हिमाचल में 15 नर्सिंग कॉलेजों पर गाज गिरना तय

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

Updated Thu, 17 Sep 2020 02:33 AM IST

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हिमाचल में 15 ऐसे नर्सिंग कॉलेज हैं, जिनके पास आधारभूत ढांचा नहीं है। ऐसे में इन कॉलेजों की मान्यता खतरे में पड़ गई है। ऐसे नर्सिंग कॉलेजों पर गाज गिरना तय है। स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें पहले भी नोटिस जारी किए थे, लेकिन रजनीतिक दबाव के चलते इन पर कार्रवाई नहीं हो सकी। अब कैबिनेट की अनुमति के चलते इन पर कार्रवाई संभव है। सूत्रों की मानें तो पूर्व में धड़ाधड़ नर्सिंग कॉलेज खोलने को मंजूरी दी गई थी। पांच कमरे वाले मकान में भी कॉलेज खोल दिए गए। सरकार को लगातार इस मामले को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं।

इसके चलते सरकार ने कैबिनेट बैठक में नर्सिंग कॉलेजों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का फैसला लिया है। अगर कॉलेज प्रबंधन के पास आधारभूत ढांचा नहीं हुआ तो नर्सिंग कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। आधारभूत ढांचे में प्रयोगशाला, टीचिंग फैकल्टी, ग्राउंड, सिटिंग कैपेसिटी आदि होना अनिवार्य होगा। इनकी जांच करने के लिए कमेटियां गठित करने का फैसला लिया गया है। कमेटियां तीन महीने के भीतर नर्सिंग कालेजों का निरीक्षण करेंगी। वर्तमान में हिमाचल में करीब 35 सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेज हैं।  इसके अलावा प्रदेश का कोई भी नर्सिंग कॉलेज सरकारी मेडिकल कॉलेज के साथ अटैच नहीं होगा।

हिमाचल में 15 ऐसे नर्सिंग कॉलेज हैं, जिनके पास आधारभूत ढांचा नहीं है। ऐसे में इन कॉलेजों की मान्यता खतरे में पड़ गई है। ऐसे नर्सिंग कॉलेजों पर गाज गिरना तय है। स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें पहले भी नोटिस जारी किए थे, लेकिन रजनीतिक दबाव के चलते इन पर कार्रवाई नहीं हो सकी। अब कैबिनेट की अनुमति के चलते इन पर कार्रवाई संभव है। सूत्रों की मानें तो पूर्व में धड़ाधड़ नर्सिंग कॉलेज खोलने को मंजूरी दी गई थी। पांच कमरे वाले मकान में भी कॉलेज खोल दिए गए। सरकार को लगातार इस मामले को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं।

इसके चलते सरकार ने कैबिनेट बैठक में नर्सिंग कॉलेजों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का फैसला लिया है। अगर कॉलेज प्रबंधन के पास आधारभूत ढांचा नहीं हुआ तो नर्सिंग कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। आधारभूत ढांचे में प्रयोगशाला, टीचिंग फैकल्टी, ग्राउंड, सिटिंग कैपेसिटी आदि होना अनिवार्य होगा। इनकी जांच करने के लिए कमेटियां गठित करने का फैसला लिया गया है। कमेटियां तीन महीने के भीतर नर्सिंग कालेजों का निरीक्षण करेंगी। वर्तमान में हिमाचल में करीब 35 सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेज हैं।  इसके अलावा प्रदेश का कोई भी नर्सिंग कॉलेज सरकारी मेडिकल कॉलेज के साथ अटैच नहीं होगा।

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