23 साल की उम्र में नगर परिषद नाहन की पार्षद बनीं श्रुति

Published by Razak Mohammad on

हितेश शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, नाहन (सिरमौर)
Updated Mon, 11 Jan 2021 02:39 AM IST

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हिमाचल प्रदेश के शहरी निकाय चुनाव में इस बार नाहन की श्रुति 23 साल की उम्र में पार्षद बनी हैं। वह पहली बार राजनीति में उतरीं और विजय हासिल की। नगर निकाय चुनाव में वह प्रदेश में सबसे कम उम्र की पार्षद हो सकती हैं। 25 अगस्त 1997 को जन्मी श्रुति चौहान ने कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के तौर पर राजनीति में कदम रखा और 28 मतों से जीत दर्ज की। श्रुति चौहान ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी तुलसा कश्यप को चुनावी मैदान में पटखनी दी।

नगर परिषद नाहन के वार्ड नंबर चार शमशेर गंज से चुनाव लड़ीं श्रुति को कुल 327 मत हासिल हुए। जबकि, भाजपा समर्थित तुलसा कश्यप को 229 वोट मिले। श्रुति चौहान अभी स्नातक अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। हालांकि, कॉलेज में वह एनएसयूआई की समर्थक जरूर रहीं, लेकिन उन्होंने एनएसयूआई में कभी भी सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर हिस्सा नहीं लिया। श्रुति चौहान ने कहा कि वह अभी ग्रेजुएशन कर रही हैं और अंतिम वर्ष के नतीजों का इंतजार है।

उन्होंने कहा कि वह राजनीति में आने का शौक रखती थीं और आज इसी का परिणाम है कि वह विजयी हुई हैं। बता दें कि पंचायतीराज चुनाव में प्रदेश में सबसे कम उम्र की प्रधान बनने का गौरव मंडी जिले के सराज क्षेत्र के तहत आने वाली थरजून पंचायत के केलोधार गांव की रहने वाली जबना चौहान को प्राप्त है। 2016 में जबना चौहान थरजून पंचायत से बतौर पंचायत प्रधान चुनकर आईं थीं। उस वक्त जबना की उम्र 22 साल थी। अब नगर निकाय चुनाव में महज श्रुति 23 साल की उम्र में पार्षद बनी हैं, जो प्रदेश में सबसे कम उम्र की पार्षद हो सकती हैं।

हिमाचल प्रदेश के शहरी निकाय चुनाव में इस बार नाहन की श्रुति 23 साल की उम्र में पार्षद बनी हैं। वह पहली बार राजनीति में उतरीं और विजय हासिल की। नगर निकाय चुनाव में वह प्रदेश में सबसे कम उम्र की पार्षद हो सकती हैं। 25 अगस्त 1997 को जन्मी श्रुति चौहान ने कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के तौर पर राजनीति में कदम रखा और 28 मतों से जीत दर्ज की। श्रुति चौहान ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी तुलसा कश्यप को चुनावी मैदान में पटखनी दी।

नगर परिषद नाहन के वार्ड नंबर चार शमशेर गंज से चुनाव लड़ीं श्रुति को कुल 327 मत हासिल हुए। जबकि, भाजपा समर्थित तुलसा कश्यप को 229 वोट मिले। श्रुति चौहान अभी स्नातक अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। हालांकि, कॉलेज में वह एनएसयूआई की समर्थक जरूर रहीं, लेकिन उन्होंने एनएसयूआई में कभी भी सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर हिस्सा नहीं लिया। श्रुति चौहान ने कहा कि वह अभी ग्रेजुएशन कर रही हैं और अंतिम वर्ष के नतीजों का इंतजार है।

उन्होंने कहा कि वह राजनीति में आने का शौक रखती थीं और आज इसी का परिणाम है कि वह विजयी हुई हैं। बता दें कि पंचायतीराज चुनाव में प्रदेश में सबसे कम उम्र की प्रधान बनने का गौरव मंडी जिले के सराज क्षेत्र के तहत आने वाली थरजून पंचायत के केलोधार गांव की रहने वाली जबना चौहान को प्राप्त है। 2016 में जबना चौहान थरजून पंचायत से बतौर पंचायत प्रधान चुनकर आईं थीं। उस वक्त जबना की उम्र 22 साल थी। अब नगर निकाय चुनाव में महज श्रुति 23 साल की उम्र में पार्षद बनी हैं, जो प्रदेश में सबसे कम उम्र की पार्षद हो सकती हैं।

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