महाराष्ट्रः प्याज निर्यात पर रोक से किसानों में नाराजगी, मुंबई-आगरा हाईवे जाम कर जताया विरोध

Published by Razak Mohammad on

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प्याज के निर्यात पर रोक लगाने के फैसले को लेकर राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार के मंत्री केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक हो गए हैं। वहीं, प्याज उत्पादक किसान भी सड़क पर उतर आए हैं। प्रदेश के मंत्रियों ने केंद्र सरकार से प्याज निर्यात पर प्रतिबंध को तत्काल हटाने की मांग की है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस की ओर से बुधवार को राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की गई है।

प्याज के निर्यात पर रोक लगाने के विरोध में नासिक और अहमदनगर में किसानों ने आंदोलन किया। कई जगह रास्ता रोका गया और एशिया के सबसे बड़ी प्याज की मंडी लासलगांव में प्याज की नीलामी रोक दी गई। नासिक के प्याज उत्पादक किसान भागवत सोनावणे ने बताया कि कोरोना संकट के चलते वैसे भी किसान परेशान हैं। प्याज निर्यात पर पाबंदी से किसानों की स्थिति और खराब होगी।

सोनानणे ने कहा कि केंद्र सरकार ने भले ही निर्यात पर रोक लगाई है लेकिन ज्यादातर प्याज देश में ही जा रही है। बारिश के चलते अगले दो-तीन महीने के बाद ही प्याज की नई फसल आएगी। इसलिए निर्यात पर रोक लगाए जाने के बावजूद प्याज की कीमत कम नहीं होगी। फिलहाल, मार्च-अप्रैल की प्याज ही देश के कोने-कोने में भेजी जा रही है। इसमें से भी आधी प्याज खराब हो चुकी है जिससे किसानों पर दोहरी मार पड़ी है।

प्याज निर्यात प्रतिबंध के फैसले पर पुनर्विचार करे सरकार : पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को  केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर प्याज के  निर्यात पर ‘एकाएक ’ लगाए प्रतिबंध के फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह किया है। पवार ने कहा कि सरकार के इस कदम से पाकिस्तान जैसे देशों को फायदा होगा।  पवार ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोयल ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार इस मुद्दे पर वाणिज्य, वित्त और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालयों के बीच आम सहमति होने पर निर्णय पर पुनर्विचार करेगी।

एनसीपी प्रमुख व पूर्व केंद्रीय मंत्री पवार ने गोयल को बताया कि निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमोडिटी के ‘विश्वसनीय’ आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की छवि को ‘नुकसान’ होगा। इसके साथ ही उन्होंने गोयल को बताया कि सरकार के इस फैसले से महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक बेल्ट में लोगों में रोष और नाराजगी है। दुनिया भर में लगातार भारत के प्याज की मांग बनी हुई है और हम लगातार इसका निर्यात कर रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार के अचानक प्रतिबंध लगाने के फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की भरोसेमंद प्याज निर्यातक देश की छवि को नुकसान पहुंचेगा। और इसका फायदा पाकिस्तान जैसे देशों को मिलेगा। मालूम हो कि घरेलू बाजार में प्याज की बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए केंद्र सरकार ने सोमवार को प्याज के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया था।

केंद्र सरकार का फैसला गलत -थोरात

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात ने कहा कि केंद्र सरकार का फैसला गलत है। प्याज निर्यात पर लगी रोक को हटाने के लिए बुधवार को कांग्रेस की ओर से राज्य भर में आंदोलन किया जाएगा।

भाजपा ने भी की निर्यात पर पाबंदी हटाने की मांग

वहीं, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अनिल बोंडे ने कहा कि प्याज निर्यात पर लगी रोक को हटाने का प्रयास चल रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री गोयल से बातचीत की है।

प्याज के निर्यात पर रोक लगाने के फैसले को लेकर राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार के मंत्री केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक हो गए हैं। वहीं, प्याज उत्पादक किसान भी सड़क पर उतर आए हैं। प्रदेश के मंत्रियों ने केंद्र सरकार से प्याज निर्यात पर प्रतिबंध को तत्काल हटाने की मांग की है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस की ओर से बुधवार को राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की गई है।

प्याज के निर्यात पर रोक लगाने के विरोध में नासिक और अहमदनगर में किसानों ने आंदोलन किया। कई जगह रास्ता रोका गया और एशिया के सबसे बड़ी प्याज की मंडी लासलगांव में प्याज की नीलामी रोक दी गई। नासिक के प्याज उत्पादक किसान भागवत सोनावणे ने बताया कि कोरोना संकट के चलते वैसे भी किसान परेशान हैं। प्याज निर्यात पर पाबंदी से किसानों की स्थिति और खराब होगी।

सोनानणे ने कहा कि केंद्र सरकार ने भले ही निर्यात पर रोक लगाई है लेकिन ज्यादातर प्याज देश में ही जा रही है। बारिश के चलते अगले दो-तीन महीने के बाद ही प्याज की नई फसल आएगी। इसलिए निर्यात पर रोक लगाए जाने के बावजूद प्याज की कीमत कम नहीं होगी। फिलहाल, मार्च-अप्रैल की प्याज ही देश के कोने-कोने में भेजी जा रही है। इसमें से भी आधी प्याज खराब हो चुकी है जिससे किसानों पर दोहरी मार पड़ी है।

प्याज निर्यात प्रतिबंध के फैसले पर पुनर्विचार करे सरकार : पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को  केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर प्याज के  निर्यात पर ‘एकाएक ’ लगाए प्रतिबंध के फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह किया है। पवार ने कहा कि सरकार के इस कदम से पाकिस्तान जैसे देशों को फायदा होगा।  पवार ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोयल ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार इस मुद्दे पर वाणिज्य, वित्त और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालयों के बीच आम सहमति होने पर निर्णय पर पुनर्विचार करेगी।

एनसीपी प्रमुख व पूर्व केंद्रीय मंत्री पवार ने गोयल को बताया कि निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमोडिटी के ‘विश्वसनीय’ आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की छवि को ‘नुकसान’ होगा। इसके साथ ही उन्होंने गोयल को बताया कि सरकार के इस फैसले से महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक बेल्ट में लोगों में रोष और नाराजगी है। दुनिया भर में लगातार भारत के प्याज की मांग बनी हुई है और हम लगातार इसका निर्यात कर रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार के अचानक प्रतिबंध लगाने के फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की भरोसेमंद प्याज निर्यातक देश की छवि को नुकसान पहुंचेगा। और इसका फायदा पाकिस्तान जैसे देशों को मिलेगा। मालूम हो कि घरेलू बाजार में प्याज की बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए केंद्र सरकार ने सोमवार को प्याज के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया था।

केंद्र सरकार का फैसला गलत -थोरात

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात ने कहा कि केंद्र सरकार का फैसला गलत है। प्याज निर्यात पर लगी रोक को हटाने के लिए बुधवार को कांग्रेस की ओर से राज्य भर में आंदोलन किया जाएगा।

भाजपा ने भी की निर्यात पर पाबंदी हटाने की मांग

वहीं, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अनिल बोंडे ने कहा कि प्याज निर्यात पर लगी रोक को हटाने का प्रयास चल रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री गोयल से बातचीत की है।



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