रेस्तरां के मेन्यू से गायब हुआ चिकन, किसी तरह पुराना स्टॉक खत्म, अब मटन और मछली पर जोर

Published by Razak Mohammad on

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राजधानी में भले बर्ड फ्लू के किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन खानपान के बाजार पर इसका व्यापक असर पड़ा है। तमाम रेस्तरां के मेन्यू से इन दिनों चिकन की डिश हैं। इनकी जगह मटन, फिश और शाकाहारी पर जोर है। चिकन का पुराना स्टॉक खत्म हो चुका है।

जामा मस्जिद स्थित एक रेस्तरां के संचालक मोहम्मद सलीम ने बताया कि पक्षियों को लाने पर प्रतिबंध के कारण रेस्तरां का मेन्यू बदल गया है। पहले का चिकन का स्टॉक निकल चुका है। 

अब बाजारों में भी चिकन नहीं मिल रहा है। इसकी जगह मटन पर जोर दिया जा रहा है। उधर, ग्राहक भी खुद ही मटन मांग रहे हैं। उनमें भी बर्ड फ्लू का खौफ दिखता है।
जामा मस्जिद इलाके में ही स्थित एक होटल के संचालक अकरम ने बताया कि उनके पास एक दिन का चिकन का स्टॉक था। 

इससे रविवार का काम चल गया। सोमवार से मेन्यू में बदलाव किया जाएगा। पहले से रेस्तरां में चिकन, मटन और वेज आइटम मौजूद हैं। इनमें से अधिक लोग चिकन को पसंद करते थे। अब लोग स्वयं मटन को पसंद कर रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि चिकन से करीब 15 आइटम बनाए जाते हैं। इनमें चिकन कोरमा, चिकन कढ़ी, तंदूरी चिकन, बटर चिकन, मलाई चिकन, चिकन लॉलीपॉप व अफगानी चिकन शामिल हैं।

मीट शॉप पर भी स्टॉक खत्म
राजधानी की ज्यादातर मीट शॉप पर चिकन का स्टॉक खत्म हो चुका है। गोल मार्केट के दुकानदार जुनैद ने बताया कि प्रतिबंध के बाद उनकी दुकान पर एक भी चिकन नहीं है। इस वजह से दो दिन से कई ग्राहक वापस लौट रहे हैं। अन्य मीट के मुकाबले चिकन की बिक्री ज्यादा होती है, लेकिन बर्ड फ्लू के बाद यह 150 रुपये किलो तक बिका है।
 

मटन और फिश की अधिक मांग 
गोल मार्केट के दुकानदार मोहम्मद उस्मान ने बताया कि बर्ड फ्लू के बाद चिकन की बिक्री कम हुई है, लेकिन मटन और फिश की बढ़ी है। इस वजह से मटन के दाम भी बढ़ गए हैं। अब मटन 600 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। वहीं, मछली के दाम 100 से लेकर एक हजार रुपये किलो तक हैं। लोग भी मटन और मछली को ही तवज्जो दे रहे हैं।

और बढ़ेंगे मटन और मछली के दाम 
शास्त्री पार्क के दुकानदार मोहम्मद फैज का कहना है कि हालात को देखते हुए मटन और मछली के दाम बढ़ना तय है। अब चिकन के बजाय मटन और मछली की बिक्री बढ़ेगी। इससे आने वाले दिनों में इनके दामों में 50 से 100 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इससे मांसाहारी व्यंजनों के शौकीनों को ज्यादा पैसा खर्च करना होगा।

राजधानी में भले बर्ड फ्लू के किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन खानपान के बाजार पर इसका व्यापक असर पड़ा है। तमाम रेस्तरां के मेन्यू से इन दिनों चिकन की डिश हैं। इनकी जगह मटन, फिश और शाकाहारी पर जोर है। चिकन का पुराना स्टॉक खत्म हो चुका है।

जामा मस्जिद स्थित एक रेस्तरां के संचालक मोहम्मद सलीम ने बताया कि पक्षियों को लाने पर प्रतिबंध के कारण रेस्तरां का मेन्यू बदल गया है। पहले का चिकन का स्टॉक निकल चुका है। 

अब बाजारों में भी चिकन नहीं मिल रहा है। इसकी जगह मटन पर जोर दिया जा रहा है। उधर, ग्राहक भी खुद ही मटन मांग रहे हैं। उनमें भी बर्ड फ्लू का खौफ दिखता है।

जामा मस्जिद इलाके में ही स्थित एक होटल के संचालक अकरम ने बताया कि उनके पास एक दिन का चिकन का स्टॉक था। 

इससे रविवार का काम चल गया। सोमवार से मेन्यू में बदलाव किया जाएगा। पहले से रेस्तरां में चिकन, मटन और वेज आइटम मौजूद हैं। इनमें से अधिक लोग चिकन को पसंद करते थे। अब लोग स्वयं मटन को पसंद कर रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि चिकन से करीब 15 आइटम बनाए जाते हैं। इनमें चिकन कोरमा, चिकन कढ़ी, तंदूरी चिकन, बटर चिकन, मलाई चिकन, चिकन लॉलीपॉप व अफगानी चिकन शामिल हैं।

मीट शॉप पर भी स्टॉक खत्म

राजधानी की ज्यादातर मीट शॉप पर चिकन का स्टॉक खत्म हो चुका है। गोल मार्केट के दुकानदार जुनैद ने बताया कि प्रतिबंध के बाद उनकी दुकान पर एक भी चिकन नहीं है। इस वजह से दो दिन से कई ग्राहक वापस लौट रहे हैं। अन्य मीट के मुकाबले चिकन की बिक्री ज्यादा होती है, लेकिन बर्ड फ्लू के बाद यह 150 रुपये किलो तक बिका है।

 

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