हिमाचल विधानसभा सत्र: कोरोना काल में पानी के बिल माफ करने का कोई विचार नहीं

Published by Razak Mohammad on

मुख्यमंत्री स्वावलंबी योजना में दो साल में 1793 मामले स्वीकृत किए गए और 1040 इकाइयां स्थापित की गई हैं। विधायक नरेंद्र ठाकुर ने सदन में सवाल उठाया था कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना में कितने मामले स्वीकृत किए गए और कितनी यूनिट लगी हैं। लिखित जवाब में अवगत करवाया गया कि बिलासपुर जिले में 83, चंबा में 62, हमीरपुर 88, कांगड़ा 148, किन्नौर 15, कुल्लू 97, लाहौल-स्पीति 13, मंडी 95, शिमला 116, सोलन 74, सिरमौर 9 और ऊना में 136 यूनिट लगी हैं। विधायक लखविंद्र राणा ने सरकार से जानना चाहा कि क्या कोरोना के चलते प्रदेश में पानी के बिल माफ करने पर विचार किया जा रहा है। इस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि पानी के बिल माफ करने पर कोई विचार नहीं है। 

विधायक किशोरी लाल और विनोद कुमार के सवाल पर सरकार ने बताया कि 24 अप्रैल से 7 सितंबर तक 4,53,707 लोगों को कोविड ई-पास से हिमाचल लाया गया। 29 अप्रैल को प्रदेश में फंसे श्रमिकों, पर्यटकों, छात्रों और तीर्थ यात्रियों को गंतव्य तक जाने की ढील दी गई। सरकार 14428 लोगों को विभिन्न प्रदेशों से रेल और बसों से हिमाचल लाई। 

बिलासपुर में 23892, चंबा 31404, हमीरपुर 31932, कांगड़ा 1,40741, किन्नौर 5021, कुल्लू 35926, लाहौल-स्पीति 519, मंडी 25019, शिमला 34744, सिरमौर 29895, सोलन 81013 और ऊना 13601 ई-पास जारी किए गए।

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने खनन पट्टे और स्टोर क्रशरों से संबंधित सवाल उठाया। सरकार ने बताया कि तीन साल में 171 खनन साइटें पट्टे पर दीं और 38 स्टोन क्रशर आवंटित किए गए हैं। सिरमौर 11, कुल्लू दो, हमीरपुर एक, चंबा एक, मंडी चार, शिमला 3, कांगड़ा चार, सोलन 6 और ऊना में 9 स्टोर क्रशर लगे हैं। माकपा विधायक राकेश सिंघा के सवाल पर सरकार ने लिखित जवाब में बताया कि पिछले दो साल में परवाणू, बद्दी, नालागढ़, बरोटीवाला, ऊना, डमटाल, काला अंब और पांवटा साहिब में कुल 139 कामगारों का राज्य से बाहर तबादला किया गया। 478 कामगारों की छंटनी की गई और मुआवजा भी दिया गया है। 

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