मृत व्यक्ति की जीपीए पर प्रापर्टी डीलर ने करवा दी रजिस्ट्री

Published by Razak Mohammad on

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पालमपुर (कांगड़ा)। एक व्यक्ति की मौत के बाद उसकी जीपीए पर हुई रजिस्ट्री को लेकर अब एक व्यक्ति ने मृतक व्यक्ति के भाइयों के साथ एक प्रभावशाली व्यक्ति पर कई आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर उन्होंने पुलिस में भी ऑनलाइन शिकायत दे दी है। इस बाबत प्रवीण शर्मा निवासी फरेढ़ ने कहा कि क्यारवां के रहने वाले तीन भाइयों की 035.31 हेक्टेयर जमीन मोहाल भरेड़ तहसील पालमपुर में है। उनके नाम वर्ष 2009-2010 की जमाबंदी में गैर मौरूसी दर्ज थी। उन्होंने जीपीए के माध्यम से यह भूमि प्रापर्टी डीलर को देखरेख के लिए दी। इस पर तीन भाइयों में से एक की मौत 29 दिसंबर 2013 को हो गई, लेकिन हैरानी की बात है कि एक रजिस्ट्री 10 जुलाई 2017 को उपरोक्त भाइयों की ओर से दी गई जीपीए के माध्यम से हो गई। बड़ी बात यह है कि इस रजिस्ट्री में जीपीए लेने वाले प्रभावशाली व्यक्ति ने मृत व्यक्ति को भी जीवित
बताया और यह रजिस्ट्री अपनी पत्नी के नाम करवा ली। जबकि जीपीए देने वाले व्यक्ति का निधन हो जाए तो जीपीए कानूनन निरस्त समझी जाती है, लेकिन इस
साजिश को मूर्त रूप देकर एक कथित तौर पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। हालांकि, इसकी अगली छानबीन के बाद सारी बातें सामने आएंगी। उन्होंने कहा कि इस बाबत उन्होंने पुलिस में ऑनलाइन शिकायत भी दे दी है। उधर, तहसीलदार पालमपुर वेदप्रकाश ने कहा कि मामले से जुड़े सभी लोगों को समन किया गया है। सभी पक्षों और दस्तावेजों को जांचा जाएगा। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इसमें कुछ गलत पाया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं डीएसपी अमित शर्मा ने कहा शिकायत आई है। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।

पालमपुर (कांगड़ा)। एक व्यक्ति की मौत के बाद उसकी जीपीए पर हुई रजिस्ट्री को लेकर अब एक व्यक्ति ने मृतक व्यक्ति के भाइयों के साथ एक प्रभावशाली व्यक्ति पर कई आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर उन्होंने पुलिस में भी ऑनलाइन शिकायत दे दी है। इस बाबत प्रवीण शर्मा निवासी फरेढ़ ने कहा कि क्यारवां के रहने वाले तीन भाइयों की 035.31 हेक्टेयर जमीन मोहाल भरेड़ तहसील पालमपुर में है। उनके नाम वर्ष 2009-2010 की जमाबंदी में गैर मौरूसी दर्ज थी। उन्होंने जीपीए के माध्यम से यह भूमि प्रापर्टी डीलर को देखरेख के लिए दी। इस पर तीन भाइयों में से एक की मौत 29 दिसंबर 2013 को हो गई, लेकिन हैरानी की बात है कि एक रजिस्ट्री 10 जुलाई 2017 को उपरोक्त भाइयों की ओर से दी गई जीपीए के माध्यम से हो गई। बड़ी बात यह है कि इस रजिस्ट्री में जीपीए लेने वाले प्रभावशाली व्यक्ति ने मृत व्यक्ति को भी जीवित

बताया और यह रजिस्ट्री अपनी पत्नी के नाम करवा ली। जबकि जीपीए देने वाले व्यक्ति का निधन हो जाए तो जीपीए कानूनन निरस्त समझी जाती है, लेकिन इस

साजिश को मूर्त रूप देकर एक कथित तौर पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। हालांकि, इसकी अगली छानबीन के बाद सारी बातें सामने आएंगी। उन्होंने कहा कि इस बाबत उन्होंने पुलिस में ऑनलाइन शिकायत भी दे दी है। उधर, तहसीलदार पालमपुर वेदप्रकाश ने कहा कि मामले से जुड़े सभी लोगों को समन किया गया है। सभी पक्षों और दस्तावेजों को जांचा जाएगा। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इसमें कुछ गलत पाया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं डीएसपी अमित शर्मा ने कहा शिकायत आई है। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।

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