blockbuster TCS performs in lean december quarter standalone net profit up 20 pc | दिसंबर तिमाही में TCS का रेवेन्यू 4.7% बढ़ा, यह नौ साल में सबसे तेज ग्रोथ, हेल्थकेयर में सबसे ज्यादा बिजनेस बढ़ा

Published by Razak Mohammad on

  • Hindi News
  • Business
  • Blockbuster TCS Performs In Lean December Quarter Standalone Net Profit Up 20 Pc

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

लीन पीरियड में भी TCS का जबरदस्त परफॉर्मेंस, दिसंबर तिमाही में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 20.3% बढ़ाटाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का स्टैंडअलोन टोटल इनकम दिसंबर 2020 तिमाही में 8.19% बढ़कर 37,053 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो दिसंबर 2019 तिमाही में 34,246 करोड़ रुपए था

  • स्टैंडअलोन प्रॉफिट 9,242 करोड़ रुपए रहा, इसमें 20% से ज्यादा की ग्रोथ
  • कंपनी ने हर शेयर पर 6 रुपए डिविडेंड देने की भी घोषणा की

सबसे सुस्त समझे जाने वाले अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भी टीसीएस ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। सितंबर तिमाही के मुकाबले इसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 4.7% बढ़ा है। यह नौ साल में सबसे तेज ग्रोथ है। रेवेन्यू में सालाना ग्रोथ 5.4% और प्रॉफिट में 7.2% रही है। इस तिमाही कंपनी ने 42,015 करोड़ रुपए का बिजनेस (रेवेन्यू) किया। इस पर उसे 8,701 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। दिसंबर 2019 तिमाही में इसे 8,118 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था।

तीन महीने में 15,721 कर्मचारियों की भर्ती

टीसीएस देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सर्विसेज कंपनी है। इन तीन महीनों में इसने 15,721 कर्मचारियों की भर्ती की। कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 4,69,261 हो गई है। पूरे स्टाफ में 36.4% महिलाएं हैं। कंपनी ने प्रति शेयर 6 रुपए डिविडेंड देने की घोषणा की है। इसकी रिकॉर्ड डेट 16 जनवरी है। यानी इस तारीख को जिनके पास कंपनी के शेयर होंगे, उन्हें डिविडेंड मिलेगा।

कोरोना का असर, हेल्थकेयर सेक्टर में बिजनेस 18.2% बढ़ा

आईटी कंपनियों के लिए अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर का महीना सुस्त माना जाता है। इनका 60 से 70% बिजनेस अमेरिका और यूरोप से आता है। वहां इस तिमाही में काफी छुटि्टयां रहती हैं। लेकिन कोरोना के कारण लॉकडाउन के बाद इसी तिमाही में बिजनेस एक्टिविटी ज्यादा हुई है। इसका असर नतीजों पर दिख रहा है। हेल्थकेयर सेक्टर में टीसीएस जो सर्विसेज देती है, उसमें सबसे ज्यादा 18.2% ग्रोथ हुई है। मैन्युफैक्चरिंग में 7.1% ग्रोथ है। कंपनी के सीईओ और एमडी राजेश गोपीनाथन ने बताया कि पुरानी डील के कारण कंपनी का बिजनेस इतना बढ़ा है।

वर्क फ्रॉम होम के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन 5 साल में सबसे ज्यादा

कंपनी को वर्क फ्रॉम होम का भी भरपूर फायदा मिला है। चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर वी. रामकृष्णन ने बताया कि ‘सिक्योर बॉर्डरलेस वर्कस्पेस’ के कारण कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 26.6% रहा, जो पांच साल में सबसे ज्यादा है। इस तिमाही कंपनी ने स्टाफ की सैलरी बढ़ाई, इसके बावजूद मार्जिन रिकॉर्ड रहा। एट्रिशन रेट यानी नौकरी छोड़ने वाले सिर्फ 7.6% थे।

स्टैंडअलोन प्रॉफिट 20% बढ़ा, बिजनेस में सबसे ज्यादा 18% ग्रोथ भारत में

स्टैंडअलोन प्रॉफिट 20.29% बढ़कर 9,242 करोड़ रुपए रहा। सितंबर तिमाही के मुकाबले यह 24% बढ़ा है। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 8.2% ग्रोथ है। स्टैंडअलोन में सब्सिडियरी कंपनियों के बिजनेस को शामिल करके कंसोलिडेटेड आंकड़े निकाले जाते हैं। टीसीएस की 54 सब्सिडियरी कंपनियां हैं। कंपनी का बिजनेस सबसे ज्यादा भारत में ही बढ़ा है। यहां ग्रोथ 18.1% रही है। उत्तर अमेरिका में 3.3%, इंग्लैंड में 4.5%, बाकी यूरोप में 2.5% और लैटिन अमेरिका में 3.1% बढ़ा है।

Source link


0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *