सदन में गूंजा अमर उजाला, सैंज परियोजना में प्रभावितों को मुआवजा बढ़ाने और रोजगार दिलाने का मामला उठा

Published by Razak Mohammad on

सदन में गुरुवार को अमर उजाला अखबार गूंजी। बंजार के भाजपा विधायक सुरेंद्र शौरी ने सैंज परियोजना में प्रभावितों को मुआवजा बढ़ाने और रोजगार दिलाने का मामला उठाया। भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार से सदन में परियोजना प्रभावितों की समस्या का निराकरण करने का आश्वासन मांगा। उर्जा मंत्री सुखराम चौधरी बोले कि एनएचपीसी की बीओडी में यह मामला उठाया जाएगा।

मुआवजा बढ़वाने और रोजगार दिलवाने का भी प्रयास करेंगे। विधायक सुरेंद्र शौरी ने अमर उजाला की खबर का उल्लेख करते हुए सैंज विद्युत परियोजना से विस्थापित हुए परिवारों को रोजगार और मुआवजा न मिलने के बारे में उत्पन्न स्थिति पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में सहयोग के लिए इस योजना में लोगों ने सहयोग किया तो उन्हें धूल-मिट्टी ही मिली।

उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने सैंज में आकर इन परियोजनाओं की आधारशिला रखी थी। यह निर्णय लिया गया कि जिन लोगों के पास पांच बीघा से कम जमीन बचती है, उन लोगों को स्थायी रोजगार दिया जाएगा। 33 लोगों को ही रोजगार दिया गया। जो शेष लोग बचते हैं, उन लोगों को हमेशा कहते रहे कि जब रिक्ति होगी तो रोजगार देंगे।

रोजगार कैसे दिया जाए, इस बारे में मुख्य सचिव के साथ एक बैठक होती है तो यह योजना बनाई गई कि आरएंडआर परिवार को रोजगार नहीं दिया जाएगा। इनमें से 69 लोगों को अस्थायी रोजगार देंगे। उनको अस्थायी रूप से पैसा देंगे। आज पांच साल से अधिक समय हो गया है। एनचपीसी की स्टेज टू और थ्री ने ठेकेदार के माध्यम से 800 लोगों को रोजगार दिया, मगर जो प्रभावित थे, उनको नहीं दिया गया।

यह लोग आज आंसू बहा रहे हैं। इसलिए सदन के माध्यम से मंत्री के माध्यम से आश्वासन चाहते हैं कि सबको रोजगार मिले। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ा बीच का गैप है, इसलिए वह चाहते हैं कि वन टाइम सेटलमेंट की जाए, जिससे प्रभावित सड़कों पर आकर आंदोलन न करें। लोगों ने आंदोलन किए, केस भी बने। सीएम जयराम ठाकुर और मंत्री से कहना चाहेंगे कि वे समस्या को समझें। एक परिवार को पंद्रह-बीस लाख मिले तो लोगों की समस्या का समाधान होगा। 

ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा कि सुरेंद्र शौरी ने सैंज में विद्युत परियोजनाओं में विस्थापितों को मुआवजा देने की बात की। पार्वती परियोजनाओं के दूसरे चरण पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि 71 लोगों ने ढाई लाख की एकमुश्त राशि ले ली है। सितंबर में जिलाधीश कुल्लू की अध्यक्षता में बैठक हुई है। उसके बाद एक और बैठक हुई। इस श्रेणी में तीस लोगों ने और आवेदन किए हैं, उनको भी मुआवजा दे दिया जाएगा। स्थायी रोजगार 60 साल तक रोजगार देना है, जिनकी उम्र ज्यादा हो गई है, उनके परिवार के अन्य सदस्यों को रोजगार दिया जाए। 2015 में भी इस बारे में बैठक हुई थी तो भी मापदंड तय किए गए थे।

लोगों की जो मांग है, उसके अनुसार राशि को बढ़ाकर निर्णय नहीं लिया है। बढ़ा हुआ मुआवजा ढाई लाख से ज्यादा मिले, चार लाख 70 हजार से ज्यादा मिले। जिनको रोजगार नहीं मिला है, उनको रियायत देकर परिवार वालों को दे सकते हैं। अभी तक निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि सदस्य की बात जायज है, इसलिए भविष्य में एनएचपीसी से वार्ता करके बीओडी में ले जाएगें। यह सुनिश्चित करवाया जाए कि ढाई लाख से चार लाख 70 हजार मुआवजा किया जाए।



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