हम ऐसे शिक्षक तैयार करें, जो बच्चों में सवाल पूछने की आदत डाल सकें: उपमुख्यमंत्री सिसोदिया

Published by Razak Mohammad on

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 14 Jan 2021 07:57 PM IST

मनीष सिसोदिया
– फोटो : एएनआई (फाइल)

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दिल्ली सरकार एससीईआरटी और डाइट पुनर्गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। गुरुवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एससीईआरटी और डाइट के पुनर्गठन पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें ऐसे टीचर्स तैयार करने हैं, जो बच्चों में सवाल पूछने की आदत डाल सकें। अभी तक जो खोज लिया गया है, उसके अधूरेपन को खोजने की आदत बच्चों में डाल सकें, उनमें सच को सच कहने की हिम्मत डाल सकें। टीचर्स ही समाज को बदल सकते हैं। इसलिए टीचर्स के अंदर वो जज़्बा लाना है। टीचर्स ट्रेनिंग के जरिए हमें यह मुकाम हासिल करना है।

उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि एससीईआरटी को टीचर्स ट्रेनिंग में अहम भूमिका निभानी है। किसी भी देश में शिक्षा का स्तर किस ऊंचाई तक बढ़ सकता है, यह बात सिर्फ टीचर्स के प्रयासों पर निर्भर करती है। दुनिया के जिन देशों में एजुकेशन काफी शानदार हो रही है, उनमें यही देखा गया है। उन देशों ने अपने टीचर्स की ट्रेनिंग पर काफी ध्यान दिया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, दिल्ली सरकार ने भी पिछले कई वर्षों में टीचर्स ट्रेनिंग पर बहुत काम किया है। अब हमने एससीईआरटी में पोस्ट और सैलरी बढ़ाई है ताकि प्रतिभा को सम्मान मिल सके। उन्हें यूजीसी स्केल दिया गया है। देश में एकमात्र दिल्ली है जहां एससीईआरटी को यह सम्मान मिला है। बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर अच्छे मुकाम तक पहुंचाने में टीचर्स की सबसे अहम भूमिका होती है। यह पूरी दुनिया में देखने को मिला है। इसके लिए अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर, अच्छा माहौल और वेतन सुविधा आदि जरूरी है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में शिक्षा सुधार की विभिन्न पहल में एससीईआरटी और डाइट का पुनर्गठन शामिल है। इसमें एससीईआरटी के 509 पदों को बढ़ाकर 1295 पदों करना और एनसीईआरटी के अनुरूप वेतनमान और पदनाम की व्यवस्था करना शामिल है।

सार

टीचर्स ही समाज को बदल सकते हैं। इसलिए टीचर्स के अंदर वो जज्बा लाना है। टीचर्स ट्रेनिंग के जरिए हमें यह मुकाम हासिल करना है…

विस्तार

दिल्ली सरकार एससीईआरटी और डाइट पुनर्गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। गुरुवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एससीईआरटी और डाइट के पुनर्गठन पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें ऐसे टीचर्स तैयार करने हैं, जो बच्चों में सवाल पूछने की आदत डाल सकें। अभी तक जो खोज लिया गया है, उसके अधूरेपन को खोजने की आदत बच्चों में डाल सकें, उनमें सच को सच कहने की हिम्मत डाल सकें। टीचर्स ही समाज को बदल सकते हैं। इसलिए टीचर्स के अंदर वो जज़्बा लाना है। टीचर्स ट्रेनिंग के जरिए हमें यह मुकाम हासिल करना है।

उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि एससीईआरटी को टीचर्स ट्रेनिंग में अहम भूमिका निभानी है। किसी भी देश में शिक्षा का स्तर किस ऊंचाई तक बढ़ सकता है, यह बात सिर्फ टीचर्स के प्रयासों पर निर्भर करती है। दुनिया के जिन देशों में एजुकेशन काफी शानदार हो रही है, उनमें यही देखा गया है। उन देशों ने अपने टीचर्स की ट्रेनिंग पर काफी ध्यान दिया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, दिल्ली सरकार ने भी पिछले कई वर्षों में टीचर्स ट्रेनिंग पर बहुत काम किया है। अब हमने एससीईआरटी में पोस्ट और सैलरी बढ़ाई है ताकि प्रतिभा को सम्मान मिल सके। उन्हें यूजीसी स्केल दिया गया है। देश में एकमात्र दिल्ली है जहां एससीईआरटी को यह सम्मान मिला है। बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर अच्छे मुकाम तक पहुंचाने में टीचर्स की सबसे अहम भूमिका होती है। यह पूरी दुनिया में देखने को मिला है। इसके लिए अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर, अच्छा माहौल और वेतन सुविधा आदि जरूरी है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में शिक्षा सुधार की विभिन्न पहल में एससीईआरटी और डाइट का पुनर्गठन शामिल है। इसमें एससीईआरटी के 509 पदों को बढ़ाकर 1295 पदों करना और एनसीईआरटी के अनुरूप वेतनमान और पदनाम की व्यवस्था करना शामिल है।

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