104 चुनीं निर्विरोध, सीएम जयराम और पांच मंत्रियों की गृह पंचायतों में नहीं बनी सर्वसम्मति

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Updated Thu, 07 Jan 2021 11:17 AM IST

पंचायत चुनाव हिमाचल
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल में बुधवार को दिन पंचायत चुनाव के लिए नाम वापसी का था। प्रदेश की 104 पंचायतें निर्विरोध चुनी गईं। अभी कुछ के निर्णय आने बाकी हैं। सीएम जयराम ठाकुर और पांच मंत्रियों की गृह पंचायतों में सर्वसम्मति नहीं बन पाई। अन्य मंत्रियों के गृह क्षेत्र नगर निकाय में आते हैं। रामलाल मारकंडा की पंचायत में बर्फबारी के चलते अभी चुनाव नहीं हो रहे हैं। हालांकि, खास यह है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की गृह पंचायत विजयपुर में सर्वसम्मति से पंचायत के सभी सदस्यों का चयन हुआ है। सिरमौर जिले में सबसे ज्यादा 33, किन्नौर में 23, मंडी में 12, शिमला में 12, स्पीति में 11, सोलन में तीन, कांगड़ा तीन, बिलासपुर में दो और कुल्लू में एक, ऊना में चार पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। मंडी जिले में जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, कांगड़ा जिला में उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर की गृह पंचायत कोटला बेहड़, वन मंत्री राकेश पठानिया की जाच्छ, शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर की पंचायत, स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल की अन्हेच और विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार की ननाओं पंचायत निर्विरोध नहीं चुनी जा सकी। जो पंचायतें पूरी तरह निर्विरोध चुनी जाती हैं वह 15 लाख की ईनामी राशि की हकदार होती है। 

सराज की मुरहाग पंचायत में 18 चुनावी मैदान में
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की पंचायतों में घमासान मचा है। चुनाव लड़ने के चाहवानों की फौज के चलते मुख्यमंत्री की मुरहाग पंचायत में सहमति से प्रतिनिधियों का चुनाव नहीं हो सका। यहां पांच वार्डों में प्रधान और उपप्रधान पद के लिए दो-दो, चार वार्डों में वार्ड मेंबर के लिए तीन-तीन और एक वार्ड में दो प्रत्याशी मैदान में हैं। नाम वापसी के दिन प्रधान पद के एक प्रत्याशी ने नाम वापस लिया। अब पंचायत में 18 प्रत्याशी मैदान में हैं। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की पंचायत में प्रधान के चुनाव में रोस्टर का पेच फंसा है। कोर्ट ने यहां प्रधान पद के चुनावों को मंजूरी तो दे दी है। लेकिन चुनावी प्रक्रिया की तारीखें फाइनल नहीं हुई है। यहां उपप्रधान और वार्ड मेंबर का चुनाव होना है। पांच वार्डों में उपप्रधान के लिए चार उम्मीदवार मैदान में हैं। पहले यहां पांच थे। एक ने नाम वापस ले लिया है। पांच वार्डों में ध्वाली वार्ड में तीन और अन्य चार में दो-दो प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। यहां पंद्रह प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। हालांकि शीर्ष नेतृत्व भी पर्दे के पीछे इन पंचायतों में सर्वसहमति से पंचायत प्रतिनिधियों के चुनावों के पीछे कसरत करता रहा लेकिन प्रयास विफल रहे।

सोलन के कुनिहार ब्लॉक की सारमा पंचायत, दून की लेही पंचायत और धर्मपुर की चामियां पंचायत निर्विरोध चुनी गई हैं। वहीं, दून हलके की लेही पंचायत का निर्विरोध चुनाव स्थानीय विधायक परमजीत सिंह पम्मी के दखल के बाद ही हो पाया। 

हिमाचल में बुधवार को दिन पंचायत चुनाव के लिए नाम वापसी का था। प्रदेश की 104 पंचायतें निर्विरोध चुनी गईं। अभी कुछ के निर्णय आने बाकी हैं। सीएम जयराम ठाकुर और पांच मंत्रियों की गृह पंचायतों में सर्वसम्मति नहीं बन पाई। अन्य मंत्रियों के गृह क्षेत्र नगर निकाय में आते हैं। रामलाल मारकंडा की पंचायत में बर्फबारी के चलते अभी चुनाव नहीं हो रहे हैं। हालांकि, खास यह है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की गृह पंचायत विजयपुर में सर्वसम्मति से पंचायत के सभी सदस्यों का चयन हुआ है। सिरमौर जिले में सबसे ज्यादा 33, किन्नौर में 23, मंडी में 12, शिमला में 12, स्पीति में 11, सोलन में तीन, कांगड़ा तीन, बिलासपुर में दो और कुल्लू में एक, ऊना में चार पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। मंडी जिले में जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, कांगड़ा जिला में उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर की गृह पंचायत कोटला बेहड़, वन मंत्री राकेश पठानिया की जाच्छ, शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर की पंचायत, स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल की अन्हेच और विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार की ननाओं पंचायत निर्विरोध नहीं चुनी जा सकी। जो पंचायतें पूरी तरह निर्विरोध चुनी जाती हैं वह 15 लाख की ईनामी राशि की हकदार होती है। 

सराज की मुरहाग पंचायत में 18 चुनावी मैदान में

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की पंचायतों में घमासान मचा है। चुनाव लड़ने के चाहवानों की फौज के चलते मुख्यमंत्री की मुरहाग पंचायत में सहमति से प्रतिनिधियों का चुनाव नहीं हो सका। यहां पांच वार्डों में प्रधान और उपप्रधान पद के लिए दो-दो, चार वार्डों में वार्ड मेंबर के लिए तीन-तीन और एक वार्ड में दो प्रत्याशी मैदान में हैं। नाम वापसी के दिन प्रधान पद के एक प्रत्याशी ने नाम वापस लिया। अब पंचायत में 18 प्रत्याशी मैदान में हैं। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की पंचायत में प्रधान के चुनाव में रोस्टर का पेच फंसा है। कोर्ट ने यहां प्रधान पद के चुनावों को मंजूरी तो दे दी है। लेकिन चुनावी प्रक्रिया की तारीखें फाइनल नहीं हुई है। यहां उपप्रधान और वार्ड मेंबर का चुनाव होना है। पांच वार्डों में उपप्रधान के लिए चार उम्मीदवार मैदान में हैं। पहले यहां पांच थे। एक ने नाम वापस ले लिया है। पांच वार्डों में ध्वाली वार्ड में तीन और अन्य चार में दो-दो प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। यहां पंद्रह प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। हालांकि शीर्ष नेतृत्व भी पर्दे के पीछे इन पंचायतों में सर्वसहमति से पंचायत प्रतिनिधियों के चुनावों के पीछे कसरत करता रहा लेकिन प्रयास विफल रहे।


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