राजस्थान: सीएम गहलोत ने लिखा पीएम मोदी को पत्र, कहा- विभाजित नियंत्रण में आ रहे हैं ये बड़ी मुश्किलें

India


सीएम गेहलोत ने प्रधानमंत्री से यह भी अनुरोध किया है कि 18 साल से ज्यादा आयु वर्ग के सभी लोगों का टीकाकरण शुरू कर दिया जाए।

सीएम गहलोत ने पीएम मोदी को लिखा पत्र: सीएम गहलोत ने अपने पत्र में मांग की है कि कोरोना को लेकर केंद्र एकीकृत एसओपी (एकीकृत एसओपी) जारी करे ताकि भ्रम की स्थिति नहीं रहे। वहीं कोरोनाईकरण में उम्र की बाध्यता हटाकर इसे सभी के लिए लागू किया जाएगा।

जयपुर। कोरोना (COVID-19) के बढ़ते मामलों को लेकर चिंतित के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (अशोक गहलोत) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (नरेंद्र मोदी) को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से एकीकृत एसओपी (एकीकृत एसओपी) जारी करने की मांग की है। सीएम गेहलोत ने चिठ्ठी में लिखा है कि को विभाजित नियंत्रण को लेकर राज्यों की अलग-अलग रणनीति है और इसके चलते राज्यों में समन्वय की कमी है।

उन्होंने कहा कि तज्यीय मुद्दों मसलन यात्रा के लिए कोविड टेस्टिंग रिपोर्ट की योग्यता, लॉकडाउन, रात्रि कर्फ्यू और शिक्षण संस्थाओं के संचालन जैसे विषयों को लेकर राज्यों में आपसी समन्वय की कमी महसूस की जा रही है। इससे आम लोगों में भी यह भय और भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

केन्द्र के स्तर से एकीकृत एसओपी जारी हो
सीएम गेहलोत ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि केंद्र के स्तर से एकीकृत मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी निर्धारित कर इस तरह की स्थिति को दूर किया जाए। पिछले दिनों मुख्यमंत्री निवास में हुई समीक्षा बैठकों में यह आवश्यकता जाहिर की गई थी कि एसओपी को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखा जाएगा।18 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों का पलायन बढ़ रहा है

सीएम गेहलोत ने प्रधानमंत्री से यह भी अनुरोध किया है कि 18 साल से ज्यादा आयु वर्ग के सभी लोगों का टीकाकरण शुरू कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि बीते 1 महीने में महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित देश के लगभग सभी राज्यों में कोरोनाटे रोगियों के संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है और मरीजों की संख्या फिर से सितंबर 2020 तक बढ़ गई है। की स्थिति में पहुंच गया है।

यंगस्टर सुपर स्प्रेडर साबित हो रहे हैं
सीएम ने कहा कि कोक्विड कंट्रोल को प्रभावी बनाए जाने के लिए 18 साल से ज्यादा आयु वर्ग के सभी व्यक्तियों का कोविविडाइजेशन शुरू करने की तैयारी करनी चाहिए। गौरतलब है कि कोरोना समीक्षा बैठकों में यह मामला भी उठा था। विशेषज्ञों ने कहा था कि यंगस्टर सुपर स्प्रेडर साबित हो रहे हैं और अब 45 साल की आयु सीमा की बाध्यता हटा कर सभी का टीकाकरण शुरू किया जाना चाहिए।








Source link

COVID-19 केंद्र से एकीकृत एसओपी जारी करने की मांग कोरोना के नियंत्रण को लेकर बताई समस्याएँ हैं जयपुर समाचार मूल्यांकन में कोरोना के हालात यंगस्टर कोरोना के सुपर स्प्रेडर साबित हो रहे हैं राजस्थान समाचार रेगुलर विडियो सीएम अशोक गहलोत ने पीएम नरेंद्र मोदी को लिखा पत्र

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

India

वार्ता से होना चाहिए विरासती मुद्दों का समाधान, न कि एकतरफा कार्रवाई से: थलसेना प्रमुख

जनरल नरवने ने कहा कि हाल में हम इस साल फरवरी में पाकिस्तान की सेना के साथ संघर्षविम संबंधी एक नई समझ पर पहुंचे हैं। (फाइल फोटो) जनरल नरवने ने कहा, ” हाल में हम इस साल फरवरी में पाकिस्तान की सेना के साथ संघर्षविम संबंधी एक नई समझ पर पहुंचे हैं और फिर से

India

संयुक्त राष्ट्र में समावेशी हिंद-प्रशांत पर बोले जयशंकर- आतंक के खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी

स्वतंत्र, खुली व समावेशी हिंद-प्रशांत की भारतीय दृष्टि आसियान केंद्रीयता पर आधारित है: जयशंकर (फाइल फोटो) संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद: विदेश मंत्री एस। जयशंकर ने कहा, ‘हम समझते हैं कि संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय संगठनों के बीच समकालीन चुनौतियों और टकरावों का सफलतापूर्वक समाधान करने का एक महत्वपूर्ण कारक होगा।’ संयुक्त राष्ट्र। भारत

India

लोकसभा अध्यक्ष के साथ बैठक में ऑक्सीजन, टीके की कमी, जीएसटी कहे का मुद्दा उठा

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बैठक। (फाइल फोटो) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला) ने कहा कि पीठासीन अधिकारी अपने-अपने राज्यों के विधान मण्डलों में नियंत्रक कक्ष स्थापित करें, जो सभी जनप्रतिनिधियों से जुड़े रहें। इसके माध्यम से प्राप्त सूचना और जनता की कठिनाइयों को सरकार तक पहुंचाने का काम करें। नई दिल्ली।

India

कोरोना काल में चुनाव पर सुविधा के हिसाब से सवाल उठा क्यों सही नहीं है?

नई दिल्ली। दुनिया में क्या कोई तर्क ऐसा हो सकता है, जो परस्पर धुर-विरोधी परिस्थितियों में एक समान रूप से एक ही व्यक्ति या