सड़क हादसे में बुझा इकलौता चिराग, क्षेत्र में शोक की लहर

Published by Razak Mohammad on

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शिलाई (सिरमौर)। क्षेत्र के प्रसिद्ध माघी त्योहार से दो दिन पहले शिलाई क्षेत्र में शनिवार को हुई सड़क दुर्घटना में एक परिवार का चिराग बुझ गया। हादसे का शिकार हुआ निखिल अपने पिता शूरवीर उर्फ नीटू का इकलौता चिराग था। निखिल 11वीं कक्षा का छात्र था जो अपने साथियों के साथ बुलेरो गाड़ी में अपने घर बोहल जा रहा था कि बोहल गांव के साथ ही गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें उसके दो छात्र साथियों की भी मौत हो गई।
माघी त्योहार नजदीक होने के कारण तीनों परिवारों में जहां भारी मातम पसरा है वहीं क्षेत्र के हजारों लोग दुर्घटना में मारे गए तीनों युवकों के घर संवेदना प्रकट करने पहुंच रहे हैं। पूरे बोहल गांव में सन्नाटा पसर गया है। निखिल के पिता शूरवीर और माता संगीता का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन युवकों की दर्दनाक घटना में सांत्वना देने वाले लोग भी रो रहे हैं। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।
बीते शनिवार को हुई दुर्घटना में घायल को अन्य अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा। 108 एंबुलेंस के कर्मी हड़ताल में होने के कारण उसे निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
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शिलाई (सिरमौर)। क्षेत्र के प्रसिद्ध माघी त्योहार से दो दिन पहले शिलाई क्षेत्र में शनिवार को हुई सड़क दुर्घटना में एक परिवार का चिराग बुझ गया। हादसे का शिकार हुआ निखिल अपने पिता शूरवीर उर्फ नीटू का इकलौता चिराग था। निखिल 11वीं कक्षा का छात्र था जो अपने साथियों के साथ बुलेरो गाड़ी में अपने घर बोहल जा रहा था कि बोहल गांव के साथ ही गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें उसके दो छात्र साथियों की भी मौत हो गई।

माघी त्योहार नजदीक होने के कारण तीनों परिवारों में जहां भारी मातम पसरा है वहीं क्षेत्र के हजारों लोग दुर्घटना में मारे गए तीनों युवकों के घर संवेदना प्रकट करने पहुंच रहे हैं। पूरे बोहल गांव में सन्नाटा पसर गया है। निखिल के पिता शूरवीर और माता संगीता का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन युवकों की दर्दनाक घटना में सांत्वना देने वाले लोग भी रो रहे हैं। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।

बीते शनिवार को हुई दुर्घटना में घायल को अन्य अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा। 108 एंबुलेंस के कर्मी हड़ताल में होने के कारण उसे निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाना पड़ा।

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