रिश्ते बनाना आसान है, लेकिन बनाए रखना मुश्किल, ऐसे में इनकी मजबूती और खुशी के लिए अपनाएं ये 3 बातें

Published by Razak Mohammad on

दैनिक भास्कर

Jun 28, 2020, 03:13 PM IST

रिश्ते बर्फ के गोले की तरह होते हैं, जिन्हें बनाना तो आसान है, लेकिन बनाए रखना मुश्किल। अमूमन रिश्ते को चार तरह से समझा जा सकता है। रक्त संबंधी, सामाजिक, व्यावसायिक और भावनात्मक। खून के रिश्ते भले ही हमें जन्म से मिल जाते हों, लेकिन उन्हें बनाए रखने के लिए निभाना जरूरी है। निभाने से मतलब उन पर ध्यान देना पड़ता है। जानिए, ऐसे 03 तरीके जो आपके रिश्ते को मजबूती और खुशी देंगे।

1. मर्यादा तय हो

रिश्ता चाहे खून का हो, सामाजिक, व्यावसायिक या भावनात्मक। हर रिश्ते के लिए एक मर्यादा तय कर लेनी चाहिए। यह मर्यादा भी एकतरफा न होकर दोनों पक्षों को देखते हुए तय करें। इस लिहाज से इस रिश्ते में खुद को इतना ही डुबोएं जितने में तैरना आसान हो। मतलब रिश्तों में जुड़ाव उतना ही रखें जिसे प्रेमपूर्वक निभा सकें।

2. दूरी भी जरूरी

कई बार हम सामने वाले के लिए ज्यादा झुकाव महसूस करते हैं, जबकि सामने वाला हमसे मिलने में कतराता है। ऐसे में हमें भी थोड़ा डिस्टेंस मैंटेन कर लेना चाहिए। कई बार हम समझ नहीं पाते कि हम सामने वाले पर एक्स्ट्रा बर्डन बन रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी दूरी रिश्तों की खोई गर्माहट वापस लाने में कारगर हो सकती है।

3. पैसे से परेशानी

वर्तमान में सभी रिश्तों का खात्मा करने का सबसे बड़ा कारण पैसा है। वक्त के हिसाब से महंगाई और जिम्मेदारियां बढ़ी हैं, जबकि इनकम उतनी ही है। ऐसे में अगर कोई और हमसे पैसों की उम्मीद रखता है तो हम उसे पूरी नहीं कर पाते। इसके लिए सबसे जरूरी है रिश्तों में एक दायरा तय कर लेना। जिसमें स्पष्टता जरूरी कारक है।

यहां भी ध्यान दें

  • बेटे-बेटी के ससुराल में थोड़ी नम्रता और दूरी रखें।
  • माता-पिता और बच्चों के बीच में जनरेशन गैप है, दोनों स्वीकारें।
  • ईगो को बीच में न आने दें, बातचीत बेहद जरूरी है।
  • व्यावसायिक और सामाजिक रिश्ते दायरे में रखें, पर्सनल न बनाएं।
  • व्यक्तिगत नाराजगी है तो सार्वजनिक रूप से उसे न दर्शाएं।
  • प्रेम संबंधों में भरोसा बहुत जरूरी है।
  • पर्सनल बैकग्राउंड पर न जाएं। सम्मान बनाए रखें।

Source link


0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *