सुरेश रैना पहुंचने वाले हैं पठानकोट, फूफा के घर गांव थरियाल जाएंगे

Published by Razak Mohammad on

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क्रिकेटर सुरेश रैना आज पंजाब आ रहे हैं। वे पठानकोट जिले के गांव थरियाल जाएंगे। वहां उनके फूफा अशोक कुमार का घर का है, जिनकी कुछ दिन पहले मौत हो गई थी। अशोक कुमार के परिवार पर बदमाशों ने हमला किया था। इस हमले में अशोक की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि उनके बेटे कौशल ने अस्पताल में इलाज के दौरन दम तोड़ दिया था। हमले में रैना की बुआ आशा रानी भी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। पुलिस ने अज्ञात लोगों पर हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

रैना ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट करके मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मामले की जांच कराने की अपील की थी। वारदात की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री के आदेश के बाद डीजीपी ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया। एसआईटी का नेतृत्व आईजी बार्डर रेंज (अमृतसर) एसपीएस परमार कर रहे हैं। इसमें पठानकोट के एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना व एसपी इंवेस्टीगेशन प्रभजोत सिंह विर्क व धारकलां (पठानकोट) के डीएसपी रविंदर सिंह बतौर सदस्य शामिल हैं। एडीजीपी लॉ एंड आर्डर ईश्वर सिंह को हर रोज जांच की निगरानी का काम सौंपा गया है।

मामले की जांच के लिए पठानकोट पुलिस लुधियाना भी गई थी। जानकारी के मुताबिक पुलिस जिस व्यक्ति की तलाश में लुधियाना गई है, उसकी प्रदेश में हुई लूट की कई वारदात में उसकी संदिग्ध भूमिका है। हालांकि वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। अब पुलिस उसे राउंडअप करने के लिए उसके अन्य संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि अगर वह संदिग्ध हत्थे चढ़ता है तो थरियाल मामले में बढ़त मिल सकती है। लेकिन थरियाल लूट मामले में 25 से ज्यादा दिन होने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

थरियाल और आसपास के इलाकों में चलाए तलाशी अभियान में पुलिस को जो मोबाइल फोन मिला, उसमें जंग लगा था। ऐसे में उससे कोई सुराग मिलने की संभावना काफी कम है। हालांकि, पुलिस ने फोन को फोरेंसिक टीम को सौंप दिया है।

पुलिस ने पूछताछ का दायरा बढ़ाया

हमलावरों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने पूछताछ का दायरा बढ़ाया है। थरियाल चौक के पास लगने वाले नाके की जगह बदलकर उसे गांव के पास लगा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि थरियाल गांव जैसी घटना क्षेत्र में और न हो, इसलिए नाके की जगह बदली गई है। वहीं, 19 अगस्त की घटना के बाद से गांव के लोग सहमे हुए हैं और खुद ही रात को पहरा दे रहे हैं।

डीजीपी दिनकर गुप्ता के अनुसार, सुरेश रैना के फूफा अशोक कुमार के साथ काम करने वाले छह मजदूरों से भी पूछताछ की गई है। अपराध वाली जगह और करीबी स्थानों के टावर से डंप डाटा लेकर तकनीकी विश्लेषण के लिए भेज दिया गया है। अपराध वाली जगह के आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई है।

अब तक की जांच में ये संकेत मिले हैं कि अपराधियों द्वारा पड़ोस के तीन अन्य घरों को भी लूटने की योजना थी। डीजीपी ने बताया कि सूबे में पिछली इसी तरह की घटनाओं की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इन मामलों में गिरफ्तार व्यक्ति अभी जेल में हैं या बाहर हैं। 

हमारी टीमें जांच में जुटी हैं। लुधियाना गई टीम अभी वहीं है। जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा।
– गुलनीत सिंह खुराना, एसएसपी, पठानकोट

19-20 अगस्त की रात करीब ढाई बजे गांव थरियाल में लुटेरे सरकारी ठेकेदार अशोक कुमार के मकान के पीछे खेतों में सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़े और रैना के फूफा अशोक कुमार, उनके दोनों बेटों पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने बेसबॉल बैट और रॉड से हमला किया।

उनको बेहोशी की हालत में छोड़कर लुटेरे सीढ़ियों से नीचे मकान में उतरे और वहां रैना की बुआ आशा देवी और उसकी सास सत्या देवी पर भी हमला कर दिया। उसके बाद लुटेरों ने घर के अंदर रखे कैश, जेवरों व अन्य सामान पर हाथ साफ किया और उसी रास्ते लौट गए। सुबह दूध देने आए व्यक्ति को कराहने की आवाज आई तो लोगों को इकट्ठा कर दरवाजा तोड़ा गया। तब तक अशोक कुमार की मौत हो चुकी थी।

क्रिकेटर सुरेश रैना आज पंजाब आ रहे हैं। वे पठानकोट जिले के गांव थरियाल जाएंगे। वहां उनके फूफा अशोक कुमार का घर का है, जिनकी कुछ दिन पहले मौत हो गई थी। अशोक कुमार के परिवार पर बदमाशों ने हमला किया था। इस हमले में अशोक की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि उनके बेटे कौशल ने अस्पताल में इलाज के दौरन दम तोड़ दिया था। हमले में रैना की बुआ आशा रानी भी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। पुलिस ने अज्ञात लोगों पर हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

रैना ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट करके मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मामले की जांच कराने की अपील की थी। वारदात की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री के आदेश के बाद डीजीपी ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया। एसआईटी का नेतृत्व आईजी बार्डर रेंज (अमृतसर) एसपीएस परमार कर रहे हैं। इसमें पठानकोट के एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना व एसपी इंवेस्टीगेशन प्रभजोत सिंह विर्क व धारकलां (पठानकोट) के डीएसपी रविंदर सिंह बतौर सदस्य शामिल हैं। एडीजीपी लॉ एंड आर्डर ईश्वर सिंह को हर रोज जांच की निगरानी का काम सौंपा गया है।

मामले की जांच के लिए पठानकोट पुलिस लुधियाना भी गई थी। जानकारी के मुताबिक पुलिस जिस व्यक्ति की तलाश में लुधियाना गई है, उसकी प्रदेश में हुई लूट की कई वारदात में उसकी संदिग्ध भूमिका है। हालांकि वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। अब पुलिस उसे राउंडअप करने के लिए उसके अन्य संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि अगर वह संदिग्ध हत्थे चढ़ता है तो थरियाल मामले में बढ़त मिल सकती है। लेकिन थरियाल लूट मामले में 25 से ज्यादा दिन होने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।


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