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मंडी जिला में 149 लोग संक्रमित |

Himachal Pradesh Manali

मंडी जिला में कोरोना वायरस को लेकर लापरवाही फिर से अब भारी पडऩे लगी है। सोमवार को जिला में 100 से अधिक मामले आने के बाद अब मंगलवार को 149 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। अकेले मंडी शहर में ही डेढ़ दर्जन से अधिक नए रोगी सामने आए हैं। मंडी के शहर के रामनगर में ही 6 से अधिक संक्रमित मिले हैं। शहर में जवाहर नगर, संयारड़ी, पैलेस कॉलोनी, सूहड़ा मोहल्ला और पुलिस लाइन समेत अन्य हिस्सों में ही नए मामलों की पुष्टि हुई है।

जिला पंचायत अधिकारी कुल्लू के साथ ही विकास खंड कार्यालय चौंतड़ा के भी दो कर्मी पाजिटिव मिले हैं। जबकि जिला में पांच पुलिस कर्मियों को भी कोरोना पाजिटिव पाया गया है। जिला में इसके साथ ही सुंदरनगर शहर, डेंटल कालेज, नेरचौक मेडिकल कालेज, जोगिंद्रनगर, चौंतड़ा, सरकाघाट, आईआईटी कमांद, नीहरी, कांडा करसोग, संधोल, धर्मपुर और बल्ह विस में भी नए मरीज मिले हैं। मंगलवार को सबसे अधिक मामले सदर मंडी, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट और सुंदरनगर उपमंडलों से सामने आए हैं।

मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग रैट के माध्यम से 1850 और आरटीपीसी आर के माध्यम से 97 सेंपल की जांच की गई। जिसमें 6 से 18 वर्ष के बीच में 12 और इससे अधिक आयु के 137 लोग पाजिटिव मिले हैं। उधर, सीएमओ मंडी देवेंद्र शर्मा ने नए मामले आने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि लोग कोविड गाइड लाइन का सख्ती से पालन नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण अब वायरस के फैलने की रफ्तार तेज हो गई है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाकर ही आए और सामाजिक दूरी का भी पालन करें।

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वेद की बहादुरी बनी मिसाल… अपने स्टार्टअप से नया रिकार्ड

युवा शक्ति स्वयंरोजगार के रास्ते चलते हुए राष्ट्र निर्माण में भी अपना सहयोग दे सकती है। इसी कड़ी में करसोग के गांव का एक युवा वेद ठाकुर पेवर ब्लॉक इंडस्ट्री के कारोबार में क्षेत्र का नाम जिला कुल्लू के लूहरी समीप कारशा में चमका रहा है जो निश्चित तौर पर युवाओं के लिए भी स्वयं रोजगार की एक प्रेरणा बन रहा है। गौरतलब है कि करसोग विधानसभा के दूरदराज क्षेत्र फिरनू गांव निवासी वेद ठाकुर पुत्र छतर सिंह में अपनी पढ़ाई करसोग में रहकर पूरी की यहां बता दें कि पेवर ब्लॉक कंकरीट वर्क में क्षेत्र का नाम चमका रहे वेद ठाकुर के पिता परिवहन निगम में कर्मचारी हैं|

तथा वेद ठाकुर इससे पहले पढ़ाई करते हुए भी विभिन्न छात्र गतिविधियों तथा समाज सेवा के कार्यों में अपना सहयोग देते रहे हैं तथा पढ़ाई के बाद इस युवा ने समय को महत्त्व देते हुए अपने गांव से लगभग पांच किलोमीटर दूर जिला कुल्लू के कारशा में पेवर ब्लॉक इंटरलॉक आदि अनेक कंकरीट वक्र्स का उद्योग सफलतापूर्वक स्थापित किया है।

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स्वयं रोजगार का रास्ता बताते हुए वेद ठाकुर में कहा की शिक्षा प्राप्ति के बाद वह सरकारी नौकरी के पीछे नहीं दौड़ा बल्कि पड़ोसी राज्यों में जाकर इस बात के लिए गहनता से अध्ययन किया की प्रदेश में अपने घर गांव के समीप कौन सा स्वयं रोजगार खड़ा किया जा सकता है जिसमें माता पिता साहित पूरे परिवार का प्रोत्साहन वाह सहयोग मिला।

