हिमाचल विधानसभा सत्र: विपक्ष के विरोध के बीच सदन में पर्यटन और युद्ध जागीर बिल पारित

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

Updated Tue, 15 Sep 2020 03:26 PM IST

हिमाचल विधानसभा
– फोटो : अमर उजाला

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विपक्ष के विरोध के बीच हिमाचल विधानसभा सदन में मंगलवार को पर्यटन और युद्ध जागीर बिल पारित कर दिए गए। राज्य पर्यटन विकास बोर्ड में उपाध्यक्ष के मनोनयन के बिल का विपक्ष ने विरोध किया और कहा कि कोविड-19 काल में यह बिल लाना गलत है। विपक्ष ने युद्ध जागीर को सात हजार से बढ़ाकर 10 हजार करने की मांग भी उठाई। हालांकि बाद में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी और माकपा विधायक राकेश सिंघा के यह संशोधन प्रस्ताव ध्वनिमत से गिर गए।  

जगत सिंह नेगी ने कहा कि एक ही संस्था में तीन-तीन तरह के निगम, विभाग और बोर्ड हैं। इनके इतने सारे अधिकारी और इतने सारे चेयरमैन हैं। बोर्ड का क्या काम होगा। कुछ भी नहीं है। अध्यक्षों की बहुत बड़ी फौज है।  हिमाचल जो पहले ही कर्ज में डूबा हुआ है, वहां हालत सही नहीं है। छुटभैया नेता को इस पद पर बैठाने की तैयारी चल रही है। हमारी तनख्वाह जो कोविड में दिया, वह चेयरमैन खा रहे हैं। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते इसे आगे स्थगित कर दिया जाए। सिग्नल ठीक जाना चाहिए। वायरस को जाने दो, एक को छोडकर दो को उपाध्यक्ष लगा दो।

जब जीडीपी गिर गई है, प्रदेश के आर्थिक हालात खराब हैं तो ऐसे बिल को लाया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह ऐसे बिल लाने का समय नहीं है। कैग ने कहा है कि कर्ज बढ़ रहे हैं, खर्चे बढ़ाए गए हैं। कैग ने कुछ निगमों-बोर्डों को तो खत्म करने की भी बात की है। यह नैतिकता की बात है और लोग उम्मीद करते हैं। रोज बयान आ रहे हैं किस्थिति ठीक नहीं है। आपके पास बहुमत नहीं है। इसे वापस लिया जाना चाहिए। कर्मचारियों का यह रोक दिया जाएगा। कोई भी सीट खाली हो तो चुपचाप लगा देते हैं, बिल लाकर यह बिलकुल सही नहीं है।

सीएम जयराम ने ये कहा

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि जो बिल सदन में पेश किया गया है, इसके बीच में जो संशोधन आए हैं, उनका वह स्वागत करते हैं। बातें अच्छी कही गई हैं। हिमाचल प्रदेश पर्यटन राज्य है। यहां बड़ी संभावनाएं हैं। उस दृष्टि से जब हम सत्ता में नहीं थे तो 2002 में बोर्ड का गठन किया गया। इस बोर्ड में मनकोटिया उपाध्यक्ष रहे, बाद में उन्होंने त्यागपत्र भी दिया। चेयरमैन का पद हमेशा सीएम के पास रहता है। एक बात जरूर कहना चाहते हैं कि उन्होंने जब मंत्री भी नहीं बनाए तो मुकेश सलाह देते थे कि मंत्री बनाएं। उसके बाद कहा कि कोविड के चलते मंत्री बनाए जाए, कौन सी बात कही जाए और कौन सी सुनी जाए। यहां सरकार का तीन साल का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। हमारे पास चेयरमैन, वाइस चेयरमैन के पद खाली हैं। आपने तो धड़ाधड़ भर्ती किए। सिंघा को तो मालूम है कि उनकी सरकार तो नहीं आएगी तो इन्होंने तो संशोधन देने ही हैं। 

भारद्वाज ने ये कहा

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि बजट सत्र में युद्ध जागीर बढ़ाने की घोषणा की, लेकिन यह बहुत ज्यादा नहीं है। 1972 में इनका आंकडा 2500 से ज्यादा था तो अब यह कम हो गया है। इस वक्त जो घोषणा बजट में हुई है, इसे हम लागू कर रहे हैं। अगले साल सीएम चाहेंगे तो इस पर विचार करेंगे कि इसे और भी बढ़ाया जाए। बजट घोषणा के अनुसार अब संशोधन यही आया है। इस बिल को पारित किया जाए। संशोधन प्रस्ताव वापस नहीं लिए गए और ध्वनिमत से गिरा दिए।

