हिमाचल: नवंबर से कॉलेजों में बुलाए जाएंगे प्रैक्टिकल विषयों वाले विद्यार्थी

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

Updated Sun, 18 Oct 2020 02:15 AM IST

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हिमाचल में नवंबर से कॉलेजों को भी नियमित पढ़ाई के लिए खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में प्रैक्टिकल विषयों वाले स्टूडेंट्स को कॉलेजों में बुलाया जाएगा। फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और भूगोल विषय पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की नवंबर से कक्षाएं लगाने की योजना तैयार हो गई है।

कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को लाकर सरकार की मंजूरी मिलते निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। फर्स्ट और सेकेंड ईयर के स्टूडेंट्स को प्रमोट करने का फैसला भी कैबिनेट बैठक में होगा। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं करवाने की संभावना अब बहुत कम है। प्रोविजनल आधार पर शिक्षा विभाग अगली कक्षाओं में विद्यार्थियों के दाखिले कर चुका है।

करीब डेढ़ माह से इनकी ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी है। ऐसे में अब शिक्षा विभाग सरकार को असेसमेंट के आधार पर ही इन विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट करने की सिफारिश करने का प्रस्ताव भेज रहा है। पहली नवंबर से यूजीसी के निर्देशानुसार डिग्री कॉलेजों में नया शैक्षणिक सत्र भी शुरू किया जाना है। ऐसे में परीक्षाएं करवाने की स्थिति में भी विश्वविद्यालय और शिक्षा विभाग नहीं है। विभाग ने सरकार को असेसमेंट का विकल्प भेजा है।

इसके तहत प्रमोट किए जाने वाले विद्यार्थियों की बीती कक्षा के परीक्षा परिणाम के 50 फीसदी अंकों, वर्तमान कक्षा की आंतरिक परीक्षाओं के 30 फीसदी अंकों और टीचर असेसमेंट के बीस फीसदी अंकों के आधार पर परिणाम तैयार करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत प्रमोट होने वाले विद्यार्थियों को अगले वर्ष अंक सुधार करने को परीक्षा देने का मौका देने का विकल्प भी तैयार किया गया है।

हिमाचल में नवंबर से कॉलेजों को भी नियमित पढ़ाई के लिए खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में प्रैक्टिकल विषयों वाले स्टूडेंट्स को कॉलेजों में बुलाया जाएगा। फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और भूगोल विषय पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की नवंबर से कक्षाएं लगाने की योजना तैयार हो गई है।

कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को लाकर सरकार की मंजूरी मिलते निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। फर्स्ट और सेकेंड ईयर के स्टूडेंट्स को प्रमोट करने का फैसला भी कैबिनेट बैठक में होगा। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं करवाने की संभावना अब बहुत कम है। प्रोविजनल आधार पर शिक्षा विभाग अगली कक्षाओं में विद्यार्थियों के दाखिले कर चुका है।

करीब डेढ़ माह से इनकी ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी है। ऐसे में अब शिक्षा विभाग सरकार को असेसमेंट के आधार पर ही इन विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट करने की सिफारिश करने का प्रस्ताव भेज रहा है। पहली नवंबर से यूजीसी के निर्देशानुसार डिग्री कॉलेजों में नया शैक्षणिक सत्र भी शुरू किया जाना है। ऐसे में परीक्षाएं करवाने की स्थिति में भी विश्वविद्यालय और शिक्षा विभाग नहीं है। विभाग ने सरकार को असेसमेंट का विकल्प भेजा है।

इसके तहत प्रमोट किए जाने वाले विद्यार्थियों की बीती कक्षा के परीक्षा परिणाम के 50 फीसदी अंकों, वर्तमान कक्षा की आंतरिक परीक्षाओं के 30 फीसदी अंकों और टीचर असेसमेंट के बीस फीसदी अंकों के आधार पर परिणाम तैयार करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत प्रमोट होने वाले विद्यार्थियों को अगले वर्ष अंक सुधार करने को परीक्षा देने का मौका देने का विकल्प भी तैयार किया गया है।

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Categories: Shimla

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