रविवार रात तूफान ने तबाह की जिला में आम की फसल

Published by Razak Mohammad on

शाहतलाई से कोड़रा जाने वाली सड़क पर बांस का झुंड गिरने से बाधित हुई सड़क
– फोटो : BILASPUR

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शाहतलाई(बिलासपुर)। रविवार की देर रात में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। इसमें कई बागवानों की आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। शाहतलाई, लठयानी जैसे कई क्षेत्रों में
पेड़ के टहनियां टूटकर सड़क पर गिर गई। जिससे लोगों को आवागमन में भी भारी दिक्कतों का सामाना करना पड़ा। सुबह में स्थानीय लोगों ने मार्ग से टहनियों का हटवाया। तब मार्ग पूरी तरह से बहाल हो सका।
बिलासपुर कृषि प्रधान जिला है। जिस में 32 हेक्टयर भूमि पर 65 हजार किसान परिवार खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं। वहीं 81 सौ हेक्टयर पर बागवानी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। बागवान बलदेव कुमार, मस्तराम,चंद्र कुमार,योगराज, प्रेम चंद, प्रकाश चंद, सोमदत, विनोद कुमार, सुशील शर्मा, राजकुमार, हेमराज का कहना है कि इस बार जिले में आम का फ सली वर्ष होने से बागवानों को अपनी आर्थिकी में सुधार होने की उम्मीद थी। लेकिन रविवार रात को आए भारी तूफान ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कहा कि इससे से आम की सारी फसल खराब हो गई। आम के पेड़ों पर अब एक चौथाई फसल ही रह गई है। बागवानों ने सरकार से किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
वहीं तूफान से शाहतलाई-लठयानी सड़क पर डोहक गांव के पास एक बांस का पूरा बूटा सड़क पर गिर गया। जिस से सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। वहीं सोमवार सुबह लोक निर्माण विभाग ने मौके पर पहुंच कर बांस के बूटे को हटाया और सड़क को आवाजाही के लिए बहाल किया।

शाहतलाई(बिलासपुर)। रविवार की देर रात में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। इसमें कई बागवानों की आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। शाहतलाई, लठयानी जैसे कई क्षेत्रों में

पेड़ के टहनियां टूटकर सड़क पर गिर गई। जिससे लोगों को आवागमन में भी भारी दिक्कतों का सामाना करना पड़ा। सुबह में स्थानीय लोगों ने मार्ग से टहनियों का हटवाया। तब मार्ग पूरी तरह से बहाल हो सका।

बिलासपुर कृषि प्रधान जिला है। जिस में 32 हेक्टयर भूमि पर 65 हजार किसान परिवार खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं। वहीं 81 सौ हेक्टयर पर बागवानी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। बागवान बलदेव कुमार, मस्तराम,चंद्र कुमार,योगराज, प्रेम चंद, प्रकाश चंद, सोमदत, विनोद कुमार, सुशील शर्मा, राजकुमार, हेमराज का कहना है कि इस बार जिले में आम का फ सली वर्ष होने से बागवानों को अपनी आर्थिकी में सुधार होने की उम्मीद थी। लेकिन रविवार रात को आए भारी तूफान ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कहा कि इससे से आम की सारी फसल खराब हो गई। आम के पेड़ों पर अब एक चौथाई फसल ही रह गई है। बागवानों ने सरकार से किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।

वहीं तूफान से शाहतलाई-लठयानी सड़क पर डोहक गांव के पास एक बांस का पूरा बूटा सड़क पर गिर गया। जिस से सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। वहीं सोमवार सुबह लोक निर्माण विभाग ने मौके पर पहुंच कर बांस के बूटे को हटाया और सड़क को आवाजाही के लिए बहाल किया।

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