महाराष्ट्र: भंडारा के अस्पताल में दर्दनाक हादसा, जिंदा जल गए 10 नवजात, पीएम मोदी ने जताया दुख

Published by Razak Mohammad on

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महाराष्ट्र के भंडारा में शुक्रवार देर रात दर्दनाक हादसा हुआ। रात दो बजे भंडारा के जिला अस्पताल के बीमार नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में आग लगने से 10 शिशुओं की मौत हो गई। यूनिट से सात शिशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर किया है। उन्होंने इसे हृदय विदारक हादसा करार दिया।

अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दुख जताया है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से इस हादसे को लेकर बातचीत की। साथ ही, मामले की जांच के आदेश दिए हैं।  उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर उन्हें यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दे। 
 

बताया जा रहा है कि इन बच्चों में की उम्र एक दिन से लेकर तीन महीने तक थी। अस्पताल की एक लापरवाही ने इन बच्चों की जान ले ली। जानकारी के मुताबिक आईसीयू वार्ड में कुल 17 बच्चे मौजूद थे जिनमें से सात को ही बचाया जा सका। बताया जा रहा है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने वार्ड का दरवाजा खोला तो अंदर धुआं ही धुआं था। उसने तुरंत अधिकारियों को इस बारे में बताया। इसके बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची और आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक 10 मासूमों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। आग लगने की वजह अभी तक सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, इसकी वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। 

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने भी इस हादसे पर दुख जाहिर किया। इस दौरान उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया।

महाराष्ट्र के भंडारा में शुक्रवार देर रात दर्दनाक हादसा हुआ। रात दो बजे भंडारा के जिला अस्पताल के बीमार नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में आग लगने से 10 शिशुओं की मौत हो गई। यूनिट से सात शिशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर किया है। उन्होंने इसे हृदय विदारक हादसा करार दिया।

अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दुख जताया है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से इस हादसे को लेकर बातचीत की। साथ ही, मामले की जांच के आदेश दिए हैं।  उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर उन्हें यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दे। 

 

बताया जा रहा है कि इन बच्चों में की उम्र एक दिन से लेकर तीन महीने तक थी। अस्पताल की एक लापरवाही ने इन बच्चों की जान ले ली। जानकारी के मुताबिक आईसीयू वार्ड में कुल 17 बच्चे मौजूद थे जिनमें से सात को ही बचाया जा सका। बताया जा रहा है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने वार्ड का दरवाजा खोला तो अंदर धुआं ही धुआं था। उसने तुरंत अधिकारियों को इस बारे में बताया। इसके बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची और आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक 10 मासूमों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। आग लगने की वजह अभी तक सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, इसकी वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। 

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने भी इस हादसे पर दुख जाहिर किया। इस दौरान उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया।



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