सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारी मर्जी के खिलाफ, किसान यूनियन के नेता राजनीति से प्रेरित: कैलाश चौधरी

Published by Razak Mohammad on

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 12 Jan 2021 10:18 PM IST

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी
– फोटो : ANI

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कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारी मर्जी के खिलाफ है। हम चाहते थे कि कानूनों को लागू किया जाए, ना कि इस पर रोक लगाया जाए। लेकिन बावजूद इसके हम फैसले का सम्मान और स्वागत करते हैं। हम सुप्रीम कोर्ट की समिति के फैसले को भी स्वीकार करेंगे। 
 

साथ ही उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारा राष्ट्रीय दिवस है और उस दिवस पर अगर हम ट्रैक्टर रैली या कोई विरोध प्रदर्शन करते हैं तो इसका देश ही नहीं पूरे विश्व में नकारात्मक संदेश जाता है। मैं सोचता हूं कि किसान यूनियन के नेता इस बात को समझेंगे। वहीं, किसानों के सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी को न मानने की बात पर कैलाश चौधरी ने कहा कि ऐसी बात करने वाले लोग निश्चित रूप से राजनीति से प्रेरित हैं जो नहीं चाहते कि इस समस्या का शांतिपूर्ण समाधान निकले। उन्होंने कहा कि विपक्ष आग में घी डालने का काम कर रहा है।

गृहमंत्री से मिले सीएम खट्टर
गृहमंत्रालय में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कृषि कानूनों पर रोक लगाने के बाद एक समिति बनाई है। इन सभी मामले पर गृहमंत्री के साथ चर्चा हुई। मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि 26 जनवरी को होने वाला कार्यक्रम अच्छा होना चाहिए, क्योंकि यह एक राष्ट्रीय त्योहार है। किसानों ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आश्वासन दिया कि यह शांतिपूर्ण होगा। यह आशा की जा रही है कि वे आंदोलन बंद करेंगे और घर वापस जाएंगे. 

कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारी मर्जी के खिलाफ है। हम चाहते थे कि कानूनों को लागू किया जाए, ना कि इस पर रोक लगाया जाए। लेकिन बावजूद इसके हम फैसले का सम्मान और स्वागत करते हैं। हम सुप्रीम कोर्ट की समिति के फैसले को भी स्वीकार करेंगे। 

 

साथ ही उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारा राष्ट्रीय दिवस है और उस दिवस पर अगर हम ट्रैक्टर रैली या कोई विरोध प्रदर्शन करते हैं तो इसका देश ही नहीं पूरे विश्व में नकारात्मक संदेश जाता है। मैं सोचता हूं कि किसान यूनियन के नेता इस बात को समझेंगे। वहीं, किसानों के सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी को न मानने की बात पर कैलाश चौधरी ने कहा कि ऐसी बात करने वाले लोग निश्चित रूप से राजनीति से प्रेरित हैं जो नहीं चाहते कि इस समस्या का शांतिपूर्ण समाधान निकले। उन्होंने कहा कि विपक्ष आग में घी डालने का काम कर रहा है।

गृहमंत्री से मिले सीएम खट्टर

गृहमंत्रालय में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कृषि कानूनों पर रोक लगाने के बाद एक समिति बनाई है। इन सभी मामले पर गृहमंत्री के साथ चर्चा हुई। मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि 26 जनवरी को होने वाला कार्यक्रम अच्छा होना चाहिए, क्योंकि यह एक राष्ट्रीय त्योहार है। किसानों ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आश्वासन दिया कि यह शांतिपूर्ण होगा। यह आशा की जा रही है कि वे आंदोलन बंद करेंगे और घर वापस जाएंगे. 



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