विपक्ष के विरोध के बीच हिमाचल विधानसभा सदन में मंगलवार को पर्यटन और युद्ध जागीर बिल पारित कर दिए गए। राज्य पर्यटन विकास बोर्ड में उपाध्यक्ष के मनोनयन के बिल का विपक्ष ने विरोध किया और कहा कि कोविड-19 काल में यह बिल लाना गलत है। विपक्ष ने युद्ध जागीर को सात हजार से बढ़ाकर 10 हजार करने की मांग भी उठाई। हालांकि बाद में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी और माकपा विधायक राकेश सिंघा के यह संशोधन प्रस्ताव ध्वनिमत से गिर गए।  

जगत सिंह नेगी ने कहा कि एक ही संस्था में तीन-तीन तरह के निगम, विभाग और बोर्ड हैं। इनके इतने सारे अधिकारी और इतने सारे चेयरमैन हैं। बोर्ड का क्या काम होगा। कुछ भी नहीं है। अध्यक्षों की बहुत बड़ी फौज है।  हिमाचल जो पहले ही कर्ज में डूबा हुआ है, वहां हालत सही नहीं है। छुटभैया नेता को इस पद पर बैठाने की तैयारी चल रही है। हमारी तनख्वाह जो कोविड में दिया, वह चेयरमैन खा रहे हैं। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते इसे आगे स्थगित कर दिया जाए। सिग्नल ठीक जाना चाहिए। वायरस को जाने दो, एक को छोडकर दो को उपाध्यक्ष लगा दो।

जब जीडीपी गिर गई है, प्रदेश के आर्थिक हालात खराब हैं तो ऐसे बिल को लाया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह ऐसे बिल लाने का समय नहीं है। कैग ने कहा है कि कर्ज बढ़ रहे हैं, खर्चे बढ़ाए गए हैं। कैग ने कुछ निगमों-बोर्डों को तो खत्म करने की भी बात की है। यह नैतिकता की बात है और लोग उम्मीद करते हैं। रोज बयान आ रहे हैं किस्थिति ठीक नहीं है। आपके पास बहुमत नहीं है। इसे वापस लिया जाना चाहिए। कर्मचारियों का यह रोक दिया जाएगा। कोई भी सीट खाली हो तो चुपचाप लगा देते हैं, बिल लाकर यह बिलकुल सही नहीं है।

सीएम जयराम ने ये कहा

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि जो बिल सदन में पेश किया गया है, इसके बीच में जो संशोधन आए हैं, उनका वह स्वागत करते हैं। बातें अच्छी कही गई हैं। हिमाचल प्रदेश पर्यटन राज्य है। यहां बड़ी संभावनाएं हैं। उस दृष्टि से जब हम सत्ता में नहीं थे तो 2002 में बोर्ड का गठन किया गया। इस बोर्ड में मनकोटिया उपाध्यक्ष रहे, बाद में उन्होंने त्यागपत्र भी दिया। चेयरमैन का पद हमेशा सीएम के पास रहता है। एक बात जरूर कहना चाहते हैं कि उन्होंने जब मंत्री भी नहीं बनाए तो मुकेश सलाह देते थे कि मंत्री बनाएं। उसके बाद कहा कि कोविड के चलते मंत्री बनाए जाए, कौन सी बात कही जाए और कौन सी सुनी जाए। यहां सरकार का तीन साल का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। हमारे पास चेयरमैन, वाइस चेयरमैन के पद खाली हैं। आपने तो धड़ाधड़ भर्ती किए। सिंघा को तो मालूम है कि उनकी सरकार तो नहीं आएगी तो इन्होंने तो संशोधन देने ही हैं। 

भारद्वाज ने ये कहा

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि बजट सत्र में युद्ध जागीर बढ़ाने की घोषणा की, लेकिन यह बहुत ज्यादा नहीं है। 1972 में इनका आंकडा 2500 से ज्यादा था तो अब यह कम हो गया है। इस वक्त जो घोषणा बजट में हुई है, इसे हम लागू कर रहे हैं। अगले साल सीएम चाहेंगे तो इस पर विचार करेंगे कि इसे और भी बढ़ाया जाए। बजट घोषणा के अनुसार अब संशोधन यही आया है। इस बिल को पारित किया जाए। संशोधन प्रस्ताव वापस नहीं लिए गए और ध्वनिमत से गिरा दिए।



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