स्वास्थ्य निदेशक घूस मामला: चंडीगढ़ की फर्म के मालिक को विजिलेंस ने जारी किया नोटिस

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Updated Mon, 29 Jun 2020 03:24 AM IST

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पीपीई किट सप्लाई के बदले पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एके गुप्ता की ओर से पांच लाख की घूस मांगने के वायरल ऑडियो मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने किट सप्लाई करने वाली चंडीगढ़ की फर्म बायोएड के मालिक जीएस कोहली को नोटिस जारी कर विजिलेंस मुख्यालय में पूछताछ के लिए तलब किया है। इसी हफ्ते जांच में शामिल होना होगा। 15 जून को विजिलेंस के ठोस जवाबों के बाद कोहली ने कोर्ट में लगाई अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली थी।

इसके बाद से वह खुद के होम क्वारंटीन होने का हवाला देकर बच रहा था। लेकिन, अब चौदह दिन बीतने के बाद ब्यूरो ने उसे नोटिस जारी कर हर हाल में जांच में शामिल होने के लिए कह दिया है। सूत्रों के मुताबिक अगर कोहली जांच में शामिल न हुआ तो उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।

दरअसल, मामले में पूर्व निदेशक डॉ. एके गुप्ता, पत्नी डॉ. मधुबाला गुप्ता और एजेंट पृथ्वी सिंह से हुई लंबी पूछताछ के बाद ब्यूरो को पचास हजार रुपये की घूस लेनदेन के सबूत मिल गए हैं। यह रकम एडवांस थी, जिसके बाद ही बाकी के पैसों का लेनदेन हुआ है। बकौल विजिलेंस अधिकारी, पृथ्वी ने पचास हजार रुपये देने की बात भी स्वीकार की है। लेकिन, पैसा कहां से आया और कैसे दिया गया, इसके सबूत जुटाए जाने बाकी हैं।

पृथ्वी ने जिस बायोएड फर्म के प्रतिनिधि के तौर पर घूस के लेनदेन को पूरा किया, घूस का वह पैसा कहां से आया था। सूत्रों के अनुसार फर्म के खातों से ही यह रकम निकाली गई थी। इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि पचास हजार रुपये की घूस देने के बाद पृथ्वी ने पैसा तो फर्म से लिया लेकिन, उसे देने की बजाय मुफ्त में काम कराया। साथ ही ब्लैकमेलिंग के भी एंगल पर जांच की जा रही है।

पीपीई किट सप्लाई के बदले पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एके गुप्ता की ओर से पांच लाख की घूस मांगने के वायरल ऑडियो मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने किट सप्लाई करने वाली चंडीगढ़ की फर्म बायोएड के मालिक जीएस कोहली को नोटिस जारी कर विजिलेंस मुख्यालय में पूछताछ के लिए तलब किया है। इसी हफ्ते जांच में शामिल होना होगा। 15 जून को विजिलेंस के ठोस जवाबों के बाद कोहली ने कोर्ट में लगाई अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली थी।

इसके बाद से वह खुद के होम क्वारंटीन होने का हवाला देकर बच रहा था। लेकिन, अब चौदह दिन बीतने के बाद ब्यूरो ने उसे नोटिस जारी कर हर हाल में जांच में शामिल होने के लिए कह दिया है। सूत्रों के मुताबिक अगर कोहली जांच में शामिल न हुआ तो उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।

दरअसल, मामले में पूर्व निदेशक डॉ. एके गुप्ता, पत्नी डॉ. मधुबाला गुप्ता और एजेंट पृथ्वी सिंह से हुई लंबी पूछताछ के बाद ब्यूरो को पचास हजार रुपये की घूस लेनदेन के सबूत मिल गए हैं। यह रकम एडवांस थी, जिसके बाद ही बाकी के पैसों का लेनदेन हुआ है। बकौल विजिलेंस अधिकारी, पृथ्वी ने पचास हजार रुपये देने की बात भी स्वीकार की है। लेकिन, पैसा कहां से आया और कैसे दिया गया, इसके सबूत जुटाए जाने बाकी हैं।

पृथ्वी ने जिस बायोएड फर्म के प्रतिनिधि के तौर पर घूस के लेनदेन को पूरा किया, घूस का वह पैसा कहां से आया था। सूत्रों के अनुसार फर्म के खातों से ही यह रकम निकाली गई थी। इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि पचास हजार रुपये की घूस देने के बाद पृथ्वी ने पैसा तो फर्म से लिया लेकिन, उसे देने की बजाय मुफ्त में काम कराया। साथ ही ब्लैकमेलिंग के भी एंगल पर जांच की जा रही है।

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