10वीं की साइंस परीक्षा आयोजित करने के हरियाणा सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक

Published by Razak Mohammad on

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 29 Jun 2020 08:27 PM IST

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
– फोटो : अमर उजाला

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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को हरियाणा सरकार के उस निर्णय पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत सरकार ने कक्षा 11वीं में विज्ञान संकाय (मेडिकल/नॉन मेडिकल) से जुड़े संस्थानों में दाखिला लेने वाले लिए छात्रों के लिए साइंस की परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया था।

हाईकोर्ट की जस्टिस मंजरी नेहरू कौल ने हरियाणा के प्राइवेट स्कूल व कई अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। मामले में दायर याचिका में बताया गया था कि हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एक प्रेस रिलीज जारी कर 11वीं में विज्ञान संकाय लेने वाले छात्रों की एक साइंस की परीक्षा लेने का कार्यक्रम घोषित कर दिया। 

कोरोना वायरस की वजह से छूट गई 10वीं की हरियाणा बोर्ड की साइंस विषय की परीक्षा आपको देनी है या नहीं, इसके लिए स्कूलों को बच्चों की सहमति लेकर उसे साइट पर लोड करने का निर्देश दिया गया। दायर याचिका में कहा गया कि जब सीबीएसई व अन्य बोर्ड परीक्षा लेने से इंकार कर चुके है और खुद हरियाणा बोर्ड भी अन्य सभी विषय की परीक्षा लेने से इंकार कर चुका है तो केवल साइंस लेने वाले छात्रों की परीक्षा लेने का क्या औचित्य है। यह इन बच्चों के साथ भेदभाव है। वर्तमान हालात पेपर लेने के अनुकूल भी नहीं हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने परीक्षा पर अंतरिम रोक लगाते हुए सरकार से जवाब तलब किया है।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को हरियाणा सरकार के उस निर्णय पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत सरकार ने कक्षा 11वीं में विज्ञान संकाय (मेडिकल/नॉन मेडिकल) से जुड़े संस्थानों में दाखिला लेने वाले लिए छात्रों के लिए साइंस की परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया था।

हाईकोर्ट की जस्टिस मंजरी नेहरू कौल ने हरियाणा के प्राइवेट स्कूल व कई अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। मामले में दायर याचिका में बताया गया था कि हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एक प्रेस रिलीज जारी कर 11वीं में विज्ञान संकाय लेने वाले छात्रों की एक साइंस की परीक्षा लेने का कार्यक्रम घोषित कर दिया। 

कोरोना वायरस की वजह से छूट गई 10वीं की हरियाणा बोर्ड की साइंस विषय की परीक्षा आपको देनी है या नहीं, इसके लिए स्कूलों को बच्चों की सहमति लेकर उसे साइट पर लोड करने का निर्देश दिया गया। दायर याचिका में कहा गया कि जब सीबीएसई व अन्य बोर्ड परीक्षा लेने से इंकार कर चुके है और खुद हरियाणा बोर्ड भी अन्य सभी विषय की परीक्षा लेने से इंकार कर चुका है तो केवल साइंस लेने वाले छात्रों की परीक्षा लेने का क्या औचित्य है। यह इन बच्चों के साथ भेदभाव है। वर्तमान हालात पेपर लेने के अनुकूल भी नहीं हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने परीक्षा पर अंतरिम रोक लगाते हुए सरकार से जवाब तलब किया है।



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