राहत: पौंग बांध के पानी में बर्ड फ्लू का संक्रमण नहीं, रिपोर्ट आई निगेटिव

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
Updated Wed, 13 Jan 2021 02:13 AM IST

पौंग बांध क्षेत्र(फाइल)
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित पौंग बांध क्षेत्र में जहां हजारों प्रवासी पक्षियों की मौत के बाद अब राहत भरी खबर आई है। पौंग झील के पानी में बर्ड फ्लू का संक्रमण नहीं फैला है। जांच के लिए जल शक्ति विभाग धर्मशाला भेजे पानी के चारों सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। लैब में 16 पैमानों पर परीक्षण किया गया और पानी के सभी तत्वों की मात्रा मानक सीमा में आंकी गई। रिपोर्ट का आकलन करने के बाद स्पष्ट हो गया है कि यहां मछलियों में किसी तरह के संक्रमण फैलने का डर नहीं है। हालांकि, कांगड़ा जिले के देहरा, जवाली, इंदौरा और फतेहपुर उपमंडल में मीट-अंडों के साथ मछली की बिक्री पर प्रतिबंध जिला प्रशासन के अगले फैसले तक जारी रहेगा। मत्स्य पालन विभाग के निदेशक सतपाल मेहता ने बताया कि हिमाचल में बर्ड फ्लू से मछलियां संक्रमित नहीं हुई हैं। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में अभी भी मछली पकड़ी व खाई जा रही है। पानी की रिपोर्ट सामान्य आने के बाद अब सारी आशंकाएं खत्म हो गई हैं।

प्रधान मुख्य अरण्यपाल ने भारत सरकार को बताई बर्ड फ्लू की मौजूदा स्थिति
वन्य प्राणी विभाग की प्रधान मुख्य अरण्यपाल अर्चना शर्मा ने मंगलवार को प्रदेश में बर्ड फ्लू के संकट पर केंद्र सरकार की एक अहम बैठक में भाग लिया। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में बर्ड फ्लू के और अधिक फैलने से रोकने के उपायों पर चर्चा की गई। इस दौरान अर्चना शर्मा ने मंत्रालय को प्रदेश में बर्ड फ्लू को लेकर मौजूदा स्थिति से अवगत करवाया। उन्होंने प्रदेश सरकार के वन्य जीव विंग के बर्ड फ्लू से निपटने के प्रयासों के बारे में भी मंत्रालय को विस्तृत जानकारी दी। इससे पहले भारत सरकार की ओर से हिमाचल भेजी गई विशेषज्ञों की टीम ने प्रवासी पक्षियों की मौत की स्थिति का अवलोकन करने के बाद सोमवार को जिला प्रशासन के साथ बैठक की थी।

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित पौंग बांध क्षेत्र में जहां हजारों प्रवासी पक्षियों की मौत के बाद अब राहत भरी खबर आई है। पौंग झील के पानी में बर्ड फ्लू का संक्रमण नहीं फैला है। जांच के लिए जल शक्ति विभाग धर्मशाला भेजे पानी के चारों सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। लैब में 16 पैमानों पर परीक्षण किया गया और पानी के सभी तत्वों की मात्रा मानक सीमा में आंकी गई। रिपोर्ट का आकलन करने के बाद स्पष्ट हो गया है कि यहां मछलियों में किसी तरह के संक्रमण फैलने का डर नहीं है। हालांकि, कांगड़ा जिले के देहरा, जवाली, इंदौरा और फतेहपुर उपमंडल में मीट-अंडों के साथ मछली की बिक्री पर प्रतिबंध जिला प्रशासन के अगले फैसले तक जारी रहेगा। मत्स्य पालन विभाग के निदेशक सतपाल मेहता ने बताया कि हिमाचल में बर्ड फ्लू से मछलियां संक्रमित नहीं हुई हैं। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में अभी भी मछली पकड़ी व खाई जा रही है। पानी की रिपोर्ट सामान्य आने के बाद अब सारी आशंकाएं खत्म हो गई हैं।

प्रधान मुख्य अरण्यपाल ने भारत सरकार को बताई बर्ड फ्लू की मौजूदा स्थिति

वन्य प्राणी विभाग की प्रधान मुख्य अरण्यपाल अर्चना शर्मा ने मंगलवार को प्रदेश में बर्ड फ्लू के संकट पर केंद्र सरकार की एक अहम बैठक में भाग लिया। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में बर्ड फ्लू के और अधिक फैलने से रोकने के उपायों पर चर्चा की गई। इस दौरान अर्चना शर्मा ने मंत्रालय को प्रदेश में बर्ड फ्लू को लेकर मौजूदा स्थिति से अवगत करवाया। उन्होंने प्रदेश सरकार के वन्य जीव विंग के बर्ड फ्लू से निपटने के प्रयासों के बारे में भी मंत्रालय को विस्तृत जानकारी दी। इससे पहले भारत सरकार की ओर से हिमाचल भेजी गई विशेषज्ञों की टीम ने प्रवासी पक्षियों की मौत की स्थिति का अवलोकन करने के बाद सोमवार को जिला प्रशासन के साथ बैठक की थी।

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