सीमाएं खुलीं, पहले ही दिन बाहरी राज्यों से हिमाचल पहुंचे हजारों लोग

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

Updated Wed, 16 Sep 2020 09:25 PM IST

वाहनों की चेकिंग करती पुलिस
– फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर


कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹365 & To get 20% off, use code: 20OFF

ख़बर सुनें

हिमाचल की सीमाएं बुधवार को खुलते ही प्रदेश में बाहरी राज्यों से पहले ही दिन हजारों लोगों ने प्रवेश किया। हालांकि प्रवेश की अधिसूचना न मिलने से संशय की स्थिति भी बनी रही। परवाणू बैरियर पर बॉर्डर खोलने के फैसले के आदेश दोपहर तक नहीं पहुंच सके। इस कारण लोगों को रोक दिया गया। कई लोग पुलिस कर्मचारियों से भी उलझते रहे, लेकिन जैसे ही प्रशासन को अधिसूचना मिली, तो नाके हटा दिए और वाहनों का प्रवेश शुरू हो गया। गौर हो कि मंगलवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सूबे के बॉर्डर बुधवार से हर किसी के लिए खोलने को मंजूरी दे दी थी। बुधवार को राज्य आपदा प्रबंधन सेल ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए। इसके बाद कांगड़ा जिले से कंडवाल बैरियर, ऊना में मैहतपुर से, सोलन में परवाणू, सिरमौर में हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा से लोगों ने प्रदेश में प्रवेश किया। 

सामान्य बीमारी की तरह डॉक्टर से करना होगा संपर्क

कोरोना हाइलोड सिटी से हिमाचल आने वाले लोगों और सैलानियों को क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। अगर किसी को लगे की उन्हें बुखार, जुकाम और कोरोना के लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति अस्पताल आकर अपना उपचार करा सकेगा। डॉक्टर को लगता है कि व्यक्ति को कोरोना हो सकता है। तभी मरीज का कोरोना टेस्ट होगा। पॉजिटिव आने पर व्यक्ति को कोविड सेंटर उपचार को भेजा जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि कोरोना को लेकर प्रदेश व्यापी अभियान चलाया जाएगा। इसमें लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक किया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश की सीमाओं को खोलना जल्दबाजी में केंद्र के दबाव में लिया गया गलत कदम बताया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, इसलिए यह फैसला प्रदेश के लिए घातक सिद्ध होगा। सरकार ने प्रदेश में लोगों को इस माहमारी के बीच राम भरोसे छोड़ दिया है। सरकार से सभी बैंकों के कर्जदारों की ईएमआई मार्च 2021 तक स्थगित करने की मांग फिर दोहराई है।

राठौर ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश की सीमाओं को खोलने की विरोधी नहीं है लेकिन जब तक कोविड संक्रमण जारी है, तब तक सीमाओं पर बाहर से आने वाले लोगों विशेषकर पर्यटकों की कोविड रेपिड जांच होना बहुत ही आवश्यक है। जैसा कि पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड की सीमाओं पर किया जा रहा है। प्रदेश के होटेलियर भी यही चाहते हैं कि पर्यटकों की पूरी कोविड स्वास्थ्य जांच के बाद ही उन्हें यहां आने दिया जाए। राठौर ने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र के दबाव में फैसले ले रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश हित की बात केंद्र के समक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रख पा रहे हैं। 

प्रदेश के बॉर्डर खोलने के लिए होटल कारोबारियों ने सरकार का आभार जताया है। टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने कहा कि अब छह माह बाद होटल कारोबार पटरी पर लौटने की उम्मीद जगी है।

आगामी दिनों में दुर्गा पूजा के दौरान सैलानियों के प्रदेश में आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सभी होटल कारोबारी सरकार की ओर से तय किए गए एसओपी में ही कारोबार करेंगे। उन्होंने सरकार से कोरोना संकट के चलते बंद रहे होटलों का टैक्स और अन्य शुल्क में भी राहत देने की मांग की है।

हिमाचल की सीमाएं बुधवार को खुलते ही प्रदेश में बाहरी राज्यों से पहले ही दिन हजारों लोगों ने प्रवेश किया। हालांकि प्रवेश की अधिसूचना न मिलने से संशय की स्थिति भी बनी रही। परवाणू बैरियर पर बॉर्डर खोलने के फैसले के आदेश दोपहर तक नहीं पहुंच सके। इस कारण लोगों को रोक दिया गया। कई लोग पुलिस कर्मचारियों से भी उलझते रहे, लेकिन जैसे ही प्रशासन को अधिसूचना मिली, तो नाके हटा दिए और वाहनों का प्रवेश शुरू हो गया। गौर हो कि मंगलवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सूबे के बॉर्डर बुधवार से हर किसी के लिए खोलने को मंजूरी दे दी थी। बुधवार को राज्य आपदा प्रबंधन सेल ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए। इसके बाद कांगड़ा जिले से कंडवाल बैरियर, ऊना में मैहतपुर से, सोलन में परवाणू, सिरमौर में हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा से लोगों ने प्रदेश में प्रवेश किया। 

सामान्य बीमारी की तरह डॉक्टर से करना होगा संपर्क

कोरोना हाइलोड सिटी से हिमाचल आने वाले लोगों और सैलानियों को क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। अगर किसी को लगे की उन्हें बुखार, जुकाम और कोरोना के लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति अस्पताल आकर अपना उपचार करा सकेगा। डॉक्टर को लगता है कि व्यक्ति को कोरोना हो सकता है। तभी मरीज का कोरोना टेस्ट होगा। पॉजिटिव आने पर व्यक्ति को कोविड सेंटर उपचार को भेजा जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि कोरोना को लेकर प्रदेश व्यापी अभियान चलाया जाएगा। इसमें लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक किया जाएगा।


आगे पढ़ें

सीमाओं को खोलने घातक फैसला: राठौर

Source link


0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *