श्री रेणुका जी में उमड़ा आस्था का सैलाब

Published by Razak Mohammad on

मकर सक्रांति पर श्री रेणुका जी मंदिर में दर्शन के लिए लाइनों में खड़े श्रद्धालु।

मकर सक्रांति पर श्री रेणुका जी मंदिर में दर्शन के लिए लाइनों में खड़े श्रद्धालु।
– फोटो : NAHAN

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ददाहू (सिरमौर)। मकर संक्रांति के अवसर पर ददाहू, रेणुका जी तीर्थ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धा और उल्लास का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना करके आशीर्वाद लिया। लोगों ने गुड़, तिल, शक्कर, चलाई, चावल, खिचड़ी, घी, गर्म वस्त्रों और नवेदे आदि दान किए। रेणुका जी श्रद्धालुओं की विशेष रौनक देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने पवित्र रेणुका झील में स्नान कर मोक्ष की कामना की।
इस दिन विशेष तौर पर देवताओं को शाही और पवित्र स्नान के लिए रेणुका लाया गया। पवित्र राम बावड़ी में देवताओं को शाही स्नान करवाकर उन्हें श्रद्धालुओं के दर्शानार्थ प्राचीन देवालय में स्थापित किया गया। परंपरा के अनुसार मकर संक्रांति के दिन भगवान परशुराम स्नान करने रेणुका आते हैं। उनको तांबे की विशेष पिटारी में रेणुका लाया जाता है। इसी बहाने श्रद्धालुओं को उनके दर्शन हो जाते हैं। मकर संक्रांति पर्व को लेकर रेणुका जी तीर्थ के मंदिर परिसर में हवन यज्ञ का आयोजन भी किया गया। इसमें सीईओ दीप राम शर्मा, मंदिर के पुजारी देवा रमेश कपिल, रविदत्त शर्मा, माता राम यात्री सहित श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति डाली।
रेणुका जी तीर्थ के निर्वाण आश्रम में अखंड रामायण पाठ के समापन पर खिचड़ी का प्रसाद बांटा गया। भगवान परशुराम के पिता महार्षि जग्दमनि की तपोस्थली तपे के टीले पर भी मेले जैसा माहौल रहा। यहां श्रद्धालुओं ने उनके सिद्ध धुने की विभूति को मस्तक पर लगाकर लंबी आयु की कामना की।

ददाहू (सिरमौर)। मकर संक्रांति के अवसर पर ददाहू, रेणुका जी तीर्थ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धा और उल्लास का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना करके आशीर्वाद लिया। लोगों ने गुड़, तिल, शक्कर, चलाई, चावल, खिचड़ी, घी, गर्म वस्त्रों और नवेदे आदि दान किए। रेणुका जी श्रद्धालुओं की विशेष रौनक देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने पवित्र रेणुका झील में स्नान कर मोक्ष की कामना की।

इस दिन विशेष तौर पर देवताओं को शाही और पवित्र स्नान के लिए रेणुका लाया गया। पवित्र राम बावड़ी में देवताओं को शाही स्नान करवाकर उन्हें श्रद्धालुओं के दर्शानार्थ प्राचीन देवालय में स्थापित किया गया। परंपरा के अनुसार मकर संक्रांति के दिन भगवान परशुराम स्नान करने रेणुका आते हैं। उनको तांबे की विशेष पिटारी में रेणुका लाया जाता है। इसी बहाने श्रद्धालुओं को उनके दर्शन हो जाते हैं। मकर संक्रांति पर्व को लेकर रेणुका जी तीर्थ के मंदिर परिसर में हवन यज्ञ का आयोजन भी किया गया। इसमें सीईओ दीप राम शर्मा, मंदिर के पुजारी देवा रमेश कपिल, रविदत्त शर्मा, माता राम यात्री सहित श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति डाली।

रेणुका जी तीर्थ के निर्वाण आश्रम में अखंड रामायण पाठ के समापन पर खिचड़ी का प्रसाद बांटा गया। भगवान परशुराम के पिता महार्षि जग्दमनि की तपोस्थली तपे के टीले पर भी मेले जैसा माहौल रहा। यहां श्रद्धालुओं ने उनके सिद्ध धुने की विभूति को मस्तक पर लगाकर लंबी आयु की कामना की।

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Categories: Sirmour

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