हिमाचल: आठ दिन बाद स्कूल खोलने को एसओपी तैयार, एचपीयू ने खोले हॉस्टल

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

Updated Sat, 12 Sep 2020 09:41 PM IST

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शिक्षकों और विद्यार्थियों को 21 सितंबर से स्कूल बुलाने को लेकर अगले सप्ताह एसओपी जारी होगी। केंद्र सरकार से जारी अनलॉक-4 की गाइडलाइन के अनुसार नौवीं से जमा दो कक्षा के विद्यार्थी 21 सितंबर से स्कूल आ सकेंगे। हालांकि केंद्र ने अभिभावकों के सहमति पत्र पर ही बच्चों को स्कूलों भेजने को मंजूरी दी है। केंद्र ने इसका अंतिम फैसला राज्य सरकार पर छोड़ा है। केंद्र ने बीते दिनों एसओपी भी जारी की है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने भी एसओपी तैयार कर अंतिम मंजूरी के लिए फाइल शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर को भेजी है। इसमें 21 सितंबर से 50 फीसदी शिक्षक और अन्य स्टाफ को स्कूल आना होगा। वहीं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने बाहरी राज्यों और दूरदराज के परीक्षार्थियों के लिए हॉस्टल सशर्त खोले दिए हैं। केंद्र से 30 सितंबर तक स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान बंद रखने का फैसला लिया है। प्रदेश शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने बताया कि केंद्र ने कंटेनमेंट जोन से बाहर वाले स्कूलों में नौवीं से जमा दो कक्षा को शुरू करने के लिए एसओपी जारी की है। हिमाचल ने भी एसओपी तैयार कर ली है। पहली से आठवीं कक्षा की ऑनलाइन पढ़ाई की मानीटरिंग 21 सितंबर से शिक्षक स्कूल आकर करेंगे।  

एचपीयू ने 15 सितंबर से स्नातकोत्तर परीक्षा के लिए बाहरी राज्यों और प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए सशर्त छात्रावास खुले रखने का फैसला लिया है। विवि के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. रणवीर वर्मा ने बताया कि पहले से ही हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों को यह सुविधा मिलेगी। इस फैसले के बाद छात्रावासों में सैनिटाइजेशन और संक्रमण से सुरक्षा के इंतजाम शनिवार से ही शुरू कर दिए गए हैं। बाहर से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों को अपने साथ रैपिड एंटीजन टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी। इसके अलावा जिनके घर से विश्वविद्यालय की ओर से स्थापित पीजी परीक्षा केंद्र 50 किलोमीटर से अधिक दूरी पर हैं, उन छात्रों को अपने साथ घर से 50 किलोमीटर से अधिक की दूरी का प्रमाण पत्र लाना होगा। इसे एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कम से कम तहसीलदार स्तर तक के अधिकारी ने जारी किया हो। यूजी की तर्ज पर कोविड-19 के कारण छात्र परीक्षा देने से वंचित रह जाता है तो उन्हें अलग से मौका मिलेगा। छात्रावास में आवश्यक दूरी की शर्त लागू रहेगी। परीक्षा शेड्यूल के मुताबिक अंतिम परीक्षा होते ही कमरों को खाली करना होगा। 

 

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। हिमाचल ने हिंदी भाषा को मातृभाषा माना है। आने वाले समय में स्थानीय बोलियों को लेकर फैसला लिया जाएगा।

सभी सरकारी और निजी स्कूल इस नीति के दायरे में आएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के लिए गठित की गई 43 सदस्यीय टास्क फोर्स की पहली बैठक रविवार को दोपहर दो बजे राज्य सचिवालय में होगी। आगामी दिनों में किए जाने वाले कार्यों को लेकर टास्क फोर्स को जिम्मेवारी सौंपी जाएगी। 

शिक्षकों और विद्यार्थियों को 21 सितंबर से स्कूल बुलाने को लेकर अगले सप्ताह एसओपी जारी होगी। केंद्र सरकार से जारी अनलॉक-4 की गाइडलाइन के अनुसार नौवीं से जमा दो कक्षा के विद्यार्थी 21 सितंबर से स्कूल आ सकेंगे। हालांकि केंद्र ने अभिभावकों के सहमति पत्र पर ही बच्चों को स्कूलों भेजने को मंजूरी दी है। केंद्र ने इसका अंतिम फैसला राज्य सरकार पर छोड़ा है। केंद्र ने बीते दिनों एसओपी भी जारी की है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने भी एसओपी तैयार कर अंतिम मंजूरी के लिए फाइल शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर को भेजी है। इसमें 21 सितंबर से 50 फीसदी शिक्षक और अन्य स्टाफ को स्कूल आना होगा। वहीं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने बाहरी राज्यों और दूरदराज के परीक्षार्थियों के लिए हॉस्टल सशर्त खोले दिए हैं। केंद्र से 30 सितंबर तक स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान बंद रखने का फैसला लिया है। प्रदेश शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने बताया कि केंद्र ने कंटेनमेंट जोन से बाहर वाले स्कूलों में नौवीं से जमा दो कक्षा को शुरू करने के लिए एसओपी जारी की है। हिमाचल ने भी एसओपी तैयार कर ली है। पहली से आठवीं कक्षा की ऑनलाइन पढ़ाई की मानीटरिंग 21 सितंबर से शिक्षक स्कूल आकर करेंगे।  

एचपीयू ने 15 सितंबर से स्नातकोत्तर परीक्षा के लिए बाहरी राज्यों और प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए सशर्त छात्रावास खुले रखने का फैसला लिया है। विवि के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. रणवीर वर्मा ने बताया कि पहले से ही हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों को यह सुविधा मिलेगी। इस फैसले के बाद छात्रावासों में सैनिटाइजेशन और संक्रमण से सुरक्षा के इंतजाम शनिवार से ही शुरू कर दिए गए हैं। बाहर से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों को अपने साथ रैपिड एंटीजन टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी। इसके अलावा जिनके घर से विश्वविद्यालय की ओर से स्थापित पीजी परीक्षा केंद्र 50 किलोमीटर से अधिक दूरी पर हैं, उन छात्रों को अपने साथ घर से 50 किलोमीटर से अधिक की दूरी का प्रमाण पत्र लाना होगा। इसे एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कम से कम तहसीलदार स्तर तक के अधिकारी ने जारी किया हो। यूजी की तर्ज पर कोविड-19 के कारण छात्र परीक्षा देने से वंचित रह जाता है तो उन्हें अलग से मौका मिलेगा। छात्रावास में आवश्यक दूरी की शर्त लागू रहेगी। परीक्षा शेड्यूल के मुताबिक अंतिम परीक्षा होते ही कमरों को खाली करना होगा। 

 


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