक मूल्यांकन कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।’

दुनियाभर में करीब 18,000 लोगों को यह टीका दिया गया

बयान में कहा गया है कि परीक्षण के तहत दुनियाभर में करीब 18,000 लोगों को यह टीका दिया गया है। परीक्षण में भाग लेने वाले व्यक्ति की गोपनीयता बनाए रखने की वजह से मरीज की अस्वस्थता के बारे में सूचनाओं का खुलासा नहीं किया गया है। 

हालांकि, जोर दिया गया है कि वह अपने अध्ययन में सर्वश्रेष्ठ मानकों को अपनाते हुए भागीदारों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है और सुरक्षा को लेकर लगातार गहराई से मूल्यांकन किया जाएगा।

इस साल के अंत तक वैक्सीन आने की पूरी उम्मीद
एस्ट्राजेनेका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पास्कल सॉरियट को वैक्सीन के जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक यह वैक्सीन आ सकती है। 

सॉयरिट का कहना है कि पूरी दुनिया की नजरें इस वैक्सीन के ट्रायल पर हैं, इसलिए इसकी इतनी चर्चा हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि साल के अंत तक रेग्युलेटरी अप्रूवल के लिए डेटा हासिल किया जा सकेगा।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका की ओर से विकसित की जा रही कोरोना वैक्सीन के अंतिम चरण के ट्रायल को ब्रिटेन में रोक दिया गया था। मगर इसे फिर से शुरू कर दिया गया है। इस मामले में एस्ट्राजेनेका ने कहा, ब्रिटेन की मेडिसिंस हेल्थ रेगुलेटरी अथॉरिटी ने पूरे मामले की जांच के बाद इसे सुरक्षित पाया है।

इस वजह से ट्रायल पर लगी थी रोक

इसके बाद इसके क्लिनिकल ट्रायल को हरी झंडी दे दी गई है। बता दें कि ब्रिटेन में एक मरीज में टीका का दुष्प्रभाव सामने आने के बाद परीक्षण को रोक दिया गया था। वहीं, विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा है, ‘इस तरह के बड़े परीक्षण में आशंका रहती है कि कुछ भागीदार अस्वस्थ होंगे और हर मामले का सावधानी पूर्वक मूल्यांकन कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।’

दुनियाभर में करीब 18,000 लोगों को यह टीका दिया गया
बयान में कहा गया है कि परीक्षण के तहत दुनियाभर में करीब 18,000 लोगों को यह टीका दिया गया है। परीक्षण में भाग लेने वाले व्यक्ति की गोपनीयता बनाए रखने की वजह से मरीज की अस्वस्थता के बारे में सूचनाओं का खुलासा नहीं किया गया है। 

हालांकि, जोर दिया गया है कि वह अपने अध्ययन में सर्वश्रेष्ठ मानकों को अपनाते हुए भागीदारों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है और सुरक्षा को लेकर लगातार गहराई से मूल्यांकन किया जाएगा।

इस साल के अंत तक वैक्सीन आने की पूरी उम्मीद
एस्ट्राजेनेका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पास्कल सॉरियट को वैक्सीन के जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक यह वैक्सीन आ सकती है। 

सॉयरिट का कहना है कि पूरी दुनिया की नजरें इस वैक्सीन के ट्रायल पर हैं, इसलिए इसकी इतनी चर्चा हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि साल के अंत तक रेग्युलेटरी अप्रूवल के लिए डेटा हासिल किया जा सकेगा।



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