सिरमौर के नगर निकायों में ताजगी के साथ खिला कमल

Published by Razak Mohammad on

नाहन में अपने उम्मीदवार के जीत का जश्न मनाते समर्थक।
– फोटो : NAHAN

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नाहन (सिरमौर)। नगर निकाय चुनाव में सिरमौर की जनता ने सत्ता का साथ दिया है। दो नगर परिषद और एक नगर पंचायत के लिए हुए मतदान के परिणाम सत्तारूढ़ भाजपा के पक्ष में रहे। भाजपा का कमल ताजगी के साथ खिल गया। हालांकि, ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी के गृह क्षेत्र पांवटा साहिब में पूर्ण बहुमत नहीं मिलने से भाजपा खेमे में मायूसी जरूर है। यहां सत्ता की चाबी उसी प्रकार निर्दलीयों के हाथ में रहेगी, जैसा पिछले चुनाव में था।
तीनों शहरी निकायों को लें तो वर्ष 2015 के मुकाबले इस बार हुए चुनाव भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा। तीनों निकायों में सबसे अधिक सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आई है। तीनों शहरों में भाजपा ने जिले के कुल 33 वार्डों में से 18 वार्डों में कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस को महज नौ सीटें मिलीं। चार वार्डों में निर्दलीयों का दबदबा रहा।
नगर निकायों के लिए चल रही सियासत थम गई है। तीन में से दो शहरों में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई है, जबकि पांवटा साहिब नगर परिषद में भी छह सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आई।
नगर परिषद नाहन को लें तो यहां विधायक डॉ. राजीव बिंदल की अगुवाई में भाजपा आठ सीटें जीतने में कामयाब हुई। भाजपा की घेराबंदी के लिए कांग्रेस खेमे के डबल ए (अजय बहादुर और अजय सोलंकी) की जुगलबंदी भी काम नहीं आई। हालांकि, यहां कांग्रेस अपनी दो परंपरागत वार्डों वार्ड नंबर सात, आठ में विजय पताका फहराने में कामयाब हो गई। कांग्रेस के धुरंधर योगेश गुप्ता फिर विजयी हुए हैं। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी की गृह पंचायत में हालांकि, भाजपा सबसे अधिक सीटें जीतने में कामयाब हुई, लेकिन सत्ता से अभी कुछ कदम दूर है। यहां तीन निर्दलीयों के विजय होने से सत्ता की चाबी निर्दलीयों के हाथ में रहेगी। पूर्ण बहुमत नहीं मिलने से यहां भाजपा को जश्न मनाने का मौका नहीं मिल पाया।
इधर, नगर पंचायत राजगढ़ में भाजपा चार सीटें जीतकर सत्ता में आई। वर्ष 2015 के चुनाव को लें तो भाजपा बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आई है। पिछले चुनाव में नाहन और पांवटा साहिब में भाजपा ने जीत दर्ज की थी। पांवटा में पिछले चुनाव में दो निर्दलीयों के साथ से भाजपा ने नप की सत्ता पर कब्जा जताया था। पिछले चुनाव में राजगढ़ नगर पंचायत पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया था। यह बात अलग है कि कुछ महीने पहले ही कांग्रेस खेमें में सेंधमारी कर भाजपा ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर सत्ता हासिल कर ली थी।
बॉक्स के लिए—
वार्ड नंबर तीन में तीन मतों से जीती नीलम
नाहन। नगर परिषद नाहन के वार्ड नंबर तीन में कांग्रेस और भाजपा में कांटे की टक्कर देखने को मिली। यहां भाजपा की नीलम सैनी महज तीन मतों के अंतर से विजयी हुई, जबकि कांग्रेस की उपमा धीमान को तीन मत कम मिले।
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नाहन (सिरमौर)। नगर निकाय चुनाव में सिरमौर की जनता ने सत्ता का साथ दिया है। दो नगर परिषद और एक नगर पंचायत के लिए हुए मतदान के परिणाम सत्तारूढ़ भाजपा के पक्ष में रहे। भाजपा का कमल ताजगी के साथ खिल गया। हालांकि, ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी के गृह क्षेत्र पांवटा साहिब में पूर्ण बहुमत नहीं मिलने से भाजपा खेमे में मायूसी जरूर है। यहां सत्ता की चाबी उसी प्रकार निर्दलीयों के हाथ में रहेगी, जैसा पिछले चुनाव में था।

तीनों शहरी निकायों को लें तो वर्ष 2015 के मुकाबले इस बार हुए चुनाव भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा। तीनों निकायों में सबसे अधिक सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आई है। तीनों शहरों में भाजपा ने जिले के कुल 33 वार्डों में से 18 वार्डों में कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस को महज नौ सीटें मिलीं। चार वार्डों में निर्दलीयों का दबदबा रहा।

नगर निकायों के लिए चल रही सियासत थम गई है। तीन में से दो शहरों में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई है, जबकि पांवटा साहिब नगर परिषद में भी छह सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आई।

नगर परिषद नाहन को लें तो यहां विधायक डॉ. राजीव बिंदल की अगुवाई में भाजपा आठ सीटें जीतने में कामयाब हुई। भाजपा की घेराबंदी के लिए कांग्रेस खेमे के डबल ए (अजय बहादुर और अजय सोलंकी) की जुगलबंदी भी काम नहीं आई। हालांकि, यहां कांग्रेस अपनी दो परंपरागत वार्डों वार्ड नंबर सात, आठ में विजय पताका फहराने में कामयाब हो गई। कांग्रेस के धुरंधर योगेश गुप्ता फिर विजयी हुए हैं। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी की गृह पंचायत में हालांकि, भाजपा सबसे अधिक सीटें जीतने में कामयाब हुई, लेकिन सत्ता से अभी कुछ कदम दूर है। यहां तीन निर्दलीयों के विजय होने से सत्ता की चाबी निर्दलीयों के हाथ में रहेगी। पूर्ण बहुमत नहीं मिलने से यहां भाजपा को जश्न मनाने का मौका नहीं मिल पाया।

इधर, नगर पंचायत राजगढ़ में भाजपा चार सीटें जीतकर सत्ता में आई। वर्ष 2015 के चुनाव को लें तो भाजपा बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आई है। पिछले चुनाव में नाहन और पांवटा साहिब में भाजपा ने जीत दर्ज की थी। पांवटा में पिछले चुनाव में दो निर्दलीयों के साथ से भाजपा ने नप की सत्ता पर कब्जा जताया था। पिछले चुनाव में राजगढ़ नगर पंचायत पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया था। यह बात अलग है कि कुछ महीने पहले ही कांग्रेस खेमें में सेंधमारी कर भाजपा ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर सत्ता हासिल कर ली थी।

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वार्ड नंबर तीन में तीन मतों से जीती नीलम

नाहन। नगर परिषद नाहन के वार्ड नंबर तीन में कांग्रेस और भाजपा में कांटे की टक्कर देखने को मिली। यहां भाजपा की नीलम सैनी महज तीन मतों के अंतर से विजयी हुई, जबकि कांग्रेस की उपमा धीमान को तीन मत कम मिले।

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