सुंदरिये नी मुंदरिये, तेरा कौन बेचारा हो…

Published by Razak Mohammad on

बिलासपुर में लोहड़ी का त्योहार मनाते लोग।

बिलासपुर में लोहड़ी का त्योहार मनाते लोग।

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बिलासपुर। जिले में लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। त्योहार पर लोगों ने मूंगफली, गज्जक और रेवड़ियों की जमकर खरीदारी की। बाजार में लोगों की चहल-पहल रही। ग्राहकों को देखकर दुकानदारों के चेहरे पर भी रौनक रही। बाजार लोहड़ी के पर्व को लेकर पूरी तरह से सजे रहे। लोगों ने संगे-संबंधियों को लोहड़ी पर्व पर उपहार देने के लिए जमकर खरीदारी की। वहीं बच्चों ने घर-घर जाकर लोहड़ी गाई। बच्चों ने सुंदरिये नी मुंदरिये, तेरा कौन बेचारा हो… आदि लोहड़ी गीत गाये। लोगों ने उनको दक्षिणा, मूंगफली, गज्जक और रेवड़ियां भेंट कीं।
दुकानदारों ने बताया कि कोराना महामारी के चलते कारोबार चौपट होकर रह गया था। लेकिन लोहड़ी पर्व पर लोगों ने जमकर खरीदारी की। मकर संक्रांति को पतंगबाजी की जाती है। पतंगों की भी काफी बिक्री हुई। शाम को लोहड़ी पर अलाव जलाकर लोगों ने उसमें तिल, गुड़, गज्जक, रेवड़ी और मूंगफली चढ़ाई और अपने संग-संबंधियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। लोहड़ी पर कोठी मेन मार्केट, गांधी मार्केट, बस स्टैंड व अन्य जगह पर बाजारों में मूंगफली, गज्जक, रेवड़ियों सहित मिठाई की दुकानें सजी रहीं। दिन भर बाजारों में भीड़ देखने को मिली। मूंगफली, गज्जक बेचने वालों की दुकानों पर खास भीड़ रही।
दुकानदार राकेश कुमार ने बताया कि लोहड़ी पर गांवों से भी लोग मिठाई की खरीदारी करने आए। ग्राहकों की मांग को देखते हुए पहले ही मिठाइयां तैयार कर ली थीं। मनोज ने कहा कि लोहड़ी को लेकर मूंगफली व गज्जक की काफी बिक्री हुर्ठ। पिछले वर्ष के मुकाबले मूंगफली, गज्जक, रेवड़ी महंगी तो है, लेकिन लोगों ने इसकी जमकर खरीदारी की। बाजार में मूंगफली 90 से 120 रुपये किलोग्राम तक बिकी है।

बिलासपुर। जिले में लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। त्योहार पर लोगों ने मूंगफली, गज्जक और रेवड़ियों की जमकर खरीदारी की। बाजार में लोगों की चहल-पहल रही। ग्राहकों को देखकर दुकानदारों के चेहरे पर भी रौनक रही। बाजार लोहड़ी के पर्व को लेकर पूरी तरह से सजे रहे। लोगों ने संगे-संबंधियों को लोहड़ी पर्व पर उपहार देने के लिए जमकर खरीदारी की। वहीं बच्चों ने घर-घर जाकर लोहड़ी गाई। बच्चों ने सुंदरिये नी मुंदरिये, तेरा कौन बेचारा हो… आदि लोहड़ी गीत गाये। लोगों ने उनको दक्षिणा, मूंगफली, गज्जक और रेवड़ियां भेंट कीं।

दुकानदारों ने बताया कि कोराना महामारी के चलते कारोबार चौपट होकर रह गया था। लेकिन लोहड़ी पर्व पर लोगों ने जमकर खरीदारी की। मकर संक्रांति को पतंगबाजी की जाती है। पतंगों की भी काफी बिक्री हुई। शाम को लोहड़ी पर अलाव जलाकर लोगों ने उसमें तिल, गुड़, गज्जक, रेवड़ी और मूंगफली चढ़ाई और अपने संग-संबंधियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। लोहड़ी पर कोठी मेन मार्केट, गांधी मार्केट, बस स्टैंड व अन्य जगह पर बाजारों में मूंगफली, गज्जक, रेवड़ियों सहित मिठाई की दुकानें सजी रहीं। दिन भर बाजारों में भीड़ देखने को मिली। मूंगफली, गज्जक बेचने वालों की दुकानों पर खास भीड़ रही।

दुकानदार राकेश कुमार ने बताया कि लोहड़ी पर गांवों से भी लोग मिठाई की खरीदारी करने आए। ग्राहकों की मांग को देखते हुए पहले ही मिठाइयां तैयार कर ली थीं। मनोज ने कहा कि लोहड़ी को लेकर मूंगफली व गज्जक की काफी बिक्री हुर्ठ। पिछले वर्ष के मुकाबले मूंगफली, गज्जक, रेवड़ी महंगी तो है, लेकिन लोगों ने इसकी जमकर खरीदारी की। बाजार में मूंगफली 90 से 120 रुपये किलोग्राम तक बिकी है।

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