वेद ठाकुर ने बताया कि दिल्ली चंडीगढ़ पंचकूला आदि क्षेत्रों में स्वयं रोजगार के विकल्प अनुभव के लिए तलाशे गए तो पेवर ब्लॉक इंटरलॉक आदि का काफी ट्रेंड देखा गया जोकि आधुनिकता के दौर में समय की जरूरत भी बन चुका है। थोड़ा बहुत अनुभव लेकर वेद ठाकुर ने यह कारोबार साथ लगते एनएच-305 जिला कुल्लू के कारशा में शुरू कर दिया तथा पेवर ब्लॉक इंटरलॉक आदि कंकरीट वक्र्स करते हुए जो निर्माण उत्पाद सामने आए उनके इस्तेमाल को भी लेकर भी पूरे क्षेत्र के लोगों को इसकी जानकारी दी जिसमें बताया गया कि यह आसान तरीका भी है व टिकाऊ भी है|

वेद ठाकुर ने कहा की पहाड़ में पहले इसका प्रचलन कम था परंतु अब ग्राम पंचायतों में निजी आवासों में पैदल चलने वाले रास्तों में निर्माण के लिए पेवर ब्लॉक,इंटरलॉक ,टायल आदि उपयोग हो रहे हैं जो निश्चित तौर पर सौंदर्य करण के लिए भी काफी सहयोगी साबित हो रहे हैं। वेद ठाकुर ने कहा कि स्वरोजगार का खुला आसमान है तथा युवा शक्ति को मेहनत के रास्ते बढ़ते हुए सफलता निश्चित तौर पर सूर्य की तरह चमकती हुई दिखाई देगी। युवा उद्योगपति वेद ठाकुर ने कहा के पेवर ब्लॉक इंटरलॉक टाइल आदि निर्माण के बाद अब वह फेंसिंग पोल, ट्री गार्ड आदि का निर्माण कार्य भी शुरू करने जा रहे हैं।

सर्दी के मौसम की पहली बारिश व बर्फबारी ने लोक निर्माण विभाग व इनके द्वारा अधिकृत किए गए ठेकेदारों की कार्य प्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। लोक निर्माण विभाग भले ही सड़कों में पड़े गड्ढों को छुपाने के लिए जितनी भी मिट्टी का प्रयोग करें, लेकिन प्रकृति ने इन तमाम प्रयासों पर डाले गए पर्दे हटाकर वास्तविकता को आमजन के सामने लाकर विभागीय करतूत के परखचे उड़ाकर रख दिए है। यह वाकया उपमंडल मुख्यालय गोहर के उस बाजार का है, जो मुख्यमंत्री के गृह विस क्षेत्र सराज का प्रवेश द्वार है।

जिसे पुराना गोहर के नाम से भी जाना जाता है। सराज क्षेत्र को जोडऩे वाली इस सड़क को बेहतर बनाने के बारे में सरकारी कागजों पर अकसर खर्चा देखने को मिलता है, लेकिन धरातल में यहां कुछ और ही बयान हो रहा है। यहां टायरिंग बतौर सड़क का रंग बदलने, गड्ढ़ों में मिट्टी धूल को न्योता देने के समान है। बीच बाजार में गड्ढ़ों से लबालब सड़क का नजारा उस समय देखने को मिलता है, जब बारिश के पानी से भरे गड्ढ़े आम राहगीरों का स्वागत गंदे पानी की बौछारों से करते है।

स्थानीय व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी हर वर्ग के लोगों से जुड़ी इस समस्या का समाधान करने बारे पीडब्लूडी विभाग के अधिकारियों से कई बार चर्चा की, लेकिन उसके बावजूद भी उन्होंने इस मुख्य समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि यदि मेन बाजार की सड़क के यही हाल है तो गांवों को जोडऩे वाली अन्य सड़कों की क्या दशा होगी। ये वहां के लोग ही बता पाएंगे।

