सुबह सवेरे ऑटो रिक्शा के पास गया चालक पर फटी रह गईं आंखें, सीएनजी किट से लिपटा हुआ था विशाल अजगर

Published by Razak Mohammad on

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Wed, 16 Sep 2020 11:14 PM IST

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : वाइल्डलाइफ एसओएस

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दिल्ली के तुगलकाबाद में बुधवार सुबह एक ऑटोरिक्शा की पीछे वाली सीट पर पांच फिट का अजगर पाया गया। वाईल्डलाईफ एसओएस के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह सुबह सड़क किनारे खड़े ऑटोरिक्शा में अजगर पाया गया।

हालांकि उस वक्त ऑटो में कोई नहीं था। चालक ने अपने ऑटो रिक्शा के सीएनजी किट के नीचे अजगर को लिपटा पाया और वाईल्डलाईफ एनजीओ के हेल्पलाईन नंबर पर फोन किया।

एनजीओ की दो सदस्यीय टीम ने अजगर को सीएनजी किट से हटाया। एक अधिकारी ने बताया कि बाद मे उसे एक जंगल में ले जाकर छोड़ दिया गया।

वाईल्डलाईफ एसओएस के सह संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि सांपों को संभालना एक चुनौतीपूर्ण कार्य हो सकता है, लेकिन हमारी टीम ऐसे संवेदनशील अभियान के लिए प्रशिक्षित है। यह अजगर इस बात का उदाहरण है कि कैसे शहरी परिवेश में सरीसृप प्राणियों को मुश्किलें आती हैं।

दिल्ली के तुगलकाबाद में बुधवार सुबह एक ऑटोरिक्शा की पीछे वाली सीट पर पांच फिट का अजगर पाया गया। वाईल्डलाईफ एसओएस के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह सुबह सड़क किनारे खड़े ऑटोरिक्शा में अजगर पाया गया।

हालांकि उस वक्त ऑटो में कोई नहीं था। चालक ने अपने ऑटो रिक्शा के सीएनजी किट के नीचे अजगर को लिपटा पाया और वाईल्डलाईफ एनजीओ के हेल्पलाईन नंबर पर फोन किया।

एनजीओ की दो सदस्यीय टीम ने अजगर को सीएनजी किट से हटाया। एक अधिकारी ने बताया कि बाद मे उसे एक जंगल में ले जाकर छोड़ दिया गया।

वाईल्डलाईफ एसओएस के सह संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि सांपों को संभालना एक चुनौतीपूर्ण कार्य हो सकता है, लेकिन हमारी टीम ऐसे संवेदनशील अभियान के लिए प्रशिक्षित है। यह अजगर इस बात का उदाहरण है कि कैसे शहरी परिवेश में सरीसृप प्राणियों को मुश्किलें आती हैं।



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