लीज पर दी दुकानों का टैक्स वसूलेगा निगम, पार्किंग के रेट भी दोगुने करने की तैयारी

Published by Razak Mohammad on

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एफसीपीसी की आज होने वाली बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा, 1200 से ज्यादा हैं शहर में लीज पर दी संपत्तियां
17 कवर्ड पार्किंग के रेट भी लगभग दोगुना करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में लीज पर दी गईं 1100 से ज्यादा संपत्तियों से अब नगर निगम किराये के साथ प्रापर्टी टैक्स भी वसूलने जा रहा है। इनमें 987 दुकानें शामिल हैं जिनसे अब किराये के साथ प्रापर्टी टैक्स की वसूली भी की जाएगी।
मेयर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में वीरवार को होने वाली वित्त संविदा एवं योजना समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, नगर निगम सदन ने यह प्रस्ताव साल 2018 में ही पारित कर दिया था। लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया है। अब संशोधित प्रस्ताव में यह तय किया जा रहा है कि यह टैक्स कौन से साल से वसूला जाना है। क्या पिछले टैक्स का ब्याज वसूलना है या नहीं। नगर निगम ने साल 2014 में यूनिट एरिया मैथड के आधार पर प्रापर्टी टैक्स की वसूली शुरू की थी। लीज पर दी गई संपत्तियों से क्या पिछले छह साल का टैक्स वसूलना है या नहीं, इस पर फैसला लिया जाएगा। एफसीपीसी की बैठक में शहर की 17 कवर्ड पार्किंग के आवंटन और रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा होनी है। निगम ने पार्किंग रेट 600 से बढ़ाकर 1200 करने जबकि दोपहिया वाहनों के 350 से 500 रुपये मासिक करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
होटल कारोबारियों और भवन
मालिकों को राहत देने की तैयारी
शहरवासियों और होटल कारोबारियों को राहत देने के दो प्रस्तावों पर वीरवार को फैसला होना है। इनमें कोरोनाकाल के चलते घाटे में चल रहे शहर के तीन सौ से ज्यादा होटलों का दो तिहाई प्रापर्टी टैक्स माफ करने के प्रस्ताव पर भी फैसला होना है। इसके अलावा प्रापर्टी टैक्स के बिल जमा करने पर मिलने वाली छूट को अक्तूबर तक जारी रखने पर भी निर्णय लिया जाएगा। नगर निगम हर साल अप्रैल में प्रापर्टी टैक्स के बिल जारी करता है। बिल जारी होने के एक महीने तक लोगों को एकमुश्त भुगतान पर दस फीसदी की छूट दी जाती थी। इस बार कोरोना के चलते अप्रैल में बिल जारी नहीं हो पाए। इसके अलावा अभी भी नगर निगम चरणबद्ध तरीके से बिल जारी कर रहा है। यह प्रक्रिया अक्तूबर तक चलेगी। ऐसे में बिल भुगतान पर मिलने वाली छूट अक्तूबर तक जारी रखने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

एफसीपीसी की आज होने वाली बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा, 1200 से ज्यादा हैं शहर में लीज पर दी संपत्तियां

17 कवर्ड पार्किंग के रेट भी लगभग दोगुना करने की तैयारी

अमर उजाला ब्यूरो

शिमला। शहर में लीज पर दी गईं 1100 से ज्यादा संपत्तियों से अब नगर निगम किराये के साथ प्रापर्टी टैक्स भी वसूलने जा रहा है। इनमें 987 दुकानें शामिल हैं जिनसे अब किराये के साथ प्रापर्टी टैक्स की वसूली भी की जाएगी।
मेयर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में वीरवार को होने वाली वित्त संविदा एवं योजना समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, नगर निगम सदन ने यह प्रस्ताव साल 2018 में ही पारित कर दिया था। लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया है। अब संशोधित प्रस्ताव में यह तय किया जा रहा है कि यह टैक्स कौन से साल से वसूला जाना है। क्या पिछले टैक्स का ब्याज वसूलना है या नहीं। नगर निगम ने साल 2014 में यूनिट एरिया मैथड के आधार पर प्रापर्टी टैक्स की वसूली शुरू की थी। लीज पर दी गई संपत्तियों से क्या पिछले छह साल का टैक्स वसूलना है या नहीं, इस पर फैसला लिया जाएगा। एफसीपीसी की बैठक में शहर की 17 कवर्ड पार्किंग के आवंटन और रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा होनी है। निगम ने पार्किंग रेट 600 से बढ़ाकर 1200 करने जबकि दोपहिया वाहनों के 350 से 500 रुपये मासिक करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
होटल कारोबारियों और भवन
मालिकों को राहत देने की तैयारी
शहरवासियों और होटल कारोबारियों को राहत देने के दो प्रस्तावों पर वीरवार को फैसला होना है। इनमें कोरोनाकाल के चलते घाटे में चल रहे शहर के तीन सौ से ज्यादा होटलों का दो तिहाई प्रापर्टी टैक्स माफ करने के प्रस्ताव पर भी फैसला होना है। इसके अलावा प्रापर्टी टैक्स के बिल जमा करने पर मिलने वाली छूट को अक्तूबर तक जारी रखने पर भी निर्णय लिया जाएगा। नगर निगम हर साल अप्रैल में प्रापर्टी टैक्स के बिल जारी करता है। बिल जारी होने के एक महीने तक लोगों को एकमुश्त भुगतान पर दस फीसदी की छूट दी जाती थी। इस बार कोरोना के चलते अप्रैल में बिल जारी नहीं हो पाए। इसके अलावा अभी भी नगर निगम चरणबद्ध तरीके से बिल जारी कर रहा है। यह प्रक्रिया अक्तूबर तक चलेगी। ऐसे में बिल भुगतान पर मिलने वाली छूट अक्तूबर तक जारी रखने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

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Categories: Shimla

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