हिमाचल: फसलों पर कोहरे का कहर, किसान-बागवान चिंतित

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Updated Thu, 14 Jan 2021 11:59 AM IST

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 हिमाचल प्रदेश में लंबे समय तक सूखे से कोहरे की मार फसलों पर पड़ना शुरू हो गई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में कोहरे से लगातार कोहरा पड़ने से किसान और बागवान चिंतित हो गए हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल कोहरे का असर ज्यादा नहीं है। अगर लंबे समय तक सूख बना रहता है तो इससे कोहरे का असर गेहूं, जौ, चना, प्याज, गोभी, लहसुन, पालक के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकता है। जमीन के नीचे पैदा होने वाली फसलों पर कोहरे का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। दूसरी ओर, बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि फलदार पेड़ों सेब, खुमानी, नाशपाती, चेरी और आम के पेड़ों के लिए कोहरा नुकसानदायी होगा। ऐसी स्थिति में बगीचों में प्रबंघन करते समय बागवानों को विशेष गौर करने की जरूरत है ताकि फलदार पेड़ों को कोहरे की मार से बचाया जा सके।

कृषि विभाग के निदेशक डॉ. नरेश कुमार बधान ने कहा कि रबी सीजन के दौरान फसलों को कोहरे की मार ज्यादा पड़ती है। लंबे समय तक सूखा रहता है तो कोहरे से गेहूं, जौ, चना, गोभी, प्याज और पालक के खराब होने की आशंका रहती है। कोहरे की मार से फसलों की पैदावार भी कम हो सकती है। उनका कहना है कि कोहरे की मार फसलों को न पड़े, इसके लिए खेतों में सिंचाई करते रहें। इससे कोहरे की मार कम पड़ती है।

बगीचों में फिलहाल काट- छांट न करें बागवान
बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने कहा कि कोहरे के रहते बगीचों में फलदार पेड़ों की काट-छांट न करें। ऐसी स्थिति में पेड़ों की टहनियां काटने से पेड़ों के जख्म नहीं भरते। बगीचों में सूखे के कारण तौलिए बनाना भी खतरनाक रहता है और पेड़ों के सूखने की आशंका रहती है। सेब, नाशपाती, चेरी, अखरोट, बादाम के पेड़ों की काटछांट न करें। छोटे फलदार पेड़ो को घास से ढक दें, ताकि पेड़ खराब न हों।

 हिमाचल प्रदेश में लंबे समय तक सूखे से कोहरे की मार फसलों पर पड़ना शुरू हो गई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में कोहरे से लगातार कोहरा पड़ने से किसान और बागवान चिंतित हो गए हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल कोहरे का असर ज्यादा नहीं है। अगर लंबे समय तक सूख बना रहता है तो इससे कोहरे का असर गेहूं, जौ, चना, प्याज, गोभी, लहसुन, पालक के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकता है। जमीन के नीचे पैदा होने वाली फसलों पर कोहरे का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। दूसरी ओर, बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि फलदार पेड़ों सेब, खुमानी, नाशपाती, चेरी और आम के पेड़ों के लिए कोहरा नुकसानदायी होगा। ऐसी स्थिति में बगीचों में प्रबंघन करते समय बागवानों को विशेष गौर करने की जरूरत है ताकि फलदार पेड़ों को कोहरे की मार से बचाया जा सके।

कृषि विभाग के निदेशक डॉ. नरेश कुमार बधान ने कहा कि रबी सीजन के दौरान फसलों को कोहरे की मार ज्यादा पड़ती है। लंबे समय तक सूखा रहता है तो कोहरे से गेहूं, जौ, चना, गोभी, प्याज और पालक के खराब होने की आशंका रहती है। कोहरे की मार से फसलों की पैदावार भी कम हो सकती है। उनका कहना है कि कोहरे की मार फसलों को न पड़े, इसके लिए खेतों में सिंचाई करते रहें। इससे कोहरे की मार कम पड़ती है।

बगीचों में फिलहाल काट- छांट न करें बागवान

बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने कहा कि कोहरे के रहते बगीचों में फलदार पेड़ों की काट-छांट न करें। ऐसी स्थिति में पेड़ों की टहनियां काटने से पेड़ों के जख्म नहीं भरते। बगीचों में सूखे के कारण तौलिए बनाना भी खतरनाक रहता है और पेड़ों के सूखने की आशंका रहती है। सेब, नाशपाती, चेरी, अखरोट, बादाम के पेड़ों की काटछांट न करें। छोटे फलदार पेड़ो को घास से ढक दें, ताकि पेड़ खराब न हों।

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