हिमाचल की जनता पहले जयराम भरोसे थी, अब कर दी राम भरोसे

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

Updated Wed, 16 Sep 2020 04:22 PM IST

नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री (फाइल फोटो)
– फोटो : अमर उजाला

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मानसून सत्र के आठवें दिन बुधवार को शोकोद्गार के बाद आधे घंटे तक सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से चली। ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर भी विपक्ष शांत रहा। करीब साढे़ 12 बजे सदन में कांग्रेस विधायक दल ने हंगामा कर दिया। नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कैबिनेट की ओर से बॉर्डर खोलने के फैसले पर सदन में स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

मुकेश ने कहा कि यहां एक मृत्यु पर हिमाचल बंद हो गया था। अब इतनी अधिक मौतें हिमाचल में हो गई हैं। 10 हजार पॉजिटिव केस हो गए हैं। अब तक तो जनता जयराम के भरोसे थी, सरकार ने अब रामभरोसे छोड़ दी है। सरकार के हाथ खडे़ हो गए हैं। कहा कि हमें मालूम है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशों का पालन किया जाना है। पर्यटन उद्योग और हिमाचल की आर्थिक दशा को भी ठीक करना है। ऐसे में प्रदेश की सीमाएं खोली गई हैं। अब प्रदेश को कैसे चलाएंगे।

इस बारे में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने कैग रिपोर्ट की किताबें भी विपक्ष को नहीं देने को लेकर विरोध जताया। कहा कि कैग ने जयराम सरकार के कामकाज को लेकर पहली रिपोर्ट दी है। इसमें कई कुप्रबंधनों का उल्लेख है। सरकार ने इन किताबों को गोल कर दिया है। सिर्फ सीडी पकड़ा दी गई है। कैग रिपोर्ट की विस्तृत किताबें सभी विधायकों को मुहैया करवानी चाहिए।

मानसून सत्र के आठवें दिन बुधवार को शोकोद्गार के बाद आधे घंटे तक सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से चली। ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर भी विपक्ष शांत रहा। करीब साढे़ 12 बजे सदन में कांग्रेस विधायक दल ने हंगामा कर दिया। नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कैबिनेट की ओर से बॉर्डर खोलने के फैसले पर सदन में स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

मुकेश ने कहा कि यहां एक मृत्यु पर हिमाचल बंद हो गया था। अब इतनी अधिक मौतें हिमाचल में हो गई हैं। 10 हजार पॉजिटिव केस हो गए हैं। अब तक तो जनता जयराम के भरोसे थी, सरकार ने अब रामभरोसे छोड़ दी है। सरकार के हाथ खडे़ हो गए हैं। कहा कि हमें मालूम है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशों का पालन किया जाना है। पर्यटन उद्योग और हिमाचल की आर्थिक दशा को भी ठीक करना है। ऐसे में प्रदेश की सीमाएं खोली गई हैं। अब प्रदेश को कैसे चलाएंगे।

इस बारे में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने कैग रिपोर्ट की किताबें भी विपक्ष को नहीं देने को लेकर विरोध जताया। कहा कि कैग ने जयराम सरकार के कामकाज को लेकर पहली रिपोर्ट दी है। इसमें कई कुप्रबंधनों का उल्लेख है। सरकार ने इन किताबों को गोल कर दिया है। सिर्फ सीडी पकड़ा दी गई है। कैग रिपोर्ट की विस्तृत किताबें सभी विधायकों को मुहैया करवानी चाहिए।



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