हिमाचल में मिले 73 हिमांशु, देश में पहली बार हुआ डेवलपर से पता चला

Shimla News


अशोक राणा, अमर उजाला, केलिंग (लाहौल-स्पीति)

द्वारा प्रकाशित: कृष्ण सिंह
अद्यतित बुध, ० Updated अप्रैल २०२१ 02:35 AM IST

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पर्यावरण और वन्य जीव प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर है। हिमाचल प्रदेश में हिमालय की संख्या 73 पाई गई है। देश भर में पहली बार हुआ डेवलपर से यह खुलासा हुआ है। इससे पहले वन्य जीव विभाग अपने स्तर पर अलग-अलग तरीकों से हिमालुओं पर नजर रखता है, जिसमें लगभग तीन दर्जन हिमांशु खुद पाए गए थे। अब इनकी संख्या का सही पता डेवलपर से चला गया है। प्रदेश में 2018 में वन्य जीव विभाग और मैसूर स्थित नेचर कंजर्वेशन फाउंडेशन (एनसीएफ) की ओर से शुरू किए गए अभियान के तीन साल में पूरा हुआ। देश में पहली बार नई तकनीक से प्रदेश के 26112 वर्ग किलोमीटर में हिमखंडुओं की गिनती के लिए सर्वे हुआ है।

इससे पहले वन्य जीव विभाग ने स्पीति में कैमरों की मदद से हिमालुओं पर नजर रखी थी। उस दौरान 35 हिमखंडीय कैमरों में ट्रैप हुए थे। इस बार सर्वे में स्पीति के अलावा लाहौल, चंबा के पांगी और किन्नौर से भी हिमखंडुओं की सही गणना का पता चला है। विशेषज्ञों की मानें तो इनकी इतनी अधिक संख्या होने से हिमालयन क्षेत्रों का संतुलन बेहतर होने में मदद मिलेगी। हिमांदों की गणना के लिए लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिले के 10 स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। ये सभी 10 स्थानों पर हिमालुओं की गतिविधियों के कैद हुए हैं। 187 बार कैमरों में 44 अलग-अलग हिमालैंडों को कैद किया गया है। सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में हिमालुओं की तादाद 73 तक होने का दावा किया गया है।

सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि जिन इलाकों में इबैक्स और ब्लू शीप की संख्या अधिक है, उन क्षेत्रों में हिमालुओं की संख्या भी बढ़ी है। देश में पहली बार इतने बड़े क्षेत्र में हिममंडलों की गणना के लिए वैज्ञानिक रूप से भरोसेमंद तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस तकनीक से पूरे हिमाचल में एक साथ हिमखंडुओं की गणना हुई है। गणना के लिए टागइर की गणना में इस्तेमाल होने वाली तकनीक की मदद ली गई है। – अजय विजोर, समन्वयक, नेचर कंजर्वेशन फाउंडेशन

जहां होंएंडुए में कैमरे लगे हैं
डेवलपर के मुताबिक भागा और भरमौर रेंज में एक-एक, चंद्रा में तीन, कुल्लू में दो, मयाड़ में दो, पिन में छह, बास्पा में तीन, ताबो में नौ, हंगरंग में आठ और शेष स्पीति में नौ हिमांशु कैमरों में कैद हुए। । इसके अलावा भी और हिमांशुओं का पता चला है। भागा में 30, भरमौर में 21, चंद्रा में 31, कुल्लू में 30, मयाड़ में 36, पिन में 25, बास्पा में 20, ताबो में 29, हंगरंग में 31 और शेष स्पीति में 31 कैमरों को लिया गया।

पर्यावरण और वन्य जीव प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर है। हिमाचल प्रदेश में हिमालय की संख्या 73 पाई गई है। देश भर में पहली बार हुआ डेवलपर से यह खुलासा हुआ है। इससे पहले वन्य जीव विभाग अपने स्तर पर अलग-अलग तरीकों से हिमालुओं पर नजर रखता है, जिसमें लगभग तीन दर्जन हिमांशु खुद पाए गए थे। अब इनकी संख्या का सही पता डेवलपर से चला गया है। प्रदेश में 2018 में वन्य जीव विभाग और मैसूर स्थित नेचर कंजर्वेशन फाउंडेशन (एनसीएफ) की ओर से शुरू किए गए अभियान के तीन साल में पूरा हुआ। देश में पहली बार नई तकनीक से प्रदेश के 26112 वर्ग किलोमीटर में हिमखंडुओं की गिनती के लिए सर्वे हुआ है।

इससे पहले वन्य जीव विभाग ने स्पीति में कैमरों की मदद से हिमालुओं पर नजर रखी थी। उस दौरान 35 हिमखंडीय कैमरों में ट्रैप हुए थे। इस बार सर्वे में स्पीति के अलावा लाहौल, चंबा के पांगी और किन्नौर से भी हिमखंडुओं की सही गणना का पता चला है। विशेषज्ञों की मानें तो इनकी इतनी अधिक संख्या होने से हिमालयन क्षेत्रों का संतुलन बेहतर होने में मदद मिलेगी। हिमांदों की गणना के लिए लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिले के 10 स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। ये सभी 10 स्थानों पर हिमालुओं की गतिविधियों के कैद हुए हैं। 187 बार कैमरों में 44 अलग-अलग हिमालैंडों को कैद किया गया है। सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में हिमालुओं की तादाद 73 तक होने का दावा किया गया है।

सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि जिन इलाकों में इबैक्स और ब्लू शीप की संख्या अधिक है, उन क्षेत्रों में हिमालुओं की संख्या भी बढ़ी है। देश में पहली बार इतने बड़े क्षेत्र में हिममंडलों की गणना के लिए वैज्ञानिक रूप से भरोसेमंद तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस तकनीक से पूरे हिमाचल में एक साथ हिमखंडुओं की गणना हुई है। गणना के लिए टागइर की गणना में इस्तेमाल होने वाली तकनीक की मदद ली गई है। – अजय विजोर, समन्वयक, नेचर कंजर्वेशन फाउंडेशन

जहां होंएंडुए में कैमरे लगे हैं

डेवलपर के मुताबिक भागा और भरमौर रेंज में एक-एक, चंद्रा में तीन, कुल्लू में दो, मयाड़ में दो, पिन में छह, बास्पा में तीन, ताबो में नौ, हंगरंग में आठ और शेष स्पीति में नौ हिमांशु कैमरों में कैद हुए। । इसके अलावा भी और हिमांशुओं का पता चला है। भागा में 30, भरमौर में 21, चंद्रा में 31, कुल्लू में 30, मयाड़ में 36, पिन में 25, बास्पा में 20, ताबो में 29, हंगरंग में 31 और शेष स्पीति में 31 कैमरे लगे हुए हैं।





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