शहीद कुलदीप पंचतत्व में विलीन, दोनों बेटियों ने दी मुखाग्नि

Published by Razak Mohammad on

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नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के जगतपुर गांव के 41 वर्षीय शहीद हवलदार मेजर कुलदीप सिंह को पंजाब किरतपुर स्थित पतालपुरी में नम आंखों से विदाई दी गई। इस दौरान 79 मीडियम आर्टिलरी रेजीमेंट के जवानों ने तोपों की सलामी दी। इसके बाद दोनों बेटियों ने मुखाग्नि दी। रविवार दोपहर दो बजे शहीद का शव पैतृक गांव नालागढ़ के जगतुपर पंचायत के जगराला गांव पहुंचा औैर करीब आधा घंटे तक घर में रखने के बाद उसे पंजाब के किरतपुर स्थित पतालेश्वरी शमशान घाट ले गए। घर पहुंचने पर शव को देखने के सैकड़ों की संख्या में लोग उमड़ पड़े थे।
कुलदीप सिंह अमर रहे के नारों से पूरा जगतपुर गुंज उठा था। शहीद के पत्नी रेनू, माता दया कौर, पिता गुरदयाल व भाई सुरेंद्रे सिंह व जोगिंद्र सिंह ने अपने भाई के अंतिम दर्शनों के बाद उसे अंतिम संस्कार के ले गए। पतालपुरी में रेजीमेंट के सीईओ कर्नल अशीष, सैनिक कल्याण बोर्ड के उपनिदेशक दीपक धवन, विधायक लखविंद्र सिंह राणा, एसडीएम महेंद्र पाल गुर्जर, डीएसपी विवेक, तहसीलदार ऋ षभ शर्मा शहीद को पुष्पगुच्छ दे कर उनका सम्मान किया। उसके बाद अर्टिलरी रेजीमेंट के जवानों ने से शहीद को तोपों से सलामी दी और उसके बाद दोनों बेटियां नवनीत व अमनदीप ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
शहीद स्वतंत्रता सैनानी दौला सिंह का था पोता
शहीद कुलदीप सिंह, स्वतंत्रता सैनानी दौला सिंह का पोता है। 10 जुलाई 1999 को सेना में हुए भर्ती कुलदीप सिंह को बचपन से ही देश सेवा का जज्बा था। 18 नवंबर 2005 को कुलदीप सिंह रेणु देवी से परिणय सूत्र में बधे थे। वह अपने पीछे 14 साल व 9 साल को दो बेटियों को छोड़ गए है। इस मौके पर पूर्व विधायक केएल ठाकुर, हरप्रीद सिंह, प्रो सतविंद्र सिंह, जगपाल सिंह समेत गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के जगतपुर गांव के 41 वर्षीय शहीद हवलदार मेजर कुलदीप सिंह को पंजाब किरतपुर स्थित पतालपुरी में नम आंखों से विदाई दी गई। इस दौरान 79 मीडियम आर्टिलरी रेजीमेंट के जवानों ने तोपों की सलामी दी। इसके बाद दोनों बेटियों ने मुखाग्नि दी। रविवार दोपहर दो बजे शहीद का शव पैतृक गांव नालागढ़ के जगतुपर पंचायत के जगराला गांव पहुंचा औैर करीब आधा घंटे तक घर में रखने के बाद उसे पंजाब के किरतपुर स्थित पतालेश्वरी शमशान घाट ले गए। घर पहुंचने पर शव को देखने के सैकड़ों की संख्या में लोग उमड़ पड़े थे।

कुलदीप सिंह अमर रहे के नारों से पूरा जगतपुर गुंज उठा था। शहीद के पत्नी रेनू, माता दया कौर, पिता गुरदयाल व भाई सुरेंद्रे सिंह व जोगिंद्र सिंह ने अपने भाई के अंतिम दर्शनों के बाद उसे अंतिम संस्कार के ले गए। पतालपुरी में रेजीमेंट के सीईओ कर्नल अशीष, सैनिक कल्याण बोर्ड के उपनिदेशक दीपक धवन, विधायक लखविंद्र सिंह राणा, एसडीएम महेंद्र पाल गुर्जर, डीएसपी विवेक, तहसीलदार ऋ षभ शर्मा शहीद को पुष्पगुच्छ दे कर उनका सम्मान किया। उसके बाद अर्टिलरी रेजीमेंट के जवानों ने से शहीद को तोपों से सलामी दी और उसके बाद दोनों बेटियां नवनीत व अमनदीप ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।

शहीद स्वतंत्रता सैनानी दौला सिंह का था पोता

शहीद कुलदीप सिंह, स्वतंत्रता सैनानी दौला सिंह का पोता है। 10 जुलाई 1999 को सेना में हुए भर्ती कुलदीप सिंह को बचपन से ही देश सेवा का जज्बा था। 18 नवंबर 2005 को कुलदीप सिंह रेणु देवी से परिणय सूत्र में बधे थे। वह अपने पीछे 14 साल व 9 साल को दो बेटियों को छोड़ गए है। इस मौके पर पूर्व विधायक केएल ठाकुर, हरप्रीद सिंह, प्रो सतविंद्र सिंह, जगपाल सिंह समेत गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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