हिमाचल: हर पंचायत में लगेगा स्वचालित मौसम केंद्र, रिपोर्ट के आधार पर मिलेगा फसलों के नुकसान का मुआवजा

Published by Razak Mohammad on

सतीश ठाकुर, अमर उजाला, गोहर(मंडी)
Updated Thu, 14 Jan 2021 02:21 AM IST

ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन
– फोटो : अमर उजाला

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किसानों-बागवानों को फसलों से जुड़े जलवायु परिवर्तन की हर पल जानकारी देने के लिए हिमाचल प्रदेश की हर पंचायत में स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित होंगे।फसलों पर मौसम से होने वाले असर पर यह स्टेशन निगाह रखेगा। इसी के आधार पर नुकसान की रिपोर्ट राज्य और केंद्र सरकार को जाएगी। उसी के आधार पर फसलों के नुकसान का मुआवाजा मिलेगा।

 पहले चरण में शिमला और मंडी जिला कवर होंगे। बाद में यदि कवायद रंग लाई तो हर पंचायत में केंद्र स्थापित होंगे। मंडी जिले के गोहर, करसोग और बल्ह पंचायतों में यह सुविध मुहैया करवाई जा रही है। पंचायतों में वर्षामापी यंत्र स्थापित करने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे किसानों को वर्षा, तूफान, नमी, ओलावृष्टि, सूखा संबंधी मौसम का पूर्वानुमान ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन से मिलेगा। वर्षामापी यंत्र से बारिश का सही आंकड़ा विभाग को मिलेगा और इसके अनुरूप किसान खेती कर सकेंगे। (संवाद)

इन्हें भी मिलेगा सीधा लाभ
किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े किसानों को इस स्टेशन की रिपोर्ट से सीधा लाभ मिलेगा। जिनके कार्ड नहीं है और इसका लाभ लेना चाहते हैं, ऐसे किसान बागवान विभागीय कार्यालय में संपर्क कर कार्ड की तर्ज पर मिलने वाले मुआवजे का लाभ उठा सकेंगे।

सेटेलाइट से जुड़ा है सिस्टम
 वेदर स्टेशन एक पंचायत में 15 किलोमीटर क्षेत्रफल के मौसम की रिपोर्ट सरकार को सेटेलाइट से देगा। इसके बाद सरकार आकलन कर मौसम से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा प्रभावित किसानों को देगी। बागवानी उपनिदेशक मंडी अशोक धीमान ने इसकी पुष्टि की है। नाचन फल सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष बीके ठाकुर और सराज सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष चतर सिंह ठाकुर ने कहा है कि फसलों से होने वाले नुकसान से कई किसान वंचित रह जाते थे, जिन्हें अब लाभ मिलेगा।

किसानों-बागवानों को फसलों से जुड़े जलवायु परिवर्तन की हर पल जानकारी देने के लिए हिमाचल प्रदेश की हर पंचायत में स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित होंगे।फसलों पर मौसम से होने वाले असर पर यह स्टेशन निगाह रखेगा। इसी के आधार पर नुकसान की रिपोर्ट राज्य और केंद्र सरकार को जाएगी। उसी के आधार पर फसलों के नुकसान का मुआवाजा मिलेगा।

 पहले चरण में शिमला और मंडी जिला कवर होंगे। बाद में यदि कवायद रंग लाई तो हर पंचायत में केंद्र स्थापित होंगे। मंडी जिले के गोहर, करसोग और बल्ह पंचायतों में यह सुविध मुहैया करवाई जा रही है। पंचायतों में वर्षामापी यंत्र स्थापित करने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे किसानों को वर्षा, तूफान, नमी, ओलावृष्टि, सूखा संबंधी मौसम का पूर्वानुमान ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन से मिलेगा। वर्षामापी यंत्र से बारिश का सही आंकड़ा विभाग को मिलेगा और इसके अनुरूप किसान खेती कर सकेंगे। (संवाद)

इन्हें भी मिलेगा सीधा लाभ

किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े किसानों को इस स्टेशन की रिपोर्ट से सीधा लाभ मिलेगा। जिनके कार्ड नहीं है और इसका लाभ लेना चाहते हैं, ऐसे किसान बागवान विभागीय कार्यालय में संपर्क कर कार्ड की तर्ज पर मिलने वाले मुआवजे का लाभ उठा सकेंगे।

सेटेलाइट से जुड़ा है सिस्टम

 वेदर स्टेशन एक पंचायत में 15 किलोमीटर क्षेत्रफल के मौसम की रिपोर्ट सरकार को सेटेलाइट से देगा। इसके बाद सरकार आकलन कर मौसम से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा प्रभावित किसानों को देगी। बागवानी उपनिदेशक मंडी अशोक धीमान ने इसकी पुष्टि की है। नाचन फल सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष बीके ठाकुर और सराज सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष चतर सिंह ठाकुर ने कहा है कि फसलों से होने वाले नुकसान से कई किसान वंचित रह जाते थे, जिन्हें अब लाभ मिलेगा।

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Categories: Shimla

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