हाईकोर्ट में बोली युवती- ‘मुझे बचाओ, शराबी से नहीं करनी शादी’, भाई पर लगाए गंभीर आरोप

Published by Razak Mohammad on

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एक लड़की ने पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके अपने ही भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लड़की का कहना है कि उसका भाई एक शराबी लड़के से शादी के लिए उसे मजबूर कर रहा है। हिसार निवासी युवती ने भाई से अपनी सुरक्षा के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है।

उच्च न्यायालय ने हिसार के एसपी को शिकायत पर गौर करके उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि वह हिसार में रहती है और फिलहाल शादी नहीं करना चाहती। लेकिन भाई जबरन उसकी शादी करवाना चाहता है। जिस युवक से उसका भाई शादी कराना चाहता है, वह हमेशा शराब के नशे में धुत रहता है।

याचिकाकर्ता का विवाह यदि उसके साथ हुआ तो उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। उसने बताया कि भाई और घर वालों से सुरक्षा के लिए उसने 20 अगस्त को हिसार के एसपी को एक मांगपत्र भी सौंपा था, जिस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। अब अपने सांविधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए याचिकाकर्ता को मजबूरन उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी है।

उच्च न्यायालय ने याचिका का निपटारा करते हुए हिसार के एसपी को युवती द्वारा सौंपे गए 20 अगस्त के मांगपत्र पर फैसला लेने के आदेश दिए हैं।

सार

  • युवती ने उच्च न्यायालय से लगाई शादी रुकवाने की गुहार
  • भाई पर लगाया आरोप, जबरन शादी कराना चाहता है
  • एसपी को युवती के मांगपत्र पर फैसला लेने के दिए आदेश

विस्तार

एक लड़की ने पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके अपने ही भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लड़की का कहना है कि उसका भाई एक शराबी लड़के से शादी के लिए उसे मजबूर कर रहा है। हिसार निवासी युवती ने भाई से अपनी सुरक्षा के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है।

उच्च न्यायालय ने हिसार के एसपी को शिकायत पर गौर करके उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि वह हिसार में रहती है और फिलहाल शादी नहीं करना चाहती। लेकिन भाई जबरन उसकी शादी करवाना चाहता है। जिस युवक से उसका भाई शादी कराना चाहता है, वह हमेशा शराब के नशे में धुत रहता है।

याचिकाकर्ता का विवाह यदि उसके साथ हुआ तो उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। उसने बताया कि भाई और घर वालों से सुरक्षा के लिए उसने 20 अगस्त को हिसार के एसपी को एक मांगपत्र भी सौंपा था, जिस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। अब अपने सांविधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए याचिकाकर्ता को मजबूरन उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी है।

उच्च न्यायालय ने याचिका का निपटारा करते हुए हिसार के एसपी को युवती द्वारा सौंपे गए 20 अगस्त के मांगपत्र पर फैसला लेने के आदेश दिए हैं।



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