क्या कहते है स्थानीय व्यापारी
व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष नरपत सेठी, सह सचिव खीरु ठाकुर, वीरी सिंह, खेम सिंह, झाबे राम सहित अन्य कई व्यापारियों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग को गोहर बाजार(कांढा रोड़) की खस्ता हाल सड़क की दशा सुधारने का प्रयास प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए।

मामला विभाग के है ध्यान में है
वहीं, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग गोहर रमेश सिंह खालसा का कहना है कि मामला उनके ध्यान में आया है। संबंधित एसडीओ से मौका की रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।

बच्चों का सौ फीसदी टीकाकरण जरूरी

शिक्षा विभाग ने समस्त स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए है कि 15-18 वर्ष आयु के बच्चों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए कोवैक्सिन का टीकाकरण अवश्य करवाएं। इसके लिए स्कूल मुखिया 15-18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को टीकाकरण के लिए स्कूल जरुर बुलाए। टीकाकरण के लिए स्कूल स्टाफ बच्चों को प्रेरित करें। ताकि कोई भी छात्र-छात्राए टीकाकरण से वंचित न रह सकें। समस्त स्कूल मुखियाओं को 100 फीसदी कोवैक्सिन का आंकड़ा पूरा करना होगा।

बता दें कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार कोरोना महामारी की तीसरी लहर के चलते समस्त शिक्षण संस्थान सोमवार से बंद हो गए हैं। आगामी निर्देशों तक अब स्कूली बच्चों की पढ़ाई ऑनलाईन ही होगी। प्रदेश के करीब एक सप्ताह पूर्व 15-18 वर्ष आयु के बच्चों को कोवैक्सिन की टीकाकरण हुआ है। टीकाकरण को लेकर बच्चों में काफी उत्साह देखा गया।

लेकिन स्कूलों में अवकाश के चलते टीकाकरण का आंकड़ा कम होने लगा है। उक्त समस्या के हल करने के लिए विभाग ने स्कूल मुखियाओं को विशेष कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। ताकि निर्धारित आयु को कोई भी विद्यार्थी टीकाकरण से छूट न सके। इसके अलावा सोमवार से समस्त स्कूलों ने ऑनलाईन पढ़ाई के लिए तैयार कर ली है।

इसमें बच्चों को दोबारा व्हाट्सऐप ग्रुप में जोडऩा शुरु कर दिया है। ताकि बच्चों की आगामी पढ़ाई सुचारु ढंग से चल सके। वहीं समस्त शिक्षण संस्थान बंद होने के कारण 15-18 वर्ष आयु के बच्चे भी टीकाकरण करवाने नहीं पहुंच रहे हैं। सोमवार को काफी कम बच्चे कोविड की कोवैक्सिन करवाने काफी बच्चे पहुंचे हैं। लेकिन समस्या को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लेते हुए स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए है कि बच्चों को टीकाकरण करवाने के लिए अवगत करवाएं।

इसके अलावा कोरोना महामारी की तीसरी लहर के चलते मंडी प्रशासन ने जिला में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत पाबंदियों को लेकर आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। आदेश के मुताबिक जिले में सरकारी विभागों, पीएसयू, स्थानीय निकायों, स्वायत्त निकायों के सभी कार्यालय शनिवार और रविवार को बंद रहेंगे और ये कार्र्यालय बाकी कार्य दिवसों पर 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ काम करेंगे। संबंधित विभागाध्यक्ष कर्मचारियों के ड्यूटी रोस्टर संबंधी आदेश जारी करेंगे।

क्या कहते हैं शिक्षा उपनिदेशक सुदेश कुमार ठाकुर
उच्च शिक्षा उपनिदेशक सुदेश कुमार ठाकुर मंडी ने बताया कि स्कूल मुखिया 15-18 वर्ष आयु के बच्चों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए कोवैक्सिन का टीकाकरण 100 फीसदी करवाना है। इसके लिए स्कूल मुखिया बच्चों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। निर्धारित आयु का कोई भी विद्यार्थी टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। बच्चों को टीके के लिए प्रेरित करें।

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