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सावधान… मोहाली में बिना मास्क पकड़े गए तो देना होगा दो गुना जुर्माना, स्पेशल टीमें काटेगी चालान

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जागरण संवाददाता, मोहाली। Corona Guideline: कोरोना से बचाव के लिए नियमों में सख्ती की जा रही है। ऐसे में अब नियमों का उल्लंघन करन पर मोटा चालान होगा। मोहाली में अब बिना मास्क पकड़े गए तो एक दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा। ऐसे में अब बिना मास्क वालों को 500 के बजाए एक हजार रूपये का जुर्माना देना होगा। कोविड नियमों को लेकर प्रशासन सख्त हो गया।

मोहाली नगर निगम ने कोविड नियमों को तोड़ने वालों को पकड़ने के लिए शहर को दो हिस्सों में बांटा गया है। नियमों को तोड़ने वालों को पकड़ने के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। ध्यान रहे कि इस समय मोहाली में 3000 से ज्यादा केस एक्टिव हैं। हालांकि सेहत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो केस एक्टिव है उन में से ज्यादातर का घरों में उपचार किया जा रहा है। मोहाली में कोविड पॉजिटिव रेट 25 फीसद के पास है। हर रोज सात सौ के करीब केस मिल रहे है।

जिले के सिविल सर्जन डा आदर्श पाल कौर ने कहा कि पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उधर जिले की तीन विधानसभा हलकों में चुनाव  के दौरान राजनीतिक पार्टियों को कोविड दिशानिर्देशों का पालन सख्ती से करना पड़ेगा। इस चीज पर नजर रखने के लिए सेक्टर हेल्थ रेगुलेटर तैनात किए गए हैं, जो कि कोविड प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना करवाने को यकीनी बनाएंगे।

एसडीएम हरबंस सिंह ने बताया कि राजनीतिक नेताओं और लोगों से अपील की है कि कोरोना टीकाकरण करवाएं, ताकि कोरोना महामारी को मात दी सके। हरबंस सिंह ने कहा कि कोविड महामारी के प्रकोप को देखते हुए सभी उचित इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी राजनीतिक पार्टियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की हिदायत दी गई है। ध्यान रहे कि 15 जनवरी तक राजनीतिक पार्टियों के किसी भी तरह के रैलियों पर रोक है। अगर कोविड के केसों में इसी तरह से इजाफा होता रहा तो आने वाले दिनों में पाबंदियां बढ़ सकती है|

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तीसरी लहर की क्‍या है तैयारी ?

गाजियाबाद स्थिति यशोदा अस्‍पताल के एमडी डा. पीएन अरोड़ा का कहना है कि इस वक्‍त देश में स्‍वास्‍थ्‍य का आधारभूत ढांचा मजबूत हुआ है। कोरोना की पहली लहर और दूसरी लहर के बाद देश में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं मजबूत हुई है। आज देश में करीब 18.03 लाख आइसोलेशन बेड का इंतजाम है। इसके अलावा 1.24 लाख आइसीयू बेड के इंतजाम है।

देश में 3.236 आक्‍सीजन के प्‍लांट है। इनकी क्षमता 3,783 मीट्रिक टन है। 1,14 लाख आक्‍सीजन कंसंट्रेटर केंद्र ने राज्‍य सरकार को मुहैया कराए हैं। 150 करोड़ वैक्‍सीन के डोज दिए जा चुके हैं। इसमें 64 फीसद आबादी को एक डोज मिल चुकी है और 46 फीसद आबादी को वैक्‍सीन की दो डोज लग चुकी है।

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दूसरे लाकडाउन के बाद देश में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं का क्‍या इंतजाम है?

सवाल यह है कि अगर देश के दूसरे लाकडाउन के फार्मूले पर चलें तो भारत में इसकी कितनी संभावना है। हालांकि, इस बार हालात थोड़े भिन्‍न हैं। डा. पीएन अरोड़ा का कहना है कि एक राहत वाली बात यह है कि देश में कोरोना की रफ्तार भले तेज हो, लेकिन अस्‍पताल में संक्रमितों की भर्ती होने का अनुपात दूसरी लहर की अपेक्षा काफी धीमी है। इसके अलावा देश में दूसरे लाकडाउन के बाद देश में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं की क्षमता बढ़ी है। कुछ राज्‍यों को छोड़ दिया जाए तो पहले जैसा पैनिक नहीं है।

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किन-किन राज्‍यों ने लगाया प्रतिबंध ?

मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान, उत्‍तर प्रदेश, दिल्‍ली, महाराष्‍ट्र और गुजरात में नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। एमपी में स्‍कूलों और कालेजों में 50 फीसद की उपस्थिति के साथ अन्‍य पाबंदियां लगाई गई है। राज्‍य में सार्वजनिक स्‍थलों पर जाने के लिए वैक्‍सीनेशन को जरूरी बनाया गया है। यूपी में 8वीं तक के स्‍कूल बंद कर दिए गए हैं। सार्वजनिक स्‍थानों एवं समारोह में 200 लोगों की अनुमति है। दिल्‍ली में स्‍कूल और कालेज बंद हैं। सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्राम होम की व्‍यवस्‍था की गई है।

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लाकडाउन का पहला फार्मूला और ताजा हालात

केंद्र सरकार के पहले फार्मूले को देखा जाए तो लाकडाउन की कितनी संभावना है। संक्रमण की रफ्तार को देखा जाए तो कोरोना के मामलों में ऐसी तेजी पहले कभी नहीं दिखी। इसलिए अगर पहले लाकडाउन के फार्मूले से चलें तो केंद्र सरकार को अब तक लाकडाउन लगा देना चाहिए। इससे संक्रमण की गति को नियंत्रित किया जा सके। तीसरी लहर के दौरान छह जनवरी तक केस डबल होने की रफ्तार 454 दिन पर आ गई और इस दौरान रोज आने वाले कोरोना संक्रमण के मामलों में 18 गुना बढ़ोत्तरी हुई है, लेकिन हालात अभी काबू में है। सरकार को इस बात से राहत है कि अस्‍पताल में मरीजों की आमद कम है।

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