रायपुर: 100 रुपये मेंं करना पड़ रहा 10 रुपये का सफर, लॉकडाउन के बाद जेब पर बढ़ा बोझ

Published by Razak Mohammad on

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Updated Tue, 12 Jan 2021 08:18 PM IST

लॉकडाउन के बाद ट्रेन से सफर हुआ महंगा
– फोटो : अमर उजाला

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नए साल में ट्रेन से लोकल सफर करना महंगा हो गया है। भारतीय रेलवे ने नये साल पर यात्री किराये में बढ़ोतरी की है। कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन से पहले जहां रायपुर से दुर्ग जाने के लिए यात्रियों को 10 और बिलासपुर के लिए 25 रुपए का टिकट लेना पड़ता था, वहीं अब इस यात्रा के लिए 100 से अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। 

किराये में ये बढ़ोत्तरी लोकल ट्रेनों के ना चलने की वजह से हो रही है। यात्रियों को मजबूरी में राजधानी के आसपास के इन शहरों में जाने के लिए लंबी रूट की ट्रेनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें 4 से 10 गुना तक अधिक किराया खर्च करना पड़ रहा है। 

रायगढ़, डोंगरगढ़, कोरबा, महासमुंद समेत सभी लोकल स्टेशन तक ये यात्रियों को बढ़े हुए किराये पर यात्रा करनी पड़ रही है। दरअसल, कोरोना की वजह से रेलवे जनरल टिकट भी ऑनलाइन ही बुक करवा रही है। इसके अलावा लोकल ट्रेनों का विकल्प नहीं है। ऐसे में कम दूरी की यात्रा के लिए भी लोगों को एक्सप्रेस ट्रेनों का सहारा लेना पड़ रहा है और इनके टिकट के लिए कई गुना रुपये भी देने पड़ रहे हैं। 

रेल मंत्रालय के मुताबिक जरूरत और मांग के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में लोकल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इस पर बिलासपुर जोन व रायपुर मंडल के अफसरों का कहना है कि अभी तक उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय से निर्देश के बाद ही इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। 

बता दें  पिछले साल सितंबर में करीब एक माह के लिए रायपुर-काेरबा हंसदेव एक्सप्रेस और रायपुर-दल्लीराजहरा डेमू  नाम की दो लोकल ट्रेनें शुरू की गई थीं।  राज्य में इन ट्रेनों को कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों की वजह से  बंद तो कर दिया गया लेकिन अब कोरोना की रफ्तार कम होने पर भी इन्हें चालू नहीं किया गया। जानकारों के अनुसार रेलवे अपनी कमाई को बढ़ाने के लिए फेस्टिव स्पेशल ट्रेनों का अभी तक विस्तार कर रही है। ऐसा महज लोगों से अधिक किराए की वसूली के लिए हो रहा है।

नए साल में ट्रेन से लोकल सफर करना महंगा हो गया है। भारतीय रेलवे ने नये साल पर यात्री किराये में बढ़ोतरी की है। कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन से पहले जहां रायपुर से दुर्ग जाने के लिए यात्रियों को 10 और बिलासपुर के लिए 25 रुपए का टिकट लेना पड़ता था, वहीं अब इस यात्रा के लिए 100 से अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। 

किराये में ये बढ़ोत्तरी लोकल ट्रेनों के ना चलने की वजह से हो रही है। यात्रियों को मजबूरी में राजधानी के आसपास के इन शहरों में जाने के लिए लंबी रूट की ट्रेनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें 4 से 10 गुना तक अधिक किराया खर्च करना पड़ रहा है। 

रायगढ़, डोंगरगढ़, कोरबा, महासमुंद समेत सभी लोकल स्टेशन तक ये यात्रियों को बढ़े हुए किराये पर यात्रा करनी पड़ रही है। दरअसल, कोरोना की वजह से रेलवे जनरल टिकट भी ऑनलाइन ही बुक करवा रही है। इसके अलावा लोकल ट्रेनों का विकल्प नहीं है। ऐसे में कम दूरी की यात्रा के लिए भी लोगों को एक्सप्रेस ट्रेनों का सहारा लेना पड़ रहा है और इनके टिकट के लिए कई गुना रुपये भी देने पड़ रहे हैं। 

रेल मंत्रालय के मुताबिक जरूरत और मांग के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में लोकल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इस पर बिलासपुर जोन व रायपुर मंडल के अफसरों का कहना है कि अभी तक उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय से निर्देश के बाद ही इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। 

बता दें  पिछले साल सितंबर में करीब एक माह के लिए रायपुर-काेरबा हंसदेव एक्सप्रेस और रायपुर-दल्लीराजहरा डेमू  नाम की दो लोकल ट्रेनें शुरू की गई थीं।  राज्य में इन ट्रेनों को कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों की वजह से  बंद तो कर दिया गया लेकिन अब कोरोना की रफ्तार कम होने पर भी इन्हें चालू नहीं किया गया। जानकारों के अनुसार रेलवे अपनी कमाई को बढ़ाने के लिए फेस्टिव स्पेशल ट्रेनों का अभी तक विस्तार कर रही है। ऐसा महज लोगों से अधिक किराए की वसूली के लिए हो रहा है।

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