हिमाचल में पांच जगह बनेंगे 50-50 बिस्तर वाले मेक शिफ्ट अस्पताल : जयराम

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

Updated Wed, 16 Sep 2020 06:09 PM IST

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
– फोटो : अमर उजाला

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कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या देखते हुए सरकार ने प्रदेश में पांच जगह 50-50 बिस्तरों वाले मेक शिफ्ट अस्पताल बनाने का फैसला लिया है। शिमला, नालागढ़, टांडा, नाहन और ऊना में प्री फेबरिकेटिड अस्पताल बनेंगे। इसे वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद भारत सरकार (सीएसआईआर) कम समय में तैयार कर लिया जाएगा करेगी। यह संस्थान भविष्य में अन्य जगह भी स्थापित होंगे। बुधवार को विधानसभा सदन में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर यह जानकारी दी।

सीएम ने प्रदेश के बॉर्डर सभी लोगों के लिए खोलने के कैबिनेट के फैसले से भी सदन को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने बिना लक्षण वाले कोरोना पॉजीटिव मरीजों से होम आईसोलेशन में रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लक्षणों को हल्के में न लें। अस्पताल जाकर उपचार करवाएं। घरेलू उपचार में समय नष्ट न करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र के अनुरोध और कई वर्गों की मांग के अलावा आर्थिक गतिविधियां सुचारु चलाने को सरकार ने वर्तमान ई पंजीकरण प्रक्रिया बंद करने का फैसला लिया है। प्रदेश में प्रवेश बाधा मुक्त कर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आईसीएमआर और केंद्र की निर्धारित कोरोना मरीजों की डिस्चार्ज पालिसी हर राज्य अपना रहा है।

अब पाजीटिव मरीजों में 10 दिन बाद अगर निर्देशों के अनुरूप लक्षण न हो तो उसका बिना टेस्ट किए 7 दिन के लिए होम क्वारंटीन भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कोरोना के बढ़ते हुए मरीजों के इलाज को तैयार है। आईसीयू, वेंटिलेटर की पर्याप्त व्यवस्था है। हिमाचल में 3800 एक्टिव केस हैं, 1655 लोग होम आईसोलेट हैं। सभी विधायक तय करें कि एक हफ्ते के लिए होम आईसोलेशन को लेकर जनता को जागरूक करेंगे। सीएम ने कहा कि प्रदेश में दुर्भाग्यवश मृत्यु दर में बढ़ोतरी हुई है। बहुत से लोग जांच नहीं करवा रहे हैं, वे तब आ रहे हैं, जब देरी हो रही है। इससे मौतें हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नए नर्सिंग कॉलेज तभी खोले जाएंगे, अगर उस संस्थान का अपना 100 बेड का अस्पताल हो। केंद्र के आदेशों के अनुरूप जीएमएम कोर्स को 2021-22 के सत्र से बंद किया जाएगा और पुराने संस्थानों को इस कोर्स को बीएससी नर्सिंग में बदलने के लिए आवेदन करना होगा। मौजूदा कॉलेजों को अलग-अलग कोर्स के लिए सीट वृद्धि आदि का सशर्त अनुमोदन किया जाएगा। एमएससी  (नर्सिंग) के अलावा अन्य कोर्स के लिए किसी भी मौजूदा कॉलेज को सरकारी अस्पताल के साथ अटैचमेंट नहीं मिलेगी, हालांकि पहले दी गई अटैचमेंट यथावत रहेगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता का अंश भी पढ़कर सुनाया।…

बाधाएं आती हैं आएं

घिरें प्रलय की घोर घटाएं, 

पांवों के नीचे अंगारे,

सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं,

निज हाथों से हंसते-हंसते,

आग जलाकर जलना होगा

कदम मिलाकर चलना होगा।

कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या देखते हुए सरकार ने प्रदेश में पांच जगह 50-50 बिस्तरों वाले मेक शिफ्ट अस्पताल बनाने का फैसला लिया है। शिमला, नालागढ़, टांडा, नाहन और ऊना में प्री फेबरिकेटिड अस्पताल बनेंगे। इसे वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद भारत सरकार (सीएसआईआर) कम समय में तैयार कर लिया जाएगा करेगी। यह संस्थान भविष्य में अन्य जगह भी स्थापित होंगे। बुधवार को विधानसभा सदन में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर यह जानकारी दी।

सीएम ने प्रदेश के बॉर्डर सभी लोगों के लिए खोलने के कैबिनेट के फैसले से भी सदन को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने बिना लक्षण वाले कोरोना पॉजीटिव मरीजों से होम आईसोलेशन में रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लक्षणों को हल्के में न लें। अस्पताल जाकर उपचार करवाएं। घरेलू उपचार में समय नष्ट न करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र के अनुरोध और कई वर्गों की मांग के अलावा आर्थिक गतिविधियां सुचारु चलाने को सरकार ने वर्तमान ई पंजीकरण प्रक्रिया बंद करने का फैसला लिया है। प्रदेश में प्रवेश बाधा मुक्त कर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आईसीएमआर और केंद्र की निर्धारित कोरोना मरीजों की डिस्चार्ज पालिसी हर राज्य अपना रहा है।

अब पाजीटिव मरीजों में 10 दिन बाद अगर निर्देशों के अनुरूप लक्षण न हो तो उसका बिना टेस्ट किए 7 दिन के लिए होम क्वारंटीन भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कोरोना के बढ़ते हुए मरीजों के इलाज को तैयार है। आईसीयू, वेंटिलेटर की पर्याप्त व्यवस्था है। हिमाचल में 3800 एक्टिव केस हैं, 1655 लोग होम आईसोलेट हैं। सभी विधायक तय करें कि एक हफ्ते के लिए होम आईसोलेशन को लेकर जनता को जागरूक करेंगे। सीएम ने कहा कि प्रदेश में दुर्भाग्यवश मृत्यु दर में बढ़ोतरी हुई है। बहुत से लोग जांच नहीं करवा रहे हैं, वे तब आ रहे हैं, जब देरी हो रही है। इससे मौतें हो रही हैं।


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100 बेड का अस्पताल होने पर ही खोल सकेंगे नर्सिंग कॉलेज 

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