हिमाचल में मुर्गे-मुर्गियों में नहीं पाया गया बर्ड फ्लू: कंवर

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/ऊना
Updated Sat, 09 Jan 2021 07:05 PM IST

ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर
– फोटो : अमर उजाला

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ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कहीं भी मुर्गे-मुर्गियों में बर्ड फ्लू का मामला सामने नहीं आया है। अभी तक कांगड़ा जिले के प्रवासी पक्षियों में ही बर्ड फ्लू का वायरस मिलने की पुष्टि हुई है। बर्ड फ्लू से प्रभावित क्षेत्र को सरकार ने कड़ी निगरानी में रखा है। हिमाचल से भेजे मुर्गों के 110 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है जबकि, मरे हुए कौवों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। राज्य सरकार के पास यह रिपोर्ट पहुंच चुकी है। प्रदेश सरकार ने मुर्गों के 110 नमूने जांच के लिए जालंधर लैब में भेजे थे। इनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। फिलहाल पोल्ट्री फार्म के पक्षियों में कोई खतरा नहीं है। मंत्री कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बर्ड फ्लू पर निगरानी रखने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीमें तैनात कर रखी हैं।

कांगड़ा में 8 जनवरी तक 3,767 प्रवासी पक्षियों की मौत हुई है, जिनमें बार हेडेड गीज पक्षियों की संख्या सबसे अधिक है। जिला कांगड़ा में विभाग की 55 रैपिड रिस्पांस टीमें तथा वन्य जीव विभाग की 10 टीमें लगातार निगरानी का कार्य कर रही हैं। कांगड़ा के अतिरिक्त मंडी, बिलासपुर व सिरमौर जिलों में भी जंगली पक्षियों की मौत के मामले सामने आए हैं लेकिन, कोई भी मौत एवियन फ्लू से होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। केंद्र से विशेषज्ञों का एक दल रविवार को कांगड़ा जिला में पहुंच रहा है। इस दल के साथ हिमाचल प्रदेश पशु पालन विभाग के पैथोलॉजिस्ट डॉ. विक्रम सिंह, सह निदेशक डॉ. रवि प्रकाश, उप-निदेशक डॉ. संजीव धीमान भी कार्य करेंगे। 

हिदायत : मरे पक्षियों से दूरी बना कर रखें 
पशु पालन मंत्री ने की प्रदेश की जनता से आग्रह किया है कि मरे हुए पक्षियों से दूरी बना कर रखें। उनके पास जाने या छूने से परहेज करें। अगर आस-पास किसी पक्षी की मौत हो जाती है तो इसकी सूचना पशु पालन या वन विभाग को दें। जहां से भी नॉन-वेज खरीदें, वहां साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। पोल्ट्री और उसके उत्पाद पकाने से पहले अपने हाथ धोएं और ठीक से पकाएं।
 

बर्ड फ्लू के बीच नादौन में दो स्थलों पर चमगादड़ और कबूतर मृत अवस्था में मिले हैं। जोल सप्पड़ में स्तनधारी जीव चमगादड़ मृत मिला है। इसके मरने का प्रारंभिक कारण बिजली के तारों से करंट की चपेट में आना बताया जा रहा है। वहीं, अस्पताल के निकट मृत मिले कबूतर के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है कि इसकी मौत कैसे हुई है।

पशुपालन विभाग के डॉ. सतीश कपूर ने कहा कि चमगादड़ स्तनधारी जीव है, जो पक्षियों की श्रेणी में न आकर जानवर है। इसका शरीर करंट के कारण जला हुआ था। वन्य जीव विभाग इसका अंतिम संस्कार करेगा। दूसरे पक्षी की मौत की जानकारी केवल वीडियो के माध्यम से मिली है। वन परिक्षेत्र अधिकारी विकास दत्ता ने कहा कि जोल सप्पड़ में मृत मिले चमगादड़ का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। 

ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कहीं भी मुर्गे-मुर्गियों में बर्ड फ्लू का मामला सामने नहीं आया है। अभी तक कांगड़ा जिले के प्रवासी पक्षियों में ही बर्ड फ्लू का वायरस मिलने की पुष्टि हुई है। बर्ड फ्लू से प्रभावित क्षेत्र को सरकार ने कड़ी निगरानी में रखा है। हिमाचल से भेजे मुर्गों के 110 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है जबकि, मरे हुए कौवों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। राज्य सरकार के पास यह रिपोर्ट पहुंच चुकी है। प्रदेश सरकार ने मुर्गों के 110 नमूने जांच के लिए जालंधर लैब में भेजे थे। इनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। फिलहाल पोल्ट्री फार्म के पक्षियों में कोई खतरा नहीं है। मंत्री कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बर्ड फ्लू पर निगरानी रखने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीमें तैनात कर रखी हैं।

कांगड़ा में 8 जनवरी तक 3,767 प्रवासी पक्षियों की मौत हुई है, जिनमें बार हेडेड गीज पक्षियों की संख्या सबसे अधिक है। जिला कांगड़ा में विभाग की 55 रैपिड रिस्पांस टीमें तथा वन्य जीव विभाग की 10 टीमें लगातार निगरानी का कार्य कर रही हैं। कांगड़ा के अतिरिक्त मंडी, बिलासपुर व सिरमौर जिलों में भी जंगली पक्षियों की मौत के मामले सामने आए हैं लेकिन, कोई भी मौत एवियन फ्लू से होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। केंद्र से विशेषज्ञों का एक दल रविवार को कांगड़ा जिला में पहुंच रहा है। इस दल के साथ हिमाचल प्रदेश पशु पालन विभाग के पैथोलॉजिस्ट डॉ. विक्रम सिंह, सह निदेशक डॉ. रवि प्रकाश, उप-निदेशक डॉ. संजीव धीमान भी कार्य करेंगे। 

हिदायत : मरे पक्षियों से दूरी बना कर रखें 

पशु पालन मंत्री ने की प्रदेश की जनता से आग्रह किया है कि मरे हुए पक्षियों से दूरी बना कर रखें। उनके पास जाने या छूने से परहेज करें। अगर आस-पास किसी पक्षी की मौत हो जाती है तो इसकी सूचना पशु पालन या वन विभाग को दें। जहां से भी नॉन-वेज खरीदें, वहां साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। पोल्ट्री और उसके उत्पाद पकाने से पहले अपने हाथ धोएं और ठीक से पकाएं।

 


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नादौन में मृत मिले चमगादड़ और कबूतर



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