मन की बात में पीएम मोदी ने पूर्व पीएम नरसिम्हा राव को इस तरह किया याद

Published by Razak Mohammad on


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 28 Jun 2020 12:06 PM IST

मन की बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
– फोटो : Twitter

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कोरोना, लॉकडाउन, अनलॉक, मानसून, भारत-चीन विवाद सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज 28 जून को भारत अपने भूतपूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव जी को श्रद्धांजलि दे रहा है। आज से उनकी जन्म शताब्दी शुरू हो रही है। वह स्वाभाविक राजनेता थे। कई भाषाओं को जानते थे। वह अपनी आवाज बुलंद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते थे।’

बता दें कि पीवी नरसिम्हा राव देश के नौवें प्रधानमंत्री थे। 1991 से 1996 तक उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सेवा की। उन्हें लाइसेंस राज के निराकरण के लिए जिम्मेदार माना जाता है। उन्होंने राजीव गांधी सरकार की समाजवादी नीतियों को पलट दिया था। उन्हें ‘भारतीय आर्थिक सुधारों के जनक’ के रूप में जाना जाता है।

यह भी पढ़ें- पीएम मोदी का चीन को कड़ा संदेश, भारत दोस्ती के साथ आंख में आंख डालकर जवाब देना भी जानता है

नई दिल्ली में साल 2004 में पूर्व प्रधानमंत्री का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार हैदराबाद में किया गया। वह विभिन्न विषयों (राजनीति के अलावा) जैसे साहित्य और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर (कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सहित) के बहुमुखी विचारक थे। वे 17 भाषाएं बोल सकते थे। हालांकि उनके कार्यकाल के दौरान उनकी आलोचना हुई और यहां तक कि बाद में उनकी ही पार्टी ने उन्हें दरकिनार कर दिया।

भारत दोस्ती के साथ आंख में आंख डालकर जवाब देना भी जानता है
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में कहा कि हाल ही में दुनिया ने अपनी सीमाओं और संप्रभुता की रक्षा के लिए भारत की प्रतिबद्धता को देखा है। उन्होंने कहा कि लद्दाख में भारत की भूमि पर आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला है। भारत मित्रता निभाना जानता है, तो आंख में आंख डालकर देखना और उचित जवाब देना भी जानता है। वहीं, प्रधानमंत्री ने लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद हुए जवानों को याद किया। उन्होंने कहा कि लद्दाख में हमारे जो वीर जवान शहीद हुए हैं, उनके शौर्य को पूरा देश नमन कर रहा है, श्रद्धांजलि दे रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कोरोना, लॉकडाउन, अनलॉक, मानसून, भारत-चीन विवाद सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज 28 जून को भारत अपने भूतपूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव जी को श्रद्धांजलि दे रहा है। आज से उनकी जन्म शताब्दी शुरू हो रही है। वह स्वाभाविक राजनेता थे। कई भाषाओं को जानते थे। वह अपनी आवाज बुलंद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते थे।’

बता दें कि पीवी नरसिम्हा राव देश के नौवें प्रधानमंत्री थे। 1991 से 1996 तक उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सेवा की। उन्हें लाइसेंस राज के निराकरण के लिए जिम्मेदार माना जाता है। उन्होंने राजीव गांधी सरकार की समाजवादी नीतियों को पलट दिया था। उन्हें ‘भारतीय आर्थिक सुधारों के जनक’ के रूप में जाना जाता है।

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नई दिल्ली में साल 2004 में पूर्व प्रधानमंत्री का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार हैदराबाद में किया गया। वह विभिन्न विषयों (राजनीति के अलावा) जैसे साहित्य और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर (कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सहित) के बहुमुखी विचारक थे। वे 17 भाषाएं बोल सकते थे। हालांकि उनके कार्यकाल के दौरान उनकी आलोचना हुई और यहां तक कि बाद में उनकी ही पार्टी ने उन्हें दरकिनार कर दिया।

भारत दोस्ती के साथ आंख में आंख डालकर जवाब देना भी जानता है
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में कहा कि हाल ही में दुनिया ने अपनी सीमाओं और संप्रभुता की रक्षा के लिए भारत की प्रतिबद्धता को देखा है। उन्होंने कहा कि लद्दाख में भारत की भूमि पर आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला है। भारत मित्रता निभाना जानता है, तो आंख में आंख डालकर देखना और उचित जवाब देना भी जानता है। वहीं, प्रधानमंत्री ने लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद हुए जवानों को याद किया। उन्होंने कहा कि लद्दाख में हमारे जो वीर जवान शहीद हुए हैं, उनके शौर्य को पूरा देश नमन कर रहा है, श्रद्धांजलि दे रहा है